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कोर्ट ने दिया दोषी करार, सुनते ही फारा हुआ दुष्कर्म का दोषी
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कोर्ट ने दिया दोषी करार, सुनते ही फारा हुआ दुष्कर्म का दोषी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। किशोरी को भगाने और दुराचार करने वाले युवक को अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने का फैसला सुनते ही अदालत से फरार हो गया था। अब अदालत ने युवत की जमानत रद्द करते हुए 11 फरवरी तक अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
नरवाना पुलिस एक महिला की शिकायत पर 2016 ढाकल गांव निवासी संदीप के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने कहा कि उसकी 17 वर्षीय जब पढ़ने के लिए स्कूल जाती थी तो उसे ढाकल गांव निवासी संदीप परेशान करता था। इस पर 10 अक्टूबर 2015 को नरवाना शहर थाना में भी शिकायत दर्ज करवाई थी। इस पर छह जून 2016 को संदीप उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर भगा ले गया और उसके साथ दुराचार किया। उस समय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था और बाद में किशोरी को बरामद कर लिया। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। इसी बीच में युवक को जमानत मिल गई थी। ऐसे में पांच फरवरी को अदालत ने सुनाई के लिए संदीप जींद कोर्ट में आया था। जहां पर अदालत ने युवक संदीप को दोषी ठहरा दिया और अदालत ने हिरासत में लेने के आदेश दे दिए। इसी बीच में युवक अदालत के अंदर ही बैठा था, लेकिन युवक इस दौरान मौका पाकर वहां से फरार हो गया। जब पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेना चाहा तो वह मौके पर नहीं मिला। इस पर पुलिस व वकीलों ने संदीप को आसपास काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। संदीप के फरार होने के बाद अदालत ने उसकी जमानत को रद्द करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी कार्यालय को लिखा है। वीरवार को दोषी संदीप को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगने के कारण मामले की अगली सुनाई की तिथि 11 फरवरी तय कर दी गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। किशोरी को भगाने और दुराचार करने वाले युवक को अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने का फैसला सुनते ही अदालत से फरार हो गया था। अब अदालत ने युवत की जमानत रद्द करते हुए 11 फरवरी तक अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
नरवाना पुलिस एक महिला की शिकायत पर 2016 ढाकल गांव निवासी संदीप के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने कहा कि उसकी 17 वर्षीय जब पढ़ने के लिए स्कूल जाती थी तो उसे ढाकल गांव निवासी संदीप परेशान करता था। इस पर 10 अक्टूबर 2015 को नरवाना शहर थाना में भी शिकायत दर्ज करवाई थी। इस पर छह जून 2016 को संदीप उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर भगा ले गया और उसके साथ दुराचार किया। उस समय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था और बाद में किशोरी को बरामद कर लिया। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। इसी बीच में युवक को जमानत मिल गई थी। ऐसे में पांच फरवरी को अदालत ने सुनाई के लिए संदीप जींद कोर्ट में आया था। जहां पर अदालत ने युवक संदीप को दोषी ठहरा दिया और अदालत ने हिरासत में लेने के आदेश दे दिए। इसी बीच में युवक अदालत के अंदर ही बैठा था, लेकिन युवक इस दौरान मौका पाकर वहां से फरार हो गया। जब पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेना चाहा तो वह मौके पर नहीं मिला। इस पर पुलिस व वकीलों ने संदीप को आसपास काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। संदीप के फरार होने के बाद अदालत ने उसकी जमानत को रद्द करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी कार्यालय को लिखा है। वीरवार को दोषी संदीप को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगने के कारण मामले की अगली सुनाई की तिथि 11 फरवरी तय कर दी गई है।
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