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जल संरक्षण अवार्ड लेने के लिए आगे नहीं आ रही पंचायतें
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नौ पंचायतों को करना है सम्मानित, पांच ने ही किए आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल संरक्षण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जनस्वास्थ्य विभाग ने दर्जन भर गांवों में जल संरक्षण के लिए बैठकें कर लोगों को जागरूक किया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली जिले की नौ पंचायतों को 26 जनवरी पर मुख्यातिथि द्वारा सम्मानित करवाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने सभी पंचायतों से 31 दिसंबर 2018 तक आवेदन मांगे थे। इस कार्य में पंचायतों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण जन स्वास्थ्य विभाग को अभी तक इस काम के लिए अभी तक पंाच ही पंचायतों ने आवेदन किया है।
इसमें एक और खास बात यह है कि इनमें दो पंचायतें अलेवा, दो जींद और एक नरवाना से आगे आई हैं। अभी तक पिल्लूखेड़ा, जुलाना, उचाना और सफीदों खंड से किसी भी पंचायत ने इस सम्मान समारोह में सम्मानित होने तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में आगे आने की कोशिश भी नहीं की। 26 जनवरी को जल संरक्षण के क्षेत्र में वह नौ पंचायतें सम्मानित होंगी। जिन्होंने जल संरक्षण के लिए अपने गांव में बेहतर कार्य किया है। इसके लिए गांव के 100 फीसदी नलों पर टेप होनी चाहिए और गांव में कोई भी अवैध कनेक्शन नहीं होना चाहिए। जन स्वास्थ्य विभाग ने सभी पंचायतों को इस काम में आगे आने के लिए निर्देश भी दिए थे। इसके चलते भी पंचायतों ने इस काम में कोई रुचि नहीं दिखाई।
अंतिम तारीख बढ़ाने पर होगा विचार : मताना
जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों के कम आवेदन मिले हैं। इसके कारण अब दोबारा से आवेदन करने का एक मौका और दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा अंतिम तारीख बता दी जीएगी, ताकि इस क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली पंचायतें सम्मानित हो सके।
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रणधीर मताना जिला जल संरक्षण सलाहकार।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल संरक्षण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जनस्वास्थ्य विभाग ने दर्जन भर गांवों में जल संरक्षण के लिए बैठकें कर लोगों को जागरूक किया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली जिले की नौ पंचायतों को 26 जनवरी पर मुख्यातिथि द्वारा सम्मानित करवाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने सभी पंचायतों से 31 दिसंबर 2018 तक आवेदन मांगे थे। इस कार्य में पंचायतों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण जन स्वास्थ्य विभाग को अभी तक इस काम के लिए अभी तक पंाच ही पंचायतों ने आवेदन किया है।
इसमें एक और खास बात यह है कि इनमें दो पंचायतें अलेवा, दो जींद और एक नरवाना से आगे आई हैं। अभी तक पिल्लूखेड़ा, जुलाना, उचाना और सफीदों खंड से किसी भी पंचायत ने इस सम्मान समारोह में सम्मानित होने तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में आगे आने की कोशिश भी नहीं की। 26 जनवरी को जल संरक्षण के क्षेत्र में वह नौ पंचायतें सम्मानित होंगी। जिन्होंने जल संरक्षण के लिए अपने गांव में बेहतर कार्य किया है। इसके लिए गांव के 100 फीसदी नलों पर टेप होनी चाहिए और गांव में कोई भी अवैध कनेक्शन नहीं होना चाहिए। जन स्वास्थ्य विभाग ने सभी पंचायतों को इस काम में आगे आने के लिए निर्देश भी दिए थे। इसके चलते भी पंचायतों ने इस काम में कोई रुचि नहीं दिखाई।
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अंतिम तारीख बढ़ाने पर होगा विचार : मताना
जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों के कम आवेदन मिले हैं। इसके कारण अब दोबारा से आवेदन करने का एक मौका और दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा अंतिम तारीख बता दी जीएगी, ताकि इस क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली पंचायतें सम्मानित हो सके।
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रणधीर मताना जिला जल संरक्षण सलाहकार।