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कैसे होगी व्यवस्था, ऑनलाइन ड्यूटी लगाने पर कर्मचारी को 48 घंटे से पहले नहीं मिल सकेगा रेस्ट

Wed, 20 Feb 2019 01:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2019 01:16 AM IST
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कैसे होगी व्यवस्था, ऑनलाइन ड्यूटी लगाने पर  कर्मचारी को 48 घंटे से पहले नहीं मिल सकेगा रेस्ट
ऑनलाइन मिल जाएगी सूचना कि चालक को किस रूट पर चलानी है बस
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज में भी अब डिजिटल प्रणाली के तहत चालक और परिचालकों की ड्यूटी ऑनलाइन शुरू की गई है। इसमें चालक व परिचालक का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जाता है। इसके तहत चालक व परिचालक के मोबाइल पर सूचना मिल जाएगी कि उन्हें किस रूट पर जाना होगा। इसके तहत कर्मचारी से 48 घंटे ड्यूटी लेने के बाद रेस्ट दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रणाली के चलते चालक और परिचालक रूट में बदलाव नहीं कर सकते। चालक और परिचालक को निर्धारित रूट पर ही जाना होगा। इससे चालक व परिचालक की मनमानी पर रोक लगेगी। चालक व परिचालक से सप्ताह में 48 घंटे ड्यूटी लेने के बाद रेस्ट दिया जाएगा। अगर किसी वजह से किसी रूट पर बस खराब हो जाती है तो अन्य रूट के चालक व परिचालक को उसकी मदद के लिए भेजा जाएगा। रेस्ट पर रह रहे चालक व परिचालक को किसी भी हालत में ड्यूटी पर नहीं बुलाया जा सकेगा। इसके चलते बस खराब होने पर जहां व्यवस्था खराब होगी, वहीं यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शुरू में पहले 20 से 30 लंबे रूटों पर कर्मचारियों की ऑनलाइन ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके बाद सभी रूटों पर सुचारु रूप से सभी रूटों पर ऑनलाइन सिस्टम से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं कर्मचारी को अगर किसी काम से रेस्ट चाहिए तो उसे विभाग को लिखित में एक सप्ताह पहले जानकारी देनी होगी।
कर्मचारियों और जनता के हित में नहीं ऑनलाइन ड्यूटी
प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज चालक व परिचालक की ऑनलाइन ड्यूटी लगाई जाएगी। कर्मचारी को निर्धारित रूट पर ही जाना होगा। इस दौरान रास्ते में यदि कोई बस खराब हो जाती है, कर्मचारी बीमार पड़ जाता है या फिर कोई दुर्घटना घट जाती है तो ऑन सिस्टम के कारण अन्य रूटों से भी कर्मचारियों को मदद के लिए नहीं भेजा जा सकता। 48 घंटे के बाद ही कर्मचारी को रेस्ट दिया जाएगा। यह नीति कर्मचारी और जनता के हित में नहीं है। इसमें बदलाव की आवश्यकता है।
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रामनिवास खरक भूरा, प्रेस प्रवक्ता, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ जिला जींद।
अगर जरूरत पड़ी तो होगा संशोधन
पहले डीआई इंचार्ज रजिस्टर में चालक व परिचालक की ड्यूटी लगाई जाती थी। अब ऑनलाइन ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। कर्मचारी से 48 घंटे के बाद रेस्ट दिया जाएगा। अगर कर्मचारी या जनता को परेशानी होती है तो साफ्टवेयर में संशोधन के लिए विभागीय उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
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राजमल सांगवान, डीआई इंचार्ज।
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