{"_id":"594ea7154f1c1b7e3d8b464a","slug":"11498326805-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जींद में स्थापित होगी जीआईएस लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद में स्थापित होगी जीआईएस लैब
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गुरुग्राम, रोहतक, सिरसा और अंबाला जैसे जिलों के बाद जियोग्रॉफिक इंफॉरमेशन सिस्टम, जीआईएस लैब स्थापित करने वाला जींद जिला प्रदेश का पांचवां जिला बन जाएगा। यह लैब जिला मुख्यालय पर स्थापित की जाएगी। डीसी अमित खत्री ने बताया कि जीआईएस लैब में जिले से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी को संकलित किया जाएगा। यह काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में नगरपरिषद क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। डीसी ने उदाहरण देकर बताया कि शहर अथवा गांव की वार्ड बंदी, गांव में उपलब्ध सभी प्रकार के भू-रिकार्ड की जानकारी, विभिन्न विभागों की क्रियांवित की जा रही कार्य योजनाओं की जानकारी, सीवरेज व्यवस्था, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी लैब में संकलित कर सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कई बार एक विभाग की कार्य योजना दूसरे विभाग की कार्य योजना को प्रभावित कर देती है। ऐसी स्थिति में इस लैब में सभी प्रकार की जानकारी संग्रहीत रहेगी और विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियांवयन में दिक्कत नहीं आएगी। डीसी ने बताया कि जीआईएस लैब लघु सचिवालय के एक हाल में स्थापित की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जीआईएस लैब का यह फायदा रहेगा कि इसकी सहायता से भविष्य की विकास परियोजनाएं सुगमता से तैयार की जा सकेंगी। इस लैब में जिले से जुड़े सभी प्रकार का डाटा उपलब्ध रहेगा।
जिले में स्थापित होगी जीआईएस लैब
जीआईएस लैब स्थापित करने वाला जींद बनेगा प्रदेश का पांचवां जिला
जींद। गुरुग्राम, रोहतक, सिरसा और अंबाला जैसे जिलों के बाद जियोग्रॉफिक इंफॉरमेशन सिस्टम, जीआईएस लैब स्थापित करने वाला जींद जिला प्रदेश का पांचवां जिला बन जाएगा। यह लैब जिला मुख्यालय पर स्थापित की जाएगी। डीसी अमित खत्री ने बताया कि जीआईएस लैब में जिले से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी को संकलित किया जाएगा। यह काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में नगरपरिषद क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। डीसी ने उदाहरण देकर बताया कि शहर अथवा गांव की वार्ड बंदी, गांव में उपलब्ध सभी प्रकार के भू-रिकार्ड की जानकारी, विभिन्न विभागों की क्रियांवित की जा रही कार्य योजनाओं की जानकारी, सीवरेज व्यवस्था, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी लैब में संकलित कर सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कई बार एक विभाग की कार्य योजना दूसरे विभाग की कार्य योजना को प्रभावित कर देती है। ऐसी स्थिति में इस लैब में सभी प्रकार की जानकारी संग्रहीत रहेगी और विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियांवयन में दिक्कत नहीं आएगी। डीसी ने बताया कि जीआईएस लैब लघु सचिवालय के एक हाल में स्थापित की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जीआईएस लैब का यह फायदा रहेगा कि इसकी सहायता से भविष्य की विकास परियोजनाएं सुगमता से तैयार की जा सकेंगी। इस लैब में जिले से जुड़े सभी प्रकार का डाटा उपलब्ध रहेगा।
जिले में स्थापित होगी जीआईएस लैब
जीआईएस लैब स्थापित करने वाला जींद बनेगा प्रदेश का पांचवां जिला