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पांलवां गांव के विक्रम की आईडी व बायोमैट्रिक चोरी करके बनाए 646 फेक आधार कार्ड

Wed, 30 Jan 2019 11:32 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jan 2019 11:32 PM IST
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पांलवां गांव के विक्रम की आईडी व बायोमैट्रिक चोरी करके बनाए 646 फेक आधार कार्ड
सीएससी में काम करने वाले युवक की आईडी और बायोमीट्रिक चोरी करके बनाए 646 फेक आधार कार्ड
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अब आपका आधार कार्ड भी सुरक्षित नहीं है। सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में काम करने वाले गांव पालवां निवासी विक्रम श्योकंद का आईडी, पासवर्ड और फिंगर प्रिंट (बायोमीट्रिक) चोरी करके अज्ञात लोगों ने 646 फर्जी आधार कार्ड तैयार कर लिए। इसके बाद यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चंडीगढ़ स्थित रीजनल सेंटर ने विक्रम पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इसी बीच अज्ञात लोगों ने विक्रम के फिंगर प्रिंट द्वारा उसके खाते से 8500 रुपये भी निकाल लिए। विक्रम के फिंगर प्रिंट रत्नाकर बैंक, देना बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा तथा महाराष्ट्र सरकार के डीआईटी कार्यालय में प्रयोग किए गए हैं। अब उचाना पुलिस ने विक्रम की शिकायत पर आईटी एक्ट तथा धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विक्रम का दावा है कि उसके आईडी, पासवर्ड व फिंगर प्रिंट को हैक करके लगभग 25000 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं। इतनी संख्या में फर्जी आधार कार्ड बनने से साफ है कि इसमें आतंकवादियों का हाथ होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
विक्रम श्योकंद अपने गांव में सीएससी चलाता था। 1 जनवरी 2019 को उसे फिया कंपनी द्वारा एसबीआई की उचाना शाखा में आधार कार्ड बनाने के लिए नियुक्त किया गया। इससे पहले 14 नवंबर 2018 को उसे पता चला कि कोई उसके बायोमीट्रिक का गलत प्रयोग कर रहा है। इसके बाद उसने 22 नवंबर को यूआईडी कार्यालय के रीजनल सेंटर चंडीगढ़ में शिकायत दर्ज करवाई कि कोई उसके बायोमीट्रिक का गलत प्रयोग कर रहा है। विक्रम ने कहा कि इसके बाद रीजनल सेंटर चंडीगढ़ से उसके पास ईमेल आई। जिसमें कहा गया कि आपने 646 फेक आधार कार्ड बनाए हैं, इसलिए आप पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आपको ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इसी बीच उसके एचडीएफसी बैंक के खाते से किसी ने बायोमीट्रिक का प्रयोग करके 7500 रुपये और पीएनबी से 1000 रुपये निकलवा लिए। इसके बाद विक्रम ने इसकी शिकायत पीएमओ ऑफिस, सीएमओ ऑफिस, सीएम विंडो, एसपी तथा यूआईडी कार्यालय दिल्ली में भी की। इसके बाद भी इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान है। फिलहाल उसका इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है।
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फर्जी आधार कार्ड से बड़ी सेंध की आशंका
इस तरह से इतनी भारी संख्या में फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने का मामला सामने आने से खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है। खुफिया विभाग अंदरखाते इस मामले पर कड़ी निगरानी रख रहा है।
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मामले की तह तक जाने का किया जा रहा प्रयास
एसएसपी अश्विन शैणवी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बायोमीट्रिक को हैक करना बहुत बड़ी सेंध है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ममाले की तहत तक जाएगी। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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