फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   जिला में एंबुलेंस सेवा को ऑक्सीजन की दरकार, महज 15 एंबुलेंस के सहारे जिला की स्वास्थ्य व्यवस्था

जिला में एंबुलेंस सेवा को ऑक्सीजन की दरकार, महज 15 एंबुलेंस के सहारे जिला की स्वास्थ्य व्यवस्था

Tue, 02 Jan 2018 12:10 AM IST
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
जिला में एंबुलेंस सेवा को ऑक्सीजन की दरकार, महज 15 एंबुलेंस के सहारे जिला की स्वास्थ्य व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जींद। जिला में स्वास्थ्य सेवाएं केवल 15 एंबुलेंस के भरोसे चल रही है। जिस प्रकार जिले में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, उस अनुपात में जिले में एंबुलेंस सेवाओं में इजाफा नहीं हो रहा है। अधिकतर एंबुलेंस जींद से रोहतक या अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने वाले मरीजों में ही व्यस्त रहती हैं। इस कारण इमरजेंसी सेवाओं के लिए बहुत बार एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाती। इस कारण प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जो मरीजों के परिजनों की जेब पर भारी पड़ता है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1200 लोग इलाज के लिए आते हैं। प्रतिदिन 10 से 12 महिलाओं की डिलीवरी होती है। इसी प्रकार आठ से दस लोगों को प्रतिदिन जींद से अन्य अस्पतालों में रेफर किया जाता है। इस हिसाब से नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस की भारी कमी है। कई बार इमरजेंसी सेवाओं के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पाती। ऐसे ही महिलाओं को डिलीवरी के बाद घर छोड़ने, डिलीवरी के लिए महिलाओं को नागरिक अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत आती है। मरीजों को नागरिक अस्पताल की एंबुलेंस के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। मरीजों के परिजन अक्सर नागरिक अस्पताल की एंबुलेंस का लंबा इंतजार करने के बाद प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेते हैं। इस कारण मरीजों के परिजनों को जेब से खर्च करना पड़ता है। इस समय जिले में चार नागरिक अस्पताल, सात सामुदायिक स्वास्थ्य, 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व 163 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। इस लिहाज से पूरे जिले में एंबुलेंसों की यह संख्या बहुत ही कम है।
विज्ञापन


एक एंबुलेंस कंडम
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल 16 एंबुलेंस हैं। इनमें से एक को कंडम घोषित कर दिया है। इस प्रकार अब 15 एंबुलेंस ही पूरे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध हैं। नागरिक अस्पताल में छह एंबुलेंस, नागरिक अस्पताल सफीदों में एक, नागरिक अस्पताल नरवाना में एक, नागरिक अस्पताल उचाना में एक, सीएचसी कालवा में एक, खरकरामजी में एक, जुलाना में एक, उझाना में एक, कंडेला में एक और धमतान साहिब सीएचसी में एक एंबुलेंस उपलब्ध है। पूरे जिले में केवल दो एएलएस (एडवांस लाइफ स्पोट सिस्टम) एंबुलेंस उपलब्ध हैं। दोनों ही नागरिक अस्पताल जींद में उपलब्ध हैं। इसके अलावा 13 बीएलएस (बेसिक लाइफ स्पोट सिस्टम) हैं। एएलएस में ईसीजी, सेक्शन मशीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं जबकि बीएलएस में यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिले में किलकारी नाम की एक एंबुलेंस भी है, जो जच्चा व बच्चा को छोड़ने के लिए जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है एंबुलेंस के कंडम होने के नियम
जो एंबुलेंस नौ से दस वर्ष की समयावधि या ढाई लाख किलोमीटर चल जाए उसको स्वास्थ्य विभाग कंडम घोषित कर देता है।

नहीं मिलती समय पर एंबुलेंस
जिले में एंबुलेंसों का भारी कमी है। एमरजेंसी के समय एंबुलेंस नहीं मिल पाती। एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। किसी भी समय नागरिक अस्पताल में कोई एंबुलेंस खड़ी नहीं मिलती है। जब जरूरत होती है तो एंबुलेंस काफी इंतजार के बाद मिलती है। मजबूरीवश प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है।
कपूर सिंह, अहिरका

जच्चा-बच्चा के लिए नहीं मिलती एंबुलेंस
एंबुलेंस के लिए नागरिक अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। किसी भी समय एंबुलेंस नहीं मिलती। जब जच्चा-बच्चा को घर छोड़ने की बात आती है तो एंबुलेंस का इंतजार करने के बार निजी वाहनों में लेकर जाने पर मजबूर होना पड़ता है। इस प्रकार स्वास्थ्य सुविधाओं का कोई खास लाभ नहीं मिल पाता।

सतीश, रामराय गेट

डिमांड भेजी है
जनसंख्या के हिसाब से एंबुलेंस की डिमांड डीसी और स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। कम एंबुलेंस के बावजूद मैनेज करके काम चलाया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति को एंबुलेंस की कोई कमी नहीं आने दी जाती। कई बार एंबुलेंस किसी मरीज को छोड़ने गई हो तो दूसरे मरीज को कुछ इंतजार करना पड़ जाता है लेकिन ऐसे मामले बहुत कम आते हैं।
डॉ. राजेश भोला,
डिप्टी सीएमओ रेफरल ट्रांसपोर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed