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सीआरएसयू अब बच्चों की करवाएगा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी : कुलपति
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सीआरएसयू अब बच्चों की करवाएगा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी : कुलपति
पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू में 30 बच्चों की कक्षा होगी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय ने अब बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए एक पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके लिए शुरू में 30 बच्चों को इसमें तैयारी करवाई जाएगी। रिटायर्ड कर्नल एमएस दहिया की इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति की है। इसमें सबसे पहले यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बच्चों को मौका दिया जाएगा। यदि सीट पूरी नहीं हुई तो इसके बाद पूर्व छात्रों को 2500 रुपये फीस लेकर दाखिला दिया जाएगा। इसके बाद भी छात्र संख्या पूरी नहीं होती है तो कोई भी बाहर का युवा इसमें तीन हजार रुपये फीस के साथ दाखिला ले सकता है। इस बात का खुलासा कुलपति आरबी सोलंकी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में किया।
उन्होंने कहा कि यदि यह पायलेट प्रोजेक्ट कामयाब रहता है तो इसके बाद इसे बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को सक्षम बनाना है, ताकि वे अच्छी मेहनत करके सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पहला बैच 30 बच्चों से शुरू किया जाएगा। सोलंकी ने कहा कि नौकरी नहीं मिल पाने के कारण युवा डिप्रेशन में चला जाता है। विद्यार्थी के पास डिग्री होती है, उसको लेकर घूमता रहता है। उसको सरकारी नौकरी नहीं मिलती, डिग्री देने वाली संस्थाएं अपना पाठ्यक्रम पढ़ाकर उसको बाहर कर देती हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है।
फोटो कैप्शन
24जेएनडी 32 : पत्रकारों से बातचीत करते कुलपति आरबी सोलंकी।
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पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू में 30 बच्चों की कक्षा होगी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय ने अब बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए एक पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके लिए शुरू में 30 बच्चों को इसमें तैयारी करवाई जाएगी। रिटायर्ड कर्नल एमएस दहिया की इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति की है। इसमें सबसे पहले यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बच्चों को मौका दिया जाएगा। यदि सीट पूरी नहीं हुई तो इसके बाद पूर्व छात्रों को 2500 रुपये फीस लेकर दाखिला दिया जाएगा। इसके बाद भी छात्र संख्या पूरी नहीं होती है तो कोई भी बाहर का युवा इसमें तीन हजार रुपये फीस के साथ दाखिला ले सकता है। इस बात का खुलासा कुलपति आरबी सोलंकी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में किया।
उन्होंने कहा कि यदि यह पायलेट प्रोजेक्ट कामयाब रहता है तो इसके बाद इसे बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को सक्षम बनाना है, ताकि वे अच्छी मेहनत करके सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पहला बैच 30 बच्चों से शुरू किया जाएगा। सोलंकी ने कहा कि नौकरी नहीं मिल पाने के कारण युवा डिप्रेशन में चला जाता है। विद्यार्थी के पास डिग्री होती है, उसको लेकर घूमता रहता है। उसको सरकारी नौकरी नहीं मिलती, डिग्री देने वाली संस्थाएं अपना पाठ्यक्रम पढ़ाकर उसको बाहर कर देती हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है।
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24जेएनडी 32 : पत्रकारों से बातचीत करते कुलपति आरबी सोलंकी।