{"_id":"5db47b928ebc3e93b147de18","slug":"14-schoolin-the-districtwill-have-digital-boards-jind-news-rtk5248638107","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 14 स्कूलों में लगेंगे डिजीटल बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 14 स्कूलों में लगेंगे डिजीटल बोर्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 14 सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने एक निजी कंपनी को टेंडर भी जारी कर दिया है। नौंवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को डिजिटल बोर्ड से शिक्षा प्रदान की जाएगी जिससे शिक्षा गुणवत्ता में सुधार आएगा। इसके लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किया है जो कि डिजिटल बोर्ड पर ही दिखाया जाएगा। दरअसल सरकारी स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना पसंद नहीं करते। इसका फायदा उठाते हुए निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से मोटी रकम वसूलते हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग अभिभावकों व विद्यार्थियों को सरकारी स्कूल की ओर ध्यान केंद्रित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था का सहारा ले रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी होने के साथ-साथ पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होना, शौचालयों का टूटा होना, स्कूलों की जर्जर इमारत व बिजली की सुविधा नहीं होने से अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने से कतराते हैं। ऐसे में अब सरकारी स्कूलों ने इन चीजों में सुधार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए गांव की पंचायतें भी आगे आकर सरकारी स्कूलों को सहयोग कर रही हैं। जिले के कई पंचायतों द्वारा स्कूलों को बेहतर बनाया जा रहा है। वहीं स्कूलों में पुस्तकालयों की भी व्यवस्था की जाने लगी है। वहीं शिक्षा विभाग द्वारा भी इस सत्र से कुछ सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी में भी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। ऐसे में अब अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति रुझान बढ़ा है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए डिजिटल बोर्ड की व्यवस्था शुरू की है, जिससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम को पढ़ने व समझने में काफी आसानी होगी।
जिले के इन स्कूलों में लगेेंगे डिजिटल बोर्ड : जिले में 198 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं जिसमें लगभग 40 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। शुरूआत में अभी जिले के 14 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड की व्यवस्था शुरू की है। ये स्कूल राजकीय बाल आश्रम हाई स्कूल जींद, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल जींद, राजकीय स्कूल बडनपुर, राजकीय स्कूल मालवी, राजकीय स्कूल डिफेंस कॉलोनी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल दालमवाला, राजकीय हाई स्कूल निडानी, राजकीय स्कूल जुलाना, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल उचाना मंडी, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल नरवाना, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नरवाना, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सफीदों, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिल्लूखेड़ा व राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल सफीदों शामिल हैं।
विद्यार्थियों का बढ़ेगा रुझान : विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जिले के 14 सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगवाए जाएंगे। इसके लिए एक निजी कंपनी को टेंडर भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लग जाएंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और विद्यार्थियों की रूचि बढ़ेगी। इससे आगे चलकर सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी अच्छी नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं। -सुनीता रुहिल, जिला शिक्षा अधिकारी जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के इन स्कूलों में लगेेंगे डिजिटल बोर्ड : जिले में 198 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं जिसमें लगभग 40 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। शुरूआत में अभी जिले के 14 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड की व्यवस्था शुरू की है। ये स्कूल राजकीय बाल आश्रम हाई स्कूल जींद, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल जींद, राजकीय स्कूल बडनपुर, राजकीय स्कूल मालवी, राजकीय स्कूल डिफेंस कॉलोनी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल दालमवाला, राजकीय हाई स्कूल निडानी, राजकीय स्कूल जुलाना, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल उचाना मंडी, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल नरवाना, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नरवाना, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सफीदों, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिल्लूखेड़ा व राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल सफीदों शामिल हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों का बढ़ेगा रुझान : विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जिले के 14 सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगवाए जाएंगे। इसके लिए एक निजी कंपनी को टेंडर भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लग जाएंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और विद्यार्थियों की रूचि बढ़ेगी। इससे आगे चलकर सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी अच्छी नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं। -सुनीता रुहिल, जिला शिक्षा अधिकारी जींद।
विज्ञापन