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पांच करोड़ 38 लाख से जुलाना क्षेत्र में सुधरेगी सिंचाई व्यवस्था, आठ हजार एकड़ को मिलेगा लाभ
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जुलाना विधानसभा क्षेत्र में पांच करोड़ 38 लाख रुपये से सिंचाई की स्थिति सुधरेगी। इसके लिए ग्रांट जारी हुई है। विधायक ढुल का कहना है कि उनके प्रयासों से किसानों को लाभ हुआ है। उन्होंने सिंचाई की इन व्यवस्थाओं का रोड मैप खुद तैयार करवाया है। विधायक परमेंद्र ढुल ने बताया कि तीन करोड़ 77 लाख 43 हजार रुपये से बराड़खेड़ा माइनर के पुनर्निर्माण के बाद एक करोड़ 60 लाख 43 हजार रुपये की लागत से बराड़खेड़ा माइनर का निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे पहले एक करोड़ 10 लाख रुपये वर्ष 2016 में मंजूर हो चुके हैं। ढुल के अनुसार इन सब कार्यों के पूरा हो सकने से लगभग 45 से ज्यादा गांवों के खेतों को पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो पाएगा। इनमें से काफी गांव ऐसे हैं जहां 13 वर्षों से पानी नहीं पहुंचा है। इस माइनर से बुराडैहर, बराड़खेड़ा, बुआना, ईगराह, बहबलपुर, बीबीपुर, किनाना और गतौली समेत 11 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
परियोजनाओं को मंजूर करवाने में नेता प्रतिपक्ष का रहा अहम योगदान
विधायक ढुल ने कहा कि हलके के सभी कार्यों को मंजूरी विधानसभा में लंबे संघर्ष के बाद मिली है। 2014 से 2018 तक इन परियोजनाओं के लिए विधानसभा में संघर्ष किया ताकि सिंचाई के लिए किसान को परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस कार्य को स्वीकृति दिलवाने में नेता प्रतिपक्ष का विशेष योगदान रहा है।
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जींद। जुलाना विधानसभा क्षेत्र में पांच करोड़ 38 लाख रुपये से सिंचाई की स्थिति सुधरेगी। इसके लिए ग्रांट जारी हुई है। विधायक ढुल का कहना है कि उनके प्रयासों से किसानों को लाभ हुआ है। उन्होंने सिंचाई की इन व्यवस्थाओं का रोड मैप खुद तैयार करवाया है। विधायक परमेंद्र ढुल ने बताया कि तीन करोड़ 77 लाख 43 हजार रुपये से बराड़खेड़ा माइनर के पुनर्निर्माण के बाद एक करोड़ 60 लाख 43 हजार रुपये की लागत से बराड़खेड़ा माइनर का निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे पहले एक करोड़ 10 लाख रुपये वर्ष 2016 में मंजूर हो चुके हैं। ढुल के अनुसार इन सब कार्यों के पूरा हो सकने से लगभग 45 से ज्यादा गांवों के खेतों को पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो पाएगा। इनमें से काफी गांव ऐसे हैं जहां 13 वर्षों से पानी नहीं पहुंचा है। इस माइनर से बुराडैहर, बराड़खेड़ा, बुआना, ईगराह, बहबलपुर, बीबीपुर, किनाना और गतौली समेत 11 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
परियोजनाओं को मंजूर करवाने में नेता प्रतिपक्ष का रहा अहम योगदान
विधायक ढुल ने कहा कि हलके के सभी कार्यों को मंजूरी विधानसभा में लंबे संघर्ष के बाद मिली है। 2014 से 2018 तक इन परियोजनाओं के लिए विधानसभा में संघर्ष किया ताकि सिंचाई के लिए किसान को परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस कार्य को स्वीकृति दिलवाने में नेता प्रतिपक्ष का विशेष योगदान रहा है।
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