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अलेवा पीएचसी में पहुंची गर्भवती महिला, प्रसव कक्ष का स्टाफ मिला नदारद
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अलेवा। हमेशा अपनी कार्यशैली के लिए चर्चा में रहने वाले स्वास्थ्य विभाग की हालत नहीं सुधर रही है। शनिवार को भी ऐसा ही मामला अलेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम से स्टाफ नर्स नदारद मिली, जबकि रजिस्टर में हाजिरी लगी हुई है। एसएमओ डॉ. अरुण कुमार ने ड्यूटी से नदारद होने रहने वाली रजिस्टर में हाजिरी लगाने वाली दूसरी स्टाफ दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को अलेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित लेबर रूम में एक स्टाफ नर्स की ड्यूटी थी। क्षेत्र से एक महिला लेबर रूम में आई, पर वहां पता चला कि यहां कोई स्टाफ मौजूद ही नहीं है। इस पर महिला ने कालवा सीएचसी के एसएमओ डॉ. अरुण कुमार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर की फोटो फोन पर मंगवाई तो पता चला कि जिस स्टाफ नर्स को लेबर रूम में होना चाहिए, उसकी हाजिरी लगी हुई है। वहीं दूसरी स्टाफ नर्स ने बताया कि वह परिवार में किसी की मौत होने के कारण घर चली गई है। इस मामले में हैरानी की बात यह है कि एसएमओ की जानकारी के बिना ही स्टाफ नर्स ने स्टेशन छोड़ दिया।
लेबर रूम से नदारद होने के कारण कम हो रही डिलिवरी
2019 में जनवरी में 14 प्रसूति हुई, जिसमें 10 लड़के, चार लड़की तथा 8 को रेफर किया गया। फरवरी 2018 में 13 प्रसूति हुई, जिसमें आठ लड़के, पांच लड़की तथा तीन को रेफर किया गया। 2019 फरवरी में केवल सात प्रसूति हुई, जिसमें चार लड़के, तीन लड़की तथा तीन को रेफर किया। मार्च 2018 में 17 डिलिवरी हुई जिसमें 11 लड़के, छह लड़की व पांच को रेफर किया गया। मार्च 2019 में केवल सात डिलिवरी र्हुई, जिसमें चार लड़के, तीन लड़की तथा 10 को रेफर किया गया। अप्रैल 2018 में 16 डिलिवरी हुई जिनमें नौ लड़के, सात लड़की तथा दो को रेफर किया गया। अप्रैल 2019 में केवल आठ डिलिवरी हुई, जिसमें छह लड़के, दो लड़की तथा नौ को रेफर किया गया।
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मामले में दोनों स्टाफ नर्सों की लापरवाही व अधिकारियों को धोखे में रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. अरुण कुमार, एसएमओ कालवा सीएचसी।
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स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को अलेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित लेबर रूम में एक स्टाफ नर्स की ड्यूटी थी। क्षेत्र से एक महिला लेबर रूम में आई, पर वहां पता चला कि यहां कोई स्टाफ मौजूद ही नहीं है। इस पर महिला ने कालवा सीएचसी के एसएमओ डॉ. अरुण कुमार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर की फोटो फोन पर मंगवाई तो पता चला कि जिस स्टाफ नर्स को लेबर रूम में होना चाहिए, उसकी हाजिरी लगी हुई है। वहीं दूसरी स्टाफ नर्स ने बताया कि वह परिवार में किसी की मौत होने के कारण घर चली गई है। इस मामले में हैरानी की बात यह है कि एसएमओ की जानकारी के बिना ही स्टाफ नर्स ने स्टेशन छोड़ दिया।
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लेबर रूम से नदारद होने के कारण कम हो रही डिलिवरी
2019 में जनवरी में 14 प्रसूति हुई, जिसमें 10 लड़के, चार लड़की तथा 8 को रेफर किया गया। फरवरी 2018 में 13 प्रसूति हुई, जिसमें आठ लड़के, पांच लड़की तथा तीन को रेफर किया गया। 2019 फरवरी में केवल सात प्रसूति हुई, जिसमें चार लड़के, तीन लड़की तथा तीन को रेफर किया। मार्च 2018 में 17 डिलिवरी हुई जिसमें 11 लड़के, छह लड़की व पांच को रेफर किया गया। मार्च 2019 में केवल सात डिलिवरी र्हुई, जिसमें चार लड़के, तीन लड़की तथा 10 को रेफर किया गया। अप्रैल 2018 में 16 डिलिवरी हुई जिनमें नौ लड़के, सात लड़की तथा दो को रेफर किया गया। अप्रैल 2019 में केवल आठ डिलिवरी हुई, जिसमें छह लड़के, दो लड़की तथा नौ को रेफर किया गया।
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मामले में दोनों स्टाफ नर्सों की लापरवाही व अधिकारियों को धोखे में रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. अरुण कुमार, एसएमओ कालवा सीएचसी।