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किसान सम्मेलन के बहाने राजनीति की पिच पर उतरे बीरेंद्र सिंह के आईएएस बेटे बृजेंद्र सिंह
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आईएएस बृजेंद्र सिंह से राजनीति में आने की अपील की तो बोले, लोगों की भावनाओं को लेकर जा रहा हूं, समय आने पर जरूर आऊंगा राजनीति में
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिछले कुछ दिनों केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और विधायक प्रेमलता के आईएएस बेटे बृजेंद्र सिंह के राजनीति में आने की चर्चाओं को सीआरएसयू में रविवार को आयोजित किसान सम्मेलन में और मजबूती मिली है। इसे बृजेंद्र सिंह की राजनीति की पिच पर शुरुआत मानी जा रही है। भले कार्यक्रम को किसान सम्मेलन और गैर राजनीतिक नाम दिया गया, लेकिन खुद बृजेंद्र सिंह को छोड़कर सभी वक्ताओं ने शुद्ध राजनीतिक बातें कीं। सभी ने बृजेंद्र सिंह से राजनीति में आने का आह्वान किया। इस दौरान वक्ताओं ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों से कह कर नारे लगवाए कि उन्हें राजनीति में आना होगा। हालांकि खुद बृजेंद्र सिंह ने इस बात को टालते हुए कहा कि वे लोगों की भावनाओं को लेकर जा रहे हैं और यदि नियति ने चाहा तो वे समय आने पर जरूर राजनीति में आएंगे। इसके लिए उन्होंने महाभारत का वृतांत भी लोगों को सुनाया।
दरअसल कई किसान संगठनों ने रविवार को सीआरएसयू में किसान सम्मेलन का आयोजन किया था। इस दौरान आईएएस और हैफेड के एमडी आईएएस अधिकारी बृजेंद्र सिंह मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम से पहले ही लोगों में उनके राजनीति में उतारने की काफी चर्चाएं रही थीं। ऐसे में चौधरी बीरेंद्र सिंह के समर्थक और कार्यक्रम के आयोजकों ने बृजेंद्र सिंह के कार्यक्रम में आते ही उन्हें राजनीति में लाने के लिए भूमिकाएं बनानी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ वक्ताओं ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों से कह कर नारे लगवाए कि बृजेंद्र सिंह राजनीति में आओ। इतना होने के बाद भी बृजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह पर ही फोकस रखा। उन्होंने यहां तक कहा कि वक्ताओं ने कार्यक्रम के अनुरूप चौधरी चरण सिंह के बारे में नहीं बोले कर दूसरी बातों पर ही फोकस रखा है। हालांकि बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अपने अनुरूप नीतियां बनवाने के लिए किसानों को राजनीतिक रूप से भी मजबूत होना पड़ेगा।
सोनीपत लोकसभा से चुनाव लड़ने की अपील
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने तो बृजेंद्र सिंह से यहां तक कह दिया कि वे सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ें और संसद में देश के किसानों की आवाज बनें। वक्ताओं ने कहा कि वे सर छोटू राम की तीसरी पीढ़ी हैं, ऐसे में उन्हें राजनीति में आना चाहिए।
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आईएएस की नौकरी हल्की मान रखी है
जब लोग बृजेंद्र सिंह को राजनीति में आने के नारे लगा रहे थे, तो कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि वे अपनी नौकरी छोड़ दें। इस पर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों ने आईएएस की नौकरी इतनी हल्की मान रखी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाभारत का युद्ध नियति की देन थी। उस युद्ध में जो भी योद्धा आए, उनका प्रवेश नियति के हिसाब से हुआ था। ऐसे में वे भी नियति में विश्वास रखते हैं और नियति यदि चाहेगी तो राजनीति में आएंगे।
कार्यक्रम से दूर रहे बीरेंद्र सिंह व प्रेमलता
हालांकि आयोजकों ने कार्यक्रम में बृजेंद्र सिंह के पिता और केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह व बृजेंद्र सिंह की मां उचाना कलां से विधायक प्रेमलता के आने का प्रचार किया था, लेकिन दोनों ही कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हालांकि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र दिन में अर्बन इस्टेट स्थित अपने घर पर ही रहे, लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिछले कुछ दिनों केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और विधायक प्रेमलता के आईएएस बेटे बृजेंद्र सिंह के राजनीति में आने की चर्चाओं को सीआरएसयू में रविवार को आयोजित किसान सम्मेलन में और मजबूती मिली है। इसे बृजेंद्र सिंह की राजनीति की पिच पर शुरुआत मानी जा रही है। भले कार्यक्रम को किसान सम्मेलन और गैर राजनीतिक नाम दिया गया, लेकिन खुद बृजेंद्र सिंह को छोड़कर सभी वक्ताओं ने शुद्ध राजनीतिक बातें कीं। सभी ने बृजेंद्र सिंह से राजनीति में आने का आह्वान किया। इस दौरान वक्ताओं ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों से कह कर नारे लगवाए कि उन्हें राजनीति में आना होगा। हालांकि खुद बृजेंद्र सिंह ने इस बात को टालते हुए कहा कि वे लोगों की भावनाओं को लेकर जा रहे हैं और यदि नियति ने चाहा तो वे समय आने पर जरूर राजनीति में आएंगे। इसके लिए उन्होंने महाभारत का वृतांत भी लोगों को सुनाया।
दरअसल कई किसान संगठनों ने रविवार को सीआरएसयू में किसान सम्मेलन का आयोजन किया था। इस दौरान आईएएस और हैफेड के एमडी आईएएस अधिकारी बृजेंद्र सिंह मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम से पहले ही लोगों में उनके राजनीति में उतारने की काफी चर्चाएं रही थीं। ऐसे में चौधरी बीरेंद्र सिंह के समर्थक और कार्यक्रम के आयोजकों ने बृजेंद्र सिंह के कार्यक्रम में आते ही उन्हें राजनीति में लाने के लिए भूमिकाएं बनानी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ वक्ताओं ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों से कह कर नारे लगवाए कि बृजेंद्र सिंह राजनीति में आओ। इतना होने के बाद भी बृजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह पर ही फोकस रखा। उन्होंने यहां तक कहा कि वक्ताओं ने कार्यक्रम के अनुरूप चौधरी चरण सिंह के बारे में नहीं बोले कर दूसरी बातों पर ही फोकस रखा है। हालांकि बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अपने अनुरूप नीतियां बनवाने के लिए किसानों को राजनीतिक रूप से भी मजबूत होना पड़ेगा।
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सोनीपत लोकसभा से चुनाव लड़ने की अपील
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने तो बृजेंद्र सिंह से यहां तक कह दिया कि वे सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ें और संसद में देश के किसानों की आवाज बनें। वक्ताओं ने कहा कि वे सर छोटू राम की तीसरी पीढ़ी हैं, ऐसे में उन्हें राजनीति में आना चाहिए।
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आईएएस की नौकरी हल्की मान रखी है
जब लोग बृजेंद्र सिंह को राजनीति में आने के नारे लगा रहे थे, तो कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि वे अपनी नौकरी छोड़ दें। इस पर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों ने आईएएस की नौकरी इतनी हल्की मान रखी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाभारत का युद्ध नियति की देन थी। उस युद्ध में जो भी योद्धा आए, उनका प्रवेश नियति के हिसाब से हुआ था। ऐसे में वे भी नियति में विश्वास रखते हैं और नियति यदि चाहेगी तो राजनीति में आएंगे।
कार्यक्रम से दूर रहे बीरेंद्र सिंह व प्रेमलता
हालांकि आयोजकों ने कार्यक्रम में बृजेंद्र सिंह के पिता और केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह व बृजेंद्र सिंह की मां उचाना कलां से विधायक प्रेमलता के आने का प्रचार किया था, लेकिन दोनों ही कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हालांकि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र दिन में अर्बन इस्टेट स्थित अपने घर पर ही रहे, लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।