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डीसी कैंप ऑफिस में लापता युवती के परिजनों ने किया हाई वोल्टेज हंगामा
Updated Sun, 04 Jun 2017 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
डीसी निवास पर शनिवार दोपहर उस समय अजीबोगरीब स्थित पैदा हो गई, जब रामराये गेट निवासी कुछ महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं का कहना है कि शहर थाना पुलिस के एक जांच अधिकारी ने जानबूझकर उनकी लड़की से गलत बयान दिलवाए हैं। इसको लेकर महिलाओं ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया।
रामराये गेट निवासी सुशील कुमारी ने कहा कि उसकी बेटी भंभेवा गांव स्थित तक्षिला स्कूल में पढ़ाती थी। 27 अप्रैल को वह सुबह स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। इस पर शहर पुलिस थाना में लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दी गई। अब आरोप है कि पुलिस ने लड़की को दबाव में डालकर गलत बयान दिलवाए हैं। युवती की मां सुशील कुमारी ने कहा कि पुलिस को नौ मई को युवती बरामद हुई, लेकिन 11 मई को उसके बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष कराए गए। इन लोगों ने कहा कि तीन दिन तक युवती मामले के जांच अधिकारी के साथ रही। इस दौरान उस पर दबाव डाला गया है।
एक युवक और परिजनों पर लगे आरोप
इस दौरान युवती की मां और चाची ने कहा कि 20 अप्रैल को पड़ोस के ही एक युवक के परिजनों ने उनके परिवार को धमकी दी थी। इसके बाद 26 अप्रैल को फिर से धमकी दी गई। इन लोगों ने कहा कि वे युवती को पड़ोस के युवक से दूर रखें। इसके बाद ही युवती घर से गायब हुई है।
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पुलिस अधिकारियों को भी सुनाई खरी-खरी
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद मौके पर महिला थाना पुलिस और शहर थाना पुलिस पहुंच गई। इस दौरान महिला ने पुलिस अधिकारियों को भी खरी खरी सुनाई। महिला के आरोपों पर कोई जवाब देने की बजाए पुलिसकर्मी एक और खिसक गए।
युवती मां रोती हुई बोली, उसकी बेटी के साथ नाइंसाफी हुई है
युवती मां ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते उसकी बेटी के साथ नाइंसाफी हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच नहीं कर रही कि जांच अधिकारी के पास युवती का फोन आया तो उसने परिजनों को क्यों नहीं बताया।
लड़की है खतरे में
परिजनों ने कहा कि उनकी लड़की खतरे में है। पुलिस को बताना चाहिए कि वह कहां है। यदि युवती परिजनों से मिलना नहीं चाहती तो पुलिस दूर से युवती को दिखा दे। परिजनों ने सवाल उठाए कि जिस युवती के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष करवाए गए हैं, वह उनकी बेटी है भी या कोई और इसका पता कैसे चले।
बेसुध हुई महिला
इसी दौरान जब महिलाएं डीसी कैंप ऑफिस के बाहर नारेबाजी कर रही थी, इनके साथ आई एक महिला बेसुध हो कर गिर गई। साथ आई महिलाओं ने उसका पानी पिलाया और कुछ देर के बाद उसको होश आया।
युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद कर मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। युवती ने अपने बयान में परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया। यहां तक कि युवती ने परिजनों को उसका पता तक बताने से मना किया है। ऐसे में परिजनों को नहीं मिलवाया जा सकता।
संतोष देवी, महिला थाना प्रभारी
बेटी को साथ लिए बिना नहीं जाएंगे घर : परिजन
युवती ने बयान में साथ जाने से किया मना: पुलिस
डीसी कैंप ऑफिस में लापता युवती के परिजनों ने किया हाई वोल्टेज हंगामा
03जेएनडी20: डीसी कैंप ऑफिस के बाहर बेसुध हुई महिला को पानी पिलाती महिला।
03जेएनडी21: पुलिस को खरी-खरी सुनाती महिला।
03जेएनडी22: डीसी कैंप ऑफिस के बाहर नारेबाजी करती महिलाएं।
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जींद।
डीसी निवास पर शनिवार दोपहर उस समय अजीबोगरीब स्थित पैदा हो गई, जब रामराये गेट निवासी कुछ महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं का कहना है कि शहर थाना पुलिस के एक जांच अधिकारी ने जानबूझकर उनकी लड़की से गलत बयान दिलवाए हैं। इसको लेकर महिलाओं ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया।
रामराये गेट निवासी सुशील कुमारी ने कहा कि उसकी बेटी भंभेवा गांव स्थित तक्षिला स्कूल में पढ़ाती थी। 27 अप्रैल को वह सुबह स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। इस पर शहर पुलिस थाना में लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दी गई। अब आरोप है कि पुलिस ने लड़की को दबाव में डालकर गलत बयान दिलवाए हैं। युवती की मां सुशील कुमारी ने कहा कि पुलिस को नौ मई को युवती बरामद हुई, लेकिन 11 मई को उसके बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष कराए गए। इन लोगों ने कहा कि तीन दिन तक युवती मामले के जांच अधिकारी के साथ रही। इस दौरान उस पर दबाव डाला गया है।
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एक युवक और परिजनों पर लगे आरोप
इस दौरान युवती की मां और चाची ने कहा कि 20 अप्रैल को पड़ोस के ही एक युवक के परिजनों ने उनके परिवार को धमकी दी थी। इसके बाद 26 अप्रैल को फिर से धमकी दी गई। इन लोगों ने कहा कि वे युवती को पड़ोस के युवक से दूर रखें। इसके बाद ही युवती घर से गायब हुई है।
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पुलिस अधिकारियों को भी सुनाई खरी-खरी
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद मौके पर महिला थाना पुलिस और शहर थाना पुलिस पहुंच गई। इस दौरान महिला ने पुलिस अधिकारियों को भी खरी खरी सुनाई। महिला के आरोपों पर कोई जवाब देने की बजाए पुलिसकर्मी एक और खिसक गए।
युवती मां रोती हुई बोली, उसकी बेटी के साथ नाइंसाफी हुई है
युवती मां ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते उसकी बेटी के साथ नाइंसाफी हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच नहीं कर रही कि जांच अधिकारी के पास युवती का फोन आया तो उसने परिजनों को क्यों नहीं बताया।
लड़की है खतरे में
परिजनों ने कहा कि उनकी लड़की खतरे में है। पुलिस को बताना चाहिए कि वह कहां है। यदि युवती परिजनों से मिलना नहीं चाहती तो पुलिस दूर से युवती को दिखा दे। परिजनों ने सवाल उठाए कि जिस युवती के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष करवाए गए हैं, वह उनकी बेटी है भी या कोई और इसका पता कैसे चले।
बेसुध हुई महिला
इसी दौरान जब महिलाएं डीसी कैंप ऑफिस के बाहर नारेबाजी कर रही थी, इनके साथ आई एक महिला बेसुध हो कर गिर गई। साथ आई महिलाओं ने उसका पानी पिलाया और कुछ देर के बाद उसको होश आया।
युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद कर मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। युवती ने अपने बयान में परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया। यहां तक कि युवती ने परिजनों को उसका पता तक बताने से मना किया है। ऐसे में परिजनों को नहीं मिलवाया जा सकता।
संतोष देवी, महिला थाना प्रभारी
बेटी को साथ लिए बिना नहीं जाएंगे घर : परिजन
युवती ने बयान में साथ जाने से किया मना: पुलिस
डीसी कैंप ऑफिस में लापता युवती के परिजनों ने किया हाई वोल्टेज हंगामा
03जेएनडी20: डीसी कैंप ऑफिस के बाहर बेसुध हुई महिला को पानी पिलाती महिला।
03जेएनडी21: पुलिस को खरी-खरी सुनाती महिला।
03जेएनडी22: डीसी कैंप ऑफिस के बाहर नारेबाजी करती महिलाएं।