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जुलाना क्षेत्र में सेम व लवणीय जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए तैयार होगी बड़ी परियोजना
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:49 PM IST
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जुलाना में सेम और लवणीय जमीनें बनाई जाएंगी उपजाऊ
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जुलाना क्षेत्र की सेम, लवणीय और क्षारीय भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए विधायक परमेंद्र ढुल ने बड़ी परियोजना तैयार करने पर काम शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार को भूवैज्ञानिकों, कृषि वैज्ञानिकों और मृदा वैज्ञानिकों की टीम बुलाई। टीम न क्षेत्र का सर्वे किया।
विधायक ने बताया कि इस दौरान केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में ड्रेनेज विभाग के मुखिया डॉ. डीएस बुंदेला व मृदा विभाग के डॉ. भास्कर नर्जरी, डॉ. रोशन लाल मीणा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। विधायक ने कहा की क्षेत्र की लगभग 10 हजार एकड़ कृषि भूमि ऐसी है, जो पिछले लगभग दो दशक से सेम तथा क्षार से प्रभावित है। जिसकी वजह से किसान इन जमीनों पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसके तहत गडवाली, जैजैवंति, गतौली, ढिगाणा, फतेहगढ़, करसौला, मेहरड़ा, लिजवाना कलां, भैरोंखेडा, शामलो कलां, निडाना, लिजवाना खुर्द और हथवाला गांवों की भूमि प्रभावित है। इन जमीनों को सुधारने के लिए अब वैज्ञानिक योजना बनाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जुलाना क्षेत्र की सेम, लवणीय और क्षारीय भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए विधायक परमेंद्र ढुल ने बड़ी परियोजना तैयार करने पर काम शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार को भूवैज्ञानिकों, कृषि वैज्ञानिकों और मृदा वैज्ञानिकों की टीम बुलाई। टीम न क्षेत्र का सर्वे किया।
विधायक ने बताया कि इस दौरान केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में ड्रेनेज विभाग के मुखिया डॉ. डीएस बुंदेला व मृदा विभाग के डॉ. भास्कर नर्जरी, डॉ. रोशन लाल मीणा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। विधायक ने कहा की क्षेत्र की लगभग 10 हजार एकड़ कृषि भूमि ऐसी है, जो पिछले लगभग दो दशक से सेम तथा क्षार से प्रभावित है। जिसकी वजह से किसान इन जमीनों पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसके तहत गडवाली, जैजैवंति, गतौली, ढिगाणा, फतेहगढ़, करसौला, मेहरड़ा, लिजवाना कलां, भैरोंखेडा, शामलो कलां, निडाना, लिजवाना खुर्द और हथवाला गांवों की भूमि प्रभावित है। इन जमीनों को सुधारने के लिए अब वैज्ञानिक योजना बनाएंगे।
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