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तीन दोस्त एक साथ दुनिया से हुए विदा, गले लग कर मौत को लगाया गले

Thu, 23 Aug 2018 12:09 AM IST
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:09 AM IST
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तीन दोस्त एक साथ दुनिया से हुए विदा, गले लग कर मौत को लगाया गले
गले लगकर तीन दोस्तों ने मौत को लगाया गले
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना, टोहाना। दिल्ली-बठिंडा रेलवे ट्रैक पर कालवन गांव में बुर्जी नंबर 186 के पास जिला फतेहाबाद के कंहड़ी गांव निवासी मोनू (18), अशोक (30) और नवीन (19) नामक युवकों के शव मिले। रेलवे पुलिस का मानना है कि तीनों ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या की है। तीनों में पक्की दोस्ती थी। उन्होंने आपस में गले मिलकर मौत को गले लगाया है। मौत के बाद भी तीनों दोस्तों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। रेलवे ट्रैक पर देखा गया कि एक ने दूसरे के गले में हाथ डाल रखा था, जिससे लगता है कि तीनों दोस्तों ने साथ जीने और मरने की कसमें खाई हुई थीं। तीनों दोस्त व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे। अशोक के परिवार के युवक अजय ने बताया कि अशोक ने ग्रुप में लिखा है कि यह जिंदगी का आखिरी मैसेज है। इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया। इससे यह मामला आत्महत्या का लगता है।
पुलिस के अनुसार नवीन, अशोक और मोनू में पिछले चार-पांच साल से गहरी दोस्ती थी। तीनों अधिकांश समय साथ बिताते थे। मंगलवार को भी तीनों इकट्ठे दोपहर बाद कुरुक्षेत्र जाने की बात कहकर घर से निकले थे। बुधवार को तीनों दोस्तों के शव फतेहाबाद के कंहड़ी गांव स छह किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर मिले। राहगीरों ने शव देखकर इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी। जीआरपी एसएचओ बलवंत सिंह और नरवाना चौकी इंचार्ज सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्हें आत्महत्या करने वाले युवकों में से एक का फोन बजते मिला। इस पर उन्होंने परिजनों को युवकों के शव ट्रैक पर पड़े होने की जानकारी दी। रेलवे पुलिस तीनों शवों को नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची।
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परिजनों ने बताया कि नवीन 12वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद फोटोग्राफी की दुकान पर काम करने लगा था, जबकि मोनू दसवीं कक्षा का छात्र था। अशोक ने टोहाना आईटीआई से इलेक्ट्रिशन का डिप्लोमा किया हुआ था। वह गांव में ही बिजली रिपेयर का काम करता था।
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फोटोग्राफी का काम छोड़ना चाहता था नवीन
नवीन और उसके दो भाई कंहड़ी गांव में राज फोटो स्टूडियो के नाम से फोटोग्राफी की दुकान चलाते हैं। नवीन भी बारहवीं पास करने के बाद फोटोग्राफी की दुकान पर काम कर रहा था। नवीन का फोटोग्राफी के काम में ध्यान कम था। वह किसी दूसरे काम की तलाश में था। नवीन के चचेरे भाई ने उसके लिए हिसार के एक जिम में नौकरी की बात की थी। नवीन को जल्द ही जिम में नौकरी करने के लिए जाना था, लेकिन उससे पहले ही उसने दोस्तों के साथ आत्महत्या कर ली ।
‘यारों दा यार’ और ‘ओनली स्टेटस’ के नाम से चलाते थे ग्रुप
तीनों फेसबुक पर ‘यारों दा यार’ नाम का पेज बनाने के अलावा व्हाट्सएप पर ‘ओनली स्टेटस’ के नाम सेे ग्रुप बनाया हुआ था। आत्महत्या करने के से पहले नवीन और अशोक ने व्हाट्सएप पर आखिरी मैसेज डालकर लिखा था कि ‘यह जिंदगी का आखिरी मैसेज है’। इसके बाद नवीन और अशोक ने अपना फोन बंद कर लिया, जबकि मोनू का फोन ऑन ही रहा।
एक साथ जलीं तीन चिताएं
बुधवार को जिला फतेहाबाद के गांव कंहड़ी में एक साथ तीन चिताएं जलीं। जिसको लेकर पूरे गांव में मातम पसरा रहा। श्मशान घाट में गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। गांव में पूरे दिन तीनों की दोस्ती की बातें होती रहीं। हर कोई तीनों द्वारा सुसाइड करने का पता लगाने में जुटे रहे, लेकिन किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर तीनों ने आत्महत्या क्यों की?

तीनों युवकों के परिजनों ने पुलिस को बयान दिए हैं। इनमें किसी प्रकार के व्हाट्सएप ग्रुप या फेसबुक की बात नहीं बताई है। फिर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने सिर्फ इतना कहा है कि वे घर से कुरुक्षेत्र जाने की बात कहकर निकले थे। जांच के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।
बलवंत सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी
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