जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 1140 केस समाधान के लिए रखे गए। इनमें से 125 केसों का आपसी सहमति से समाधान किया गया।
प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कुमार बंसल ने बताया कि बैंक लोन रिकवरी के 60 केसों का समाधान कर 84 लाख रुपये की वसूली पर सहमति बनी। वाहन दुर्घटना के 70 केस समाधान के लिए रखे गए, जिनमें से 22 केसों का समाधान कर एक करोड़ 98 लाख 72 हजार रुपये पर सहमति हुई। चेक बाउंस का एक केस रखा गया था, जिसमें आपसी सहमति से एक लाख 13 हजार रुपये देने पर सहमति हुई।
इसी प्रकार लोक अदालत में 12 सिविल केस रखे गए थे, जिनमें से दो केसों का समाधान किया गया। अन्य प्रकार के 46 केस रखे गए थे, जिनमें से 32 केसों का समाधान करके 89 हजार 100 रुपये की राशि देने पर सहमति हुई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की लोक अदालतें काफी कारगर साबित हो रही हैं। इनमें बिना समय गवाएं केसों का समाधान हो जाता है और लोगों को शीघ्र व सस्ता न्याय मिलता है।