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बीडीपीओ कार्यालय की 31 दुकानों को खाली करवा दोबारा लगेगी बोली
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सफीदों। बीडीपीओ कार्यालय स्थित 31 दुकानों के किरायेदारों को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने दुकानें खाली करने का फरमान जारी कर दिया है। बीडीपीओ कार्यालय द्वारा इन दुकानों की 12 जून को दोबारा बोली करवाई जानी है। इससे यहां वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों में हड़कंप मचने के साथ ही रोष है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि अधिकतर लोगों ने दुकान सीधे बीडीपीओ कार्यालय की बोली से नहीं, दूसरे लोगों से किराये पर ले रखी हैं। बोली प्रक्रिया रद्द करवाने की मांग को लेकर दुकानदारों ने एसडीएम मनदीप कुमार से गुहार लगाई है।
जानकारी के लिए 31 दुकानों की बोली पहले चार जून को निर्धारित थी, लेकिन अब इसे 12 जून को करवाया जाना है। अब बोली को रद्द करवाने की मांग को लेकर दुकानदार एसडीएम मनदीप कुमार से मिलने पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। सतबीर, रमेश, रामनिवास, राजेंद्र, ओमप्रकाश, हितेंद्र, जोगिंद्र सिंह, उषा रानी, महा सिंह, चंद्रभान, सतबीर, रामफल, जितेंद्रपाल, दीपक व विक्की समेत अनेक दुकानदारों का कहना है कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के बाहर स्थित 31 दुकानें उन्होंने पिछले 25-30 सालों से किराये पर ली हुई है। वे अपना किराया निर्धारित समय पर भरते आ रहे हैं। उनके द्वारा भरे गए किराये की सभी रसीदें उनके पास हैं। इन दुकानों के लिए उन्होंने बतौर सिक्योरिटी राशि भी जमा करवाई हुई है। वे पिछले लंबे समय से इन दुकानों में छोटे-छोटे रोजगार कर रहे हैं। उनके परिवार का गुजर-बसर इन दुकानों से ही हो रहा है। इसके अलावा आय का उनके पास कोई अन्य साधन नहीं है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी उनके रोजगार को मिटाने के मकसद से उन्हें 27 मई को ये दुकानें खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। ज्ञापन लेकर एसडीएम मनदीप कुमार दुकानदारों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
400 से 800 रुपये में बोली पर लेते हैं दुकान, खुद वसूलते हैं दस से 12 हजार किराया
हर दो साल बाद बोली करवाने का नियम है। अधिकतर दुकानदारों ने 400 से 800 रुपये प्रति माह पर अपने नाम बोली ले रखी है, लेकिन ये पैसे भी दुकानदार बार-बार नोटिस निकालने जाने के बाद भी समय पर नहीं देते। ऐसे में बोली को हुए दो साल से भी अधिक हो गया और अधिकतर दुकानदारों ने तो एक वर्ष के एक-एक लाख रुपये में दूसरे लोगों को किराये पर बैठा रखा है। यह नियम का उल्लंघन है।
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जितेंद्र शर्मा, बीडीपीओ
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जानकारी के लिए 31 दुकानों की बोली पहले चार जून को निर्धारित थी, लेकिन अब इसे 12 जून को करवाया जाना है। अब बोली को रद्द करवाने की मांग को लेकर दुकानदार एसडीएम मनदीप कुमार से मिलने पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। सतबीर, रमेश, रामनिवास, राजेंद्र, ओमप्रकाश, हितेंद्र, जोगिंद्र सिंह, उषा रानी, महा सिंह, चंद्रभान, सतबीर, रामफल, जितेंद्रपाल, दीपक व विक्की समेत अनेक दुकानदारों का कहना है कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के बाहर स्थित 31 दुकानें उन्होंने पिछले 25-30 सालों से किराये पर ली हुई है। वे अपना किराया निर्धारित समय पर भरते आ रहे हैं। उनके द्वारा भरे गए किराये की सभी रसीदें उनके पास हैं। इन दुकानों के लिए उन्होंने बतौर सिक्योरिटी राशि भी जमा करवाई हुई है। वे पिछले लंबे समय से इन दुकानों में छोटे-छोटे रोजगार कर रहे हैं। उनके परिवार का गुजर-बसर इन दुकानों से ही हो रहा है। इसके अलावा आय का उनके पास कोई अन्य साधन नहीं है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी उनके रोजगार को मिटाने के मकसद से उन्हें 27 मई को ये दुकानें खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। ज्ञापन लेकर एसडीएम मनदीप कुमार दुकानदारों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
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400 से 800 रुपये में बोली पर लेते हैं दुकान, खुद वसूलते हैं दस से 12 हजार किराया
हर दो साल बाद बोली करवाने का नियम है। अधिकतर दुकानदारों ने 400 से 800 रुपये प्रति माह पर अपने नाम बोली ले रखी है, लेकिन ये पैसे भी दुकानदार बार-बार नोटिस निकालने जाने के बाद भी समय पर नहीं देते। ऐसे में बोली को हुए दो साल से भी अधिक हो गया और अधिकतर दुकानदारों ने तो एक वर्ष के एक-एक लाख रुपये में दूसरे लोगों को किराये पर बैठा रखा है। यह नियम का उल्लंघन है।
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जितेंद्र शर्मा, बीडीपीओ