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कर्मचारियों की कमी से जूझता फायर ब्रिगेड विभाग
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जींद। गेहूं फसल की कटाई अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू हो गई। कटाई शुरू होने के साथ ही गर्मी भी तेजी से बढ़ रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं भी अक्सर होती हैं। जिससे प्रति वर्ष हजारों एकड़ खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ जीता है। इस साल जिले में लगभग पौने दो लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल तैयार की गई है। इसमें अगर आगजनी की घटना घटती है तो इस पर काबू पाने के लिए प्रशासन के पास आधे अधूरे इंतजाम हैं। लाखों हेक्टेयर को आग से बचाने के लिए जिले में केवल 11 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं।
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एक गाड़ी में होना चाहिए छह कर्मियों का स्टाफ
गाड़ियों की कमी के साथ-साथ फायर ब्रिगेड के पास स्टाफ का भी टोटा है। नियमानुसार एक गाड़ी पर छह कर्मचारियों का स्टाफ होना चाहिए। प्रत्येक गाड़ी को तीन शिफ्टों में प्रयोग किया जाता है। इन सभी गाड़ियों पर भी अगर पूरे स्टाफ की बात की जाए तो तीनों शिफ्टों में 198 कर्मचारियों की संख्या होनी चाहिए।
नियमानुसार ऐसी होनी चाहिए व्यवस्था
जिला फायर ब्रिगेड के पास 11 गाड़ियों के लिए भी पूरा स्टाफ नहीं है। जींद ब्लॉक में छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। इनमें भी किसी एक गाड़ी का भी पूरा स्टाफ नहीं है। यहां पर केवल 15 फायरमैन, तीन अग्निशमन व तीन चालक हैं। नियमानुसार यहां पर भी 90 कर्मचारियों का स्टाफ होना चाहिए था। इसके अतिरिक्त नरवाना में दो, सफीदों, उचाना व जुलाना में एक-एक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त खंड स्तर पर भी किसी गाड़ी का स्टाफ पूरा नहीं है। गेहूं की फसल के सीजन में होने वाली आगजनी की घटनाओं का नुकसान किसान को सीधे तौर पर फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त कर्मचारियों का नहीं होने के कारण होता है।
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इन तीन खंडों में नहीं है फायर ब्रिगेड की एक भी गाड़ी
जिले के तीन खंड के किसानों का जान माल राम भरोसे है। इन खंडों में अगर आगजनी की कोई घटना घटती है तो इनके लिए दूसरे खंडों से फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ेगी। इसके लिए एक तो समय ज्यादा बर्बाद होगा, दूसरा जब तक लंबे समय में गाड़ी घटनास्थल पर पहुंचेगी तब तक आग भयंकर रूप धारण कर सैकड़ों एकड़ फसल को नष्ट कर देगी।
गत वर्ष आगजनी से हुई थीं 80 घटनाएं
गेहूं की फसल को अक्सर किसान कंबाइन के कटवाता है। इस दौरान कई बार तो कंबाइन में तकनीकी खराबी होने के कारण उठी चिंगारी से गेहूं की फसल जल जाती है, तो कई बार बिजली की लाइन से स्पार्किंग होने के कारण। इन सभी कारणों से बीते वर्ष जिले में 80 आगजनी की घटनाएं घटी थी। इसमें हजारों एकड़ में खड़ी फसल और फसल जल गई थी।
गाड़ियों की संख्या को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या कम पड़ रही है। निदेशालय को 20 कर्मचारियों की मांग भेजी गई है। इससे यहां पर आग से होने वाली अन्य घटनाओं पर भी काबू पा लिया जाएगा। किसानों और शहरवासियों परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
आत्मा राम बिश्नोई, एफएसओ।
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एक गाड़ी में होना चाहिए छह कर्मियों का स्टाफ
गाड़ियों की कमी के साथ-साथ फायर ब्रिगेड के पास स्टाफ का भी टोटा है। नियमानुसार एक गाड़ी पर छह कर्मचारियों का स्टाफ होना चाहिए। प्रत्येक गाड़ी को तीन शिफ्टों में प्रयोग किया जाता है। इन सभी गाड़ियों पर भी अगर पूरे स्टाफ की बात की जाए तो तीनों शिफ्टों में 198 कर्मचारियों की संख्या होनी चाहिए।
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नियमानुसार ऐसी होनी चाहिए व्यवस्था
जिला फायर ब्रिगेड के पास 11 गाड़ियों के लिए भी पूरा स्टाफ नहीं है। जींद ब्लॉक में छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। इनमें भी किसी एक गाड़ी का भी पूरा स्टाफ नहीं है। यहां पर केवल 15 फायरमैन, तीन अग्निशमन व तीन चालक हैं। नियमानुसार यहां पर भी 90 कर्मचारियों का स्टाफ होना चाहिए था। इसके अतिरिक्त नरवाना में दो, सफीदों, उचाना व जुलाना में एक-एक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त खंड स्तर पर भी किसी गाड़ी का स्टाफ पूरा नहीं है। गेहूं की फसल के सीजन में होने वाली आगजनी की घटनाओं का नुकसान किसान को सीधे तौर पर फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त कर्मचारियों का नहीं होने के कारण होता है।
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इन तीन खंडों में नहीं है फायर ब्रिगेड की एक भी गाड़ी
जिले के तीन खंड के किसानों का जान माल राम भरोसे है। इन खंडों में अगर आगजनी की कोई घटना घटती है तो इनके लिए दूसरे खंडों से फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ेगी। इसके लिए एक तो समय ज्यादा बर्बाद होगा, दूसरा जब तक लंबे समय में गाड़ी घटनास्थल पर पहुंचेगी तब तक आग भयंकर रूप धारण कर सैकड़ों एकड़ फसल को नष्ट कर देगी।
गत वर्ष आगजनी से हुई थीं 80 घटनाएं
गेहूं की फसल को अक्सर किसान कंबाइन के कटवाता है। इस दौरान कई बार तो कंबाइन में तकनीकी खराबी होने के कारण उठी चिंगारी से गेहूं की फसल जल जाती है, तो कई बार बिजली की लाइन से स्पार्किंग होने के कारण। इन सभी कारणों से बीते वर्ष जिले में 80 आगजनी की घटनाएं घटी थी। इसमें हजारों एकड़ में खड़ी फसल और फसल जल गई थी।
गाड़ियों की संख्या को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या कम पड़ रही है। निदेशालय को 20 कर्मचारियों की मांग भेजी गई है। इससे यहां पर आग से होने वाली अन्य घटनाओं पर भी काबू पा लिया जाएगा। किसानों और शहरवासियों परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
आत्मा राम बिश्नोई, एफएसओ।