फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   जो दादा-दादी का नहीं हुआ, जनता को उससे क्या उम्मीद : अभय सिंह चौटाला

जो दादा-दादी का नहीं हुआ, जनता को उससे क्या उम्मीद : अभय सिंह चौटाला

Fri, 25 Jan 2019 12:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jan 2019 12:47 AM IST
विज्ञापन
जो दादा-दादी का नहीं हुआ, जनता को उससे क्या उम्मीद : अभय सिंह चौटाला
जो दादा-दादी का नहीं हुआ उससे जनता को क्या उम्मीद : अभय
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के उम्मीदवार और पोते उमेद सिंह रेढू हैं न कि दिग्विजय और दुष्यंत चौटाला। उन्होंने कहा कि दिग्विजय और दुष्यंत तो अपने दादा और दादी के नहीं हुए, जिन्होंने उन्हें उंगली पकड़कर चलना सिखाया। इस तरह के लोग आज खुद को जींद के हितैषी बता रहे हैं, जो अपनों के भी नहीं हुए। ऐसे लोगों पर जींद की जनता को भरोसा नहीं करना है। अभय सिंह चौटाला कई गांवों में इनेलो उम्मीदवार उमेद रेढू के लिए वोट मांगे।

उन्होंने कहा कि अपने दादा की फरलो रद्द करवाने वाले दुष्यंत चौटाला अब महिलाओं से यह कह रहे हैं कि जो बुजुर्ग जेजेपी को वोट नहीं दे, उनकी दो दिन के लिए रोटी बंद कर दो। यह लोग अपने आप जेजेपी को वोट दे देंगे। इस तरह के लोगों को वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। खुद को जननायक चौधरी देवीलाल का सच्चा सिपाही बताने वाले सांसद दुष्यंत चौटाला यह भूल गए हैं कि चौधरी देवीलाल ने 1987 में मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले बुढ़ापा पेंशन इसलिए शुरू की थी ताकि बुजुर्गों को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed