फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   स्कूली स्तर से ही होनी चाहिए बच्चों की मानसिक जांच

स्कूली स्तर से ही होनी चाहिए बच्चों की मानसिक जांच

Mon, 02 Apr 2018 12:29 AM IST
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
स्कूली स्तर से ही होनी चाहिए बच्चों की मानसिक जांच
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जींद। पिल्लूखेड़ा में 11वीं कक्षा की छात्रा द्वारा गोली मारकर आत्महत्या करने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने स्कूल स्तर पर ही मनोचिकित्सकों की नियुक्ति पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्कूल स्तर पर ही बच्चों की काउंसिलिंग की जाए तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके साथ-साथ बच्चों को मोरल वैल्यू सिखाने पर जोर देना चाहिए।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग में कार्यरत डॉ. शिव कुमार ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने वाले बच्चे इमोशनल होते हैं। शुरू से ही उनमें इस प्रकार के विकार होते हैं। इनको समझने की जरूरत होती है। यदि स्कूली स्तर पर ही किसी साइकोलॉजिस्ट से बच्चों की जांच करवाई जाए तो इस प्रकार के बच्चे सामने आ सकते हैं। काउंसिलिंग द्वारा इन बच्चों के विकारों को दूर किया जा सकता है। ऐसे बच्चे मानसिक रुप से कमजोर होते हैं और अंक कम आने पर वे इसे सहन नहीं कर पाते और इस प्रकार का कदम उठा लेते हैं। यदि समय पर उनकी काउंसिलिंग की जाए तो ऐसी घटनाएं रुक सकती हैं।
विज्ञापन

गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर राकेश कुमार बहमनी ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए अध्यापकों व बच्चों के बीच तालमेल बढ़ाने व बच्चों को मोरल वैल्यू सिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चों व अध्यापकों के बीच पहले जैसे रिश्ते नहीं रहे। जब से शिक्षा का व्यापारीकरण हुआ है, इस प्रकार की घटनाएं बढ़ी हैं। अभिभावकों को चाहिए वे बच्चों पढ़ाई के बारे में ज्यादा प्रेशर नहीं डाले बल्कि उनको मोरल वेल्यू के बारे में ज्यादा बताएं। जिन बच्चों को मोरल वैल्यू के गुण होंगे, वे इस प्रकार का कदम नहीं उठाएंगे। सफलता को कहीं भी मिल सकती है लेकिन जिंदगी बार-बार नहीं मिल सकती। इसलिए बच्चों के साथ अभिभावकों व अध्यापकों को फ्रेंडली होना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed