{"_id":"5c69ad9bbdec2273a67ca800","slug":"121550429595-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसिड अटैक पीडिता को मिलेगी आठ हजार रुपये की मासिक सहायता राशि: सीजेएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसिड अटैक पीडिता को मिलेगी आठ हजार रुपये की मासिक सहायता राशि: सीजेएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसिड अटैक पीड़ित को मिलेगी आठ हजार मासिक सहायता राशि : सीजेएम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईशा खत्री ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ित को सरकार की तरफ से आठ हजार रुपये की मासिक सहायता राशि शुरू की गई है। यह बात सीजेएम लिविंग इन द शैडो प्रोजेक्ट के तहत एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि देश में एसिड अटैक की घटनाओं को देखते हुए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2013 में एसिड पीड़ित महिलाओं को राहत देने एवं उनके पुनर्वास के लिए योजना लागू की है। इसमें 2016 में संशोधन भी किया गया। इसके तहत एसिड पीड़ितों को तुरंत प्रभाव से सहायता, निशुल्क इलाज तथा पुनर्वास के लिए मदद दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन साल में दो एसिड अटैक के मामले दर्ज किए गए है। वहीं फिलहाल एक केस अदालत में लंबित है। बैठक में एसिड पीड़ितों को व्यावसायिक शिक्षा देने पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कार्यशाला में बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से एसिड पीड़ित को 41 से 50 फीसदी दिव्यांगता पर दिव्यांग पेंशन का ढाई गुणा पेंशन दी जाती है। 51 से 60 फीसदी दिव्यांग को साढ़े तीन गुणा पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। 61 से अधिक प्रतिशत दिव्यांग एसिड पीड़ित है तो उसे साढ़े तीन गुणा पेंशन दी जाएगी। इसके लिए एसिड अटैक पीड़ित को एफआईआर की कॉपी तथा शिकायत आवेदन पत्र, मेडिकल बोर्ड द्वारा विकलांगता का प्रमाण पत्र साथ लगाना होगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईशा खत्री ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ित को सरकार की तरफ से आठ हजार रुपये की मासिक सहायता राशि शुरू की गई है। यह बात सीजेएम लिविंग इन द शैडो प्रोजेक्ट के तहत एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि देश में एसिड अटैक की घटनाओं को देखते हुए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2013 में एसिड पीड़ित महिलाओं को राहत देने एवं उनके पुनर्वास के लिए योजना लागू की है। इसमें 2016 में संशोधन भी किया गया। इसके तहत एसिड पीड़ितों को तुरंत प्रभाव से सहायता, निशुल्क इलाज तथा पुनर्वास के लिए मदद दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन साल में दो एसिड अटैक के मामले दर्ज किए गए है। वहीं फिलहाल एक केस अदालत में लंबित है। बैठक में एसिड पीड़ितों को व्यावसायिक शिक्षा देने पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कार्यशाला में बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से एसिड पीड़ित को 41 से 50 फीसदी दिव्यांगता पर दिव्यांग पेंशन का ढाई गुणा पेंशन दी जाती है। 51 से 60 फीसदी दिव्यांग को साढ़े तीन गुणा पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। 61 से अधिक प्रतिशत दिव्यांग एसिड पीड़ित है तो उसे साढ़े तीन गुणा पेंशन दी जाएगी। इसके लिए एसिड अटैक पीड़ित को एफआईआर की कॉपी तथा शिकायत आवेदन पत्र, मेडिकल बोर्ड द्वारा विकलांगता का प्रमाण पत्र साथ लगाना होगा।
विज्ञापन