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Jind News: 40 मिनट में 114 करोड़ का बजट पारित

Fri, 07 Mar 2025 12:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:19 AM IST
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114 crore budget passed in 40 minutes
06जेएनडी15-बैठक की अध्यक्षता करते नप अध्यक्षा डॉ. अनुराधा सैनी और में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण म
जींद। नगर परिषद में वर्ष 2025-26 के लिए वीरवार को बैठक में एक करोड़ 47 लाख रुपये मुनाफे का बजट पेश किया। बजट बैठक में नगर परिषद के 114 करोड़ रुपये के बजट को 40 मिनट में ही पारित कर दिया। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद की चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने की। मुख्य रूप से हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डाॅ. कृष्ण मिड्ढा, जिला नगर आयुक्त गुलजार मलिक, नगर परिषद के सभी पार्षद और अधिकारी शामिल रहे।
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नगर परिषद के प्रस्तुत बजट में 2025-26 के लिए 114 करोड़ 33 लाख 84 हजार 767 रुपये की आमदनी का प्रस्ताव किया गया है। वहीं, नगर परिषद ने कुल मिलाकर 112 करोड़ 86 लाख 93 हजार 408 रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। नगर परिषद ने मुख्य रूप से 32 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अपनी प्रॉपर्टी की बिक्री से जुटाने का प्रस्ताव रखा। बीते साल बजट बैठक में 50 करोड़ रुपये की राशि इस मद में जुटाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन नगर परिषद केवल एक लाख 87 हजार 114 रुपये ही जुटा पाई। कुछ ऐसा ही हाल किराये का भी है। बीते साल नगर परिषद ने एक करोड़ 86 लाख 88 हजार रुपये किराये से जुटाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन इस एक साल केवल 78 लाख रुपये ही जुटा पाई। हालांकि इस साल दो करोड़ 19 लाख 36 हजार रुपये की राशि किराये से आने की उम्मीद बजट में लगाई है। नगर परिषद को बीते साल विकास शुल्क के माध्यम से 15 करोड़ 80 लाख रुपये आने का अनुमान था, लेकिन नगर परिषद मात्र छह करोड़ 40 लाख रुपये ही जुटा पाई है। बदली परिस्थितियों में नगर परिषद ने इस साल इस खाते में साढ़े आठ करोड़ रुपये एकत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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बजट बैठक में 2024-25 के बजट का अनुमान
बजट प्रस्ताव के अनुसार बीते साल 134 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपये खर्च का अनुमान था, लेकिन अब तक 62 करोड़ छह लाख रुपये खर्च हुए हैं। वित्त वर्ष के अंत तक 74 करोड़ 47 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। बजट प्रस्ताव में बताया गया कि बीते साल नगर परिषद को 142 करोड़ 98 लाख 97 हजार रुपये आय होने का अनुमान था, लेकिन इसके विपरीत 109 करोड़ 63 लाख रुपये आय होने का संशोधित अनुमान लगाया गया है। अगले वित्त वर्ष के लिए 114 करोड़ 33 लाख 84 हजार 767 रुपये आय का अनुमान लगाया गया है। अगले वित्त वर्ष में नगर परिषद में कुल 112 करोड़ 86 लाख 93 हजार 408 रुपये खर्च का अनुमान लगाया है। इसमें वेतन पर 18 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च होंगे।
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घर से कूड़ा एकत्रित होने पर होंगे खर्च 12.87 करोड़
नगर परिषद 12 करोड़ 87 लाख रुपये घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने पर खर्च करेगी। पार्कों के रखरखाव पर दो करोड़ 80 लाख खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। अगले वित वर्ष में 20 करोड़ रुपये की राशि गलियों और सड़कों के निर्माण पर खर्च की जाएगी। 2024-25 के दौरान नगर परिषद अपना किराया वसूलने, प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने समेत तमाम तरह की वसूली के अभियान में विफल रही है और इसके कारण इस बार बजट कम करना पड़ा है। इस दौरान उसे अपने खर्चों में भी कटौती का प्रस्ताव करना पड़ा है। बीते साल नगर परिषद ने डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मशीनरी और वाहन खरीदने का प्रस्ताव किया था। उस पर पूरे वित्त वर्ष में भी खर्च नहीं किया गया है। नगर परिषद में पिछले साल 57 करोड़ की लागत से जमीन और भवन खरीदने के प्रस्ताव रखे थे और इन पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया, लेकिन इस साल 32 करोड़ 53 लाख रुपये जमीन और भवन खरीदने के लिए निर्धारित किए गए हैं।

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दीवानखाना मार्केट के पास पार्किंग स्थल व फूड मार्केट बनेगी

शहर की दीवानखाना मार्केट के पास पार्किंग स्थल के साथ-साथ स्ट्रीट फूड मार्केट भी स्थापित होगी। जल्द ही टाउन हॉल पर बने लाला लाजपत राय शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बेचा जाएगा। इसके लिए सरकार से अनुमति ली जा रही है। इस परिसर की बिक्री से आने वाले पैसे को नगर परिषद जमीन की खरीद में लगाएगी ताकि भविष्य में कोई और प्रोजेक्ट बनाकर नगर परिषद अपनी आय का साधन बना सके। प्रॉपर्टी टैक्स के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे और बेकार पड़ी जमीन को बिक्री के लिए निकाला जाएगा और बकाया किराये की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इससे नगर परिषद की आय में बढ़ोतरी होगी।


वर्जन

प्रॉपर्टी टैक्स, किराया और विकास शुल्क वसूली में भारी कमी आई है। इन तीनों की वसूली को तेज करने के लिए अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार की तरफ से भी पैसा कम आया है। बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष को आग्रह किया है कि वह सरकार की तरफ से नगर परिषद का पैसा जारी करवाने का प्रयास करें। उन्होंने शहरवासियों से आह्वान किया कि वह अपना प्रॉपर्टी टैक्स समय पर भरें ताकि नगर परिषद विकास के कार्यों में तेजी ला सके।
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