{"_id":"5d03e90f8ebc3e3d553878a1","slug":"156053734813-jind-news84","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवेदना समिति की मीटिंग में अधिकारियों से नाखुश हुए वित्त मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवेदना समिति की मीटिंग में अधिकारियों से नाखुश हुए वित्त मंत्री
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जींद। शुक्रवार को जिला परिवेदना समिति की मीटिंग डीआरडीए हॉल में हुई। इस दौरान पेगां गांव में पंचायती जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज करने पर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अलेवा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह को तुरंत लाइन हाजिर करने के आदेश दिए। इस मामले में अलेवा के बीडीपीओ द्वारा 28 मई को अलेवा थाना में शिकायत दी गई थी। इस पर अभी तक एफआईआर नहीं हुई है। ऐसे में वित्तमंत्री ने इसे गंभीर मानते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने के आदेश दिए हैं। जिला परिवेदना समिति की बैठक में शिकायतों की सुनवाई करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक संस्कृति में शिकायतकर्ता के प्रति जो सहानुभूति होनी चाहिए वह नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग कब्जा करने वालों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, यह छोटी बात नहीं।
जिला परिवेदना समिति की बैठक में कुल 12 शिकायतें रखी गईं। इस दौरान शिकायत नंबर एक में नरवाना रोड निवासी शमशेर सिंह ने शिकायत दी कि नरवाना रोड पर राजा वाली गोहर पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इससे उसके मकान का रास्ता बंद हो गया है। इस पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवनीत नैन ने बताया कि रास्ता खुलवा दिया है। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि रास्ता निजी जमीन में से मिला है और कब्जा पहले की तरह ही बरकरार है। ऐसे में वित्तमंत्री ने कहा कि निजी जमीन में से रास्ता कभी भी बंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अवैध कब्जे की स्थिति साफ करें। उन्होंने कहा कि यह मामला तीन-चार मीटिंग में आ चुका है और अधिकारी इसके प्रति गंभीर नहीं हैं। ऐसे में एसडीएम सत्यवान मान ने खुद मामला संभालते हुए बताया कि यहां 115 लोगों ने कब्जा किया है और यह मामला अदालत में चल रहा है। 81 लोगों का फैसला हो गया है।
शिकायत नंबर दो में अलेवा निवासी मनफूल ने कहा कि पेगां गांव में जोहड़ व अन्य जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह कब्जा नहीं हटवा रहे हैं। ऐसे में वित्तमंत्री को बताया गया कि कब्जा नहीं है, लेकिन शिकायतकर्ता ने कहा कि फिलहाल वहां तूड़ी के कूप लगे हैं। ऐसे में मंत्री को बताया गया कि इस मामले में 28 मई को अलेवा थाना में एफआईआर के लिए शिकायत दी गई है। वित्तमंत्री ने कहा कि यह मामला जिला परिवेदना समिति की मीटिंग में आना था। इसके बावजूद इसे इसी प्रकार से डील किया गया है। सरकारी अधिकारी द्वारा शिकायत देने के बावजूद एफआईआर नहीं की गई। जनता के साथ कैसा व्यवहार होता होगा। उन्होंने कहा कि अलेवा थाना प्रभारी को तुरंत लाइन हाजिर किया जाए। साथ ही उन्होंने आदेश दिए कि एसडीएम मौके पर जाकर स्थिति देखें और इस मामले में एफआईआर करवाई जाए।
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रिपोर्टिंग नहीं ठीक
अन्य मामले में जुलाना निवासी विनोद कुमार ने शिकायत दी कि जुलाना में इंटरलॉकिंग का रोड बनाया गया है। यहां नाला भी बनना है, लेकिन ठेकेदार बना नहीं रहा है। इस पर जब पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवनीत नैन ने जवाब दिया तो वित्तमंत्री इससे असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने मौके पर जाकर देखा है तो एक्सईएन ने मना कर दिया। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्टिंग ठीक नहीं है। वहीं शिकायतकर्ता ने कहा कि इस मामले में जन स्वास्थ्य विभाग भी सही काम नहीं कर रहा है। इस पर परिवेदना समिति के दो सदस्यों को मामले की जिम्मेदारी लगाते हुए दोनों विभागों की संयुक्त मीटिंग के आदेश दिए।
डीएफएससी को बोले, ऐसे एसी कमरों में बैठने क्या फायदा
एक शिकायत में श्रीराग खेड़ा गांव निवासी महिला बीरमति ने कहा कि पहले उसे राशन मिलता था, लेकिन अब नहीं मिल रहा। इस पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य ने कहा कि महिला का राशन शुरू हो चुका है। इस पर मंत्री ने कहा कि राशन क्यों बंद हुआ और कितने दिन तक बंद रहा। डीएफएससी ने कहा कि ऑनलाइन में दिक्कत होने के कारण राशन बंद हुआ था। वहीं महिला ने बताया कि उसे दो साल तक राशन नहीं मिला। इस पर वित्तमंत्री ने आदेश दिए कि पता करवाया जाए कि कितने ऐसे राशन कार्ड हैं, जिनका राशन बंद हुआ है और उन्हें ठीक किया जाए। साथ ही उन्होंने कि कोई ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे पुरस्कार के तौर पर महिला को दो साल के राशन की रिकवरी हो सके। साथ ही उन्होंने महिला को आवाज उठाने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने डीएफएससी को कहा कि आप पूरे जिला की व्यवस्था देखते हैं। ऐसे आपका और हमारा एसी कमरों में बैठने का क्या फायदा है।’
पेंशन देरी से आने की करवाई जाएगी जांच
एक शिकायत में फैरण कलां गांव के बुजुर्गों ने कहा कि उन्हें तीन महीने से बुढ़ापा पेंशन नहीं मिल रही। हालांकि उनकी पेंशन दिलवाई जा चुकी है और वे मीटिंग में नहीं आए, लेकिन वित्तमंत्री ने जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज बाला से पूछा कि पेंशन कब तक खातों में जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार तो पेंशन पीछे से ही महीने के अंत में आती है। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि उनकी जानकारी में यह मामला नहीं है और इसकी जांच करवाई जाएगी।
गठबंधन पर बोले वित्तमंत्री-पाप की गठरी बेशक एक जगह हो जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता
जिला परिवेदना समिति की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्तमंत्री ने जनता आज भारतीय जनता पार्टी के साथ है। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अच्छा होगी कि कौरव सेना रूपी पाप की गठरी एक साथ हो जाए। इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इनेलो परिवार से अपना घर ही नहीं संभल रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को तो किराये पर मकान नहीं मिलता, जनता सत्ता कैसे दे देगी। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में खुद के अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले अध्यक्ष पर हमला हो वह कैसे प्रदेश संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 75 से अधिक सीट जीतने का जो लक्ष्य लिया है, उसे पूरा किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि हार के बाद भी विपक्ष सबक नहीं ले रहा है। वित्तमंत्री ने कहा कि पहले राजनेता जनता को बहका लेते थे, अब वो दौर चला गया है।
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जिला परिवेदना समिति की बैठक में कुल 12 शिकायतें रखी गईं। इस दौरान शिकायत नंबर एक में नरवाना रोड निवासी शमशेर सिंह ने शिकायत दी कि नरवाना रोड पर राजा वाली गोहर पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इससे उसके मकान का रास्ता बंद हो गया है। इस पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवनीत नैन ने बताया कि रास्ता खुलवा दिया है। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि रास्ता निजी जमीन में से मिला है और कब्जा पहले की तरह ही बरकरार है। ऐसे में वित्तमंत्री ने कहा कि निजी जमीन में से रास्ता कभी भी बंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अवैध कब्जे की स्थिति साफ करें। उन्होंने कहा कि यह मामला तीन-चार मीटिंग में आ चुका है और अधिकारी इसके प्रति गंभीर नहीं हैं। ऐसे में एसडीएम सत्यवान मान ने खुद मामला संभालते हुए बताया कि यहां 115 लोगों ने कब्जा किया है और यह मामला अदालत में चल रहा है। 81 लोगों का फैसला हो गया है।
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शिकायत नंबर दो में अलेवा निवासी मनफूल ने कहा कि पेगां गांव में जोहड़ व अन्य जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह कब्जा नहीं हटवा रहे हैं। ऐसे में वित्तमंत्री को बताया गया कि कब्जा नहीं है, लेकिन शिकायतकर्ता ने कहा कि फिलहाल वहां तूड़ी के कूप लगे हैं। ऐसे में मंत्री को बताया गया कि इस मामले में 28 मई को अलेवा थाना में एफआईआर के लिए शिकायत दी गई है। वित्तमंत्री ने कहा कि यह मामला जिला परिवेदना समिति की मीटिंग में आना था। इसके बावजूद इसे इसी प्रकार से डील किया गया है। सरकारी अधिकारी द्वारा शिकायत देने के बावजूद एफआईआर नहीं की गई। जनता के साथ कैसा व्यवहार होता होगा। उन्होंने कहा कि अलेवा थाना प्रभारी को तुरंत लाइन हाजिर किया जाए। साथ ही उन्होंने आदेश दिए कि एसडीएम मौके पर जाकर स्थिति देखें और इस मामले में एफआईआर करवाई जाए।
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रिपोर्टिंग नहीं ठीक
अन्य मामले में जुलाना निवासी विनोद कुमार ने शिकायत दी कि जुलाना में इंटरलॉकिंग का रोड बनाया गया है। यहां नाला भी बनना है, लेकिन ठेकेदार बना नहीं रहा है। इस पर जब पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवनीत नैन ने जवाब दिया तो वित्तमंत्री इससे असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने मौके पर जाकर देखा है तो एक्सईएन ने मना कर दिया। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्टिंग ठीक नहीं है। वहीं शिकायतकर्ता ने कहा कि इस मामले में जन स्वास्थ्य विभाग भी सही काम नहीं कर रहा है। इस पर परिवेदना समिति के दो सदस्यों को मामले की जिम्मेदारी लगाते हुए दोनों विभागों की संयुक्त मीटिंग के आदेश दिए।
डीएफएससी को बोले, ऐसे एसी कमरों में बैठने क्या फायदा
एक शिकायत में श्रीराग खेड़ा गांव निवासी महिला बीरमति ने कहा कि पहले उसे राशन मिलता था, लेकिन अब नहीं मिल रहा। इस पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य ने कहा कि महिला का राशन शुरू हो चुका है। इस पर मंत्री ने कहा कि राशन क्यों बंद हुआ और कितने दिन तक बंद रहा। डीएफएससी ने कहा कि ऑनलाइन में दिक्कत होने के कारण राशन बंद हुआ था। वहीं महिला ने बताया कि उसे दो साल तक राशन नहीं मिला। इस पर वित्तमंत्री ने आदेश दिए कि पता करवाया जाए कि कितने ऐसे राशन कार्ड हैं, जिनका राशन बंद हुआ है और उन्हें ठीक किया जाए। साथ ही उन्होंने कि कोई ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे पुरस्कार के तौर पर महिला को दो साल के राशन की रिकवरी हो सके। साथ ही उन्होंने महिला को आवाज उठाने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने डीएफएससी को कहा कि आप पूरे जिला की व्यवस्था देखते हैं। ऐसे आपका और हमारा एसी कमरों में बैठने का क्या फायदा है।’
पेंशन देरी से आने की करवाई जाएगी जांच
एक शिकायत में फैरण कलां गांव के बुजुर्गों ने कहा कि उन्हें तीन महीने से बुढ़ापा पेंशन नहीं मिल रही। हालांकि उनकी पेंशन दिलवाई जा चुकी है और वे मीटिंग में नहीं आए, लेकिन वित्तमंत्री ने जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज बाला से पूछा कि पेंशन कब तक खातों में जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार तो पेंशन पीछे से ही महीने के अंत में आती है। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि उनकी जानकारी में यह मामला नहीं है और इसकी जांच करवाई जाएगी।
गठबंधन पर बोले वित्तमंत्री-पाप की गठरी बेशक एक जगह हो जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता
जिला परिवेदना समिति की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्तमंत्री ने जनता आज भारतीय जनता पार्टी के साथ है। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अच्छा होगी कि कौरव सेना रूपी पाप की गठरी एक साथ हो जाए। इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इनेलो परिवार से अपना घर ही नहीं संभल रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को तो किराये पर मकान नहीं मिलता, जनता सत्ता कैसे दे देगी। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में खुद के अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले अध्यक्ष पर हमला हो वह कैसे प्रदेश संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 75 से अधिक सीट जीतने का जो लक्ष्य लिया है, उसे पूरा किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि हार के बाद भी विपक्ष सबक नहीं ले रहा है। वित्तमंत्री ने कहा कि पहले राजनेता जनता को बहका लेते थे, अब वो दौर चला गया है।