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डिफेंस कॉलोनी में हो रहा है सैनिकों के पराक्रम को नहीं मिल रहा सम्मान
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डिफेंस कॉलोनी में समस्याओं का लगा अंबार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जहां देशभर में सैनिकों के सम्मान देने के लिए सरकार दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही हैं। शहर का पॉश क्षेत्र डिफेंस कॉलोनी जो सैनिकों की कॉलोनी है, यहां लोगों को अब तक मूलभूत सुविधाओं की दरकार हैं। कॉलोनी में सीवरेज समस्या से लेकर सड़कों की हालत खस्ता है। कॉलोनी में 200 से अधिक सैनिकों के मकान है और यहां अब तक पूर्व सैनिकों के पराक्रम को सम्मान नहीं मिल रहा। कॉलोनी के पूर्व सैनिकों के अनुसार अधिकतर सड़कें बदहाल पड़ी है और सीवरेज ओवरफ्लो रहते हैं। शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस है। कॉलोनी के पूर्व सैनिकों ने कहा कि कॉलोनी में पिछले पांच साल से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सड़कें हर तरफ से टूटी पड़ी है। सीवर ओवरफ्लो होने कारण कॉलोनी की सड़कों पर कीचड़ फैला होने के कारण वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि डिफेंस कॉलोनी शहर का पॉश क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां हालात बदतर है।
सुविधाओं के नाम पर जीरो
कॉलोनी कहने को तो पॉश क्षेत्र है लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी में सीवरेज ओवरफ्लो रहते है इससे सड़कों पर भी कीचड़ फैला रहता है। इससे लोगों को आवागमन में परेशान का सामना करना पड़ता है।
कर्नल डीके भारद्वाज, पूर्व सैनिक।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की दरकार है, यहां की सभी सड़कें टूटी पड़ी है। समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके है लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ।
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इंद्र सिंह भारद्वाज, पूर्व सैनिक।
सबकुछ जानकर भी प्रशासन बना मौन
कॉलोनी के हालात इतने खराब है कि पैदल चलने के लायक नहीं और न रहने के लायक हैं। प्रशासन को भी कई बार लिखित में शिकायत कर चुके है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
सूबेदार रमेश कौशिक, पूर्व सैनिक।
लावारिस पशुओं ने भी बढ़ाई परेशानी
कॉलोनी में लावारिस पशु बड़ी समस्या बने हुए है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं। कॉलोनी में घूम रहे लावारिस पशुओं की शिकायत प्रशासन से कर चुके हैं इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा है।
कैप्टन वेद प्रकाश, पूर्व सैनिक।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जहां देशभर में सैनिकों के सम्मान देने के लिए सरकार दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही हैं। शहर का पॉश क्षेत्र डिफेंस कॉलोनी जो सैनिकों की कॉलोनी है, यहां लोगों को अब तक मूलभूत सुविधाओं की दरकार हैं। कॉलोनी में सीवरेज समस्या से लेकर सड़कों की हालत खस्ता है। कॉलोनी में 200 से अधिक सैनिकों के मकान है और यहां अब तक पूर्व सैनिकों के पराक्रम को सम्मान नहीं मिल रहा। कॉलोनी के पूर्व सैनिकों के अनुसार अधिकतर सड़कें बदहाल पड़ी है और सीवरेज ओवरफ्लो रहते हैं। शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस है। कॉलोनी के पूर्व सैनिकों ने कहा कि कॉलोनी में पिछले पांच साल से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सड़कें हर तरफ से टूटी पड़ी है। सीवर ओवरफ्लो होने कारण कॉलोनी की सड़कों पर कीचड़ फैला होने के कारण वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि डिफेंस कॉलोनी शहर का पॉश क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां हालात बदतर है।
सुविधाओं के नाम पर जीरो
कॉलोनी कहने को तो पॉश क्षेत्र है लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी में सीवरेज ओवरफ्लो रहते है इससे सड़कों पर भी कीचड़ फैला रहता है। इससे लोगों को आवागमन में परेशान का सामना करना पड़ता है।
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कर्नल डीके भारद्वाज, पूर्व सैनिक।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की दरकार है, यहां की सभी सड़कें टूटी पड़ी है। समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके है लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ।
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इंद्र सिंह भारद्वाज, पूर्व सैनिक।
सबकुछ जानकर भी प्रशासन बना मौन
कॉलोनी के हालात इतने खराब है कि पैदल चलने के लायक नहीं और न रहने के लायक हैं। प्रशासन को भी कई बार लिखित में शिकायत कर चुके है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
सूबेदार रमेश कौशिक, पूर्व सैनिक।
लावारिस पशुओं ने भी बढ़ाई परेशानी
कॉलोनी में लावारिस पशु बड़ी समस्या बने हुए है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं। कॉलोनी में घूम रहे लावारिस पशुओं की शिकायत प्रशासन से कर चुके हैं इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा है।
कैप्टन वेद प्रकाश, पूर्व सैनिक।