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सिवाहा गांव के सरपंच की बेटी ने 11वीं कक्षा में तीन प्रतिशत कम अंक आने पर क्षुब्ध होकर खुद को मारी गोली
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिल्लूखेड़ा मंडी में 11वीं कक्षा में दसवीं कक्षा के मुकाबले मात्र तीन प्रतिशत कम अंक आने से क्षुब्ध होकर खुद को गोली मारी ली। इस घटना में नाबालिग लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। लड़की ने सुबह आठ बजे खुद को बाथरूम में बंद करके अपने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी कनपटी पर गोली मारी। परिजनों को गोली की आवाज सुन बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो दृश्य देख दंग रह गए। मौके पर पहुंचे सफीदों के डीएसपी सुनील कुमार ने पुलिस कार्रवाई करवाकर शव को जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
गांव सिवाहा के वर्तमान सरपंच वेदपाल पिछले कई वर्षों से पिल्लुखेड़ा मंडी में रहते हैं। सुबह वेदपाल भिड़ताना गांव गए हुए थे। परिजनों ने फोन पर उनको सूचना दी कि उनकी बेटी 16 वर्षीय अंजलि ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। भिड़ताना गांव से वापस घर पहुंचे वेदपाल ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो अंदर उनकी बेटी खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस को दिए बयान में वेदपाल ने कहा कि उनकी बेटी का शनिवार को ही 11वीं कक्षा का परिणाम आया था। इसमें अंजलि को 92 प्रतिशत अंक मिले थे जबकि दसवीं कक्षा में उसके लगभग 95 प्रतिशत से अधिक अंक थे। परिणाम सुनने के बाद जब अंजलि घर आई तो वह कुछ परेशान थी। इसके बाद सुबह आठ बजे के लगभग उसने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर को अपनी कनपटी पर रखकर गोली चला दी। इसमें अंजलि की मौके पर ही मौत हो गई। पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी समरजीत सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने खून के सैंपल तथा रिवाल्वर को कब्जे में लेकर जांच की। इसके बाद सफीदों के डीएसपी सुनील कुमार भी मौके पर पहुंचे।
पिल्लूखेड़ा के इंडस स्कूल में पढ़ती थी अंजलि
अंजलि पिल्लूखेड़ा स्थित इंडस स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। वह तीन वर्ष से इसी स्कूल में पढ़ रही थी। स्कूल प्राचार्य पवन गुप्ता ने कहा कि अंजलि इंटेलीजेंट थी। उसने इकोनॉमिक्स के साथ मैथ लिया था, और 11वीं कक्षा में उसने 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अंजलि ने आत्महत्या क्यों की, यह बात समझ से परे है। वह बहुत ही मेहनती लड़की थी। इंडस स्कूल से पहले अंजलि पिल्लूखेड़ा के ही सनराइज स्कूल में पढ़ती थी।
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सरपंच ने ली थी आढ़त में दुकान
गांव सिवाहा के सरपंच वेदपाल पहले प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। प्रॉपर्टी में मंदी आने के बाद उन्होंने पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में आढ़त की दुकान की थी। इस दुकान का पिछले रविवार को ही मुुहूर्त हुआ था।
न्यायाधीश बनना चाहती थी अंजलि
अंजलि के पिता वेदपाल ने कहा कि उनके चार बच्चे हैं। इनमें अंजलि सबसे बड़ी थी। उसके बाद दो बेटियां व एक बेटा है। अंजलि न्यायाधीश बनना चाहती थी। उन्होंने अंजलि को डॉक्टर बनाने की सोची थी लेकिन एक दिन अंजलि ने कहा कि वह न्यायाधीश बनकर आम लोगों को न्याय दिलाएगी। इसके बाद से वह उसके सपनों को पूरा करने में लग गए। समय-समय पर वेदपाल अंजलि के इस सपने को पूर करने के लिए विशेषज्ञों की राय लेते रहते और अंजलि को प्रोत्साहित करते रहते। अंजलि के नाना ने बताया कि उनकी बेटी आईएएस करने के बाद ट्रेनिंग पर है, जो कि गुरुग्राम में तैनात है। समय-समय पर उनकी बेटी भी अंजलि से बातचीत करती रहती है और गर्मी की छुट्टियों में अंजलि उनकी बेटी के पास जाकर उनसे इस विषय पर उनसे बातचीत करती रहती थी।
फिलहाल मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। जिस बाथरूम में अंजलि ने आत्महत्या की है, उसकी जांच की गई और पिस्तौल के कब्जे में लेकर उसकी भी जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
समरजीत, थाना प्रभारी पिल्लूखेड़ा।
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जींद। पिल्लूखेड़ा मंडी में 11वीं कक्षा में दसवीं कक्षा के मुकाबले मात्र तीन प्रतिशत कम अंक आने से क्षुब्ध होकर खुद को गोली मारी ली। इस घटना में नाबालिग लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। लड़की ने सुबह आठ बजे खुद को बाथरूम में बंद करके अपने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी कनपटी पर गोली मारी। परिजनों को गोली की आवाज सुन बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो दृश्य देख दंग रह गए। मौके पर पहुंचे सफीदों के डीएसपी सुनील कुमार ने पुलिस कार्रवाई करवाकर शव को जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
गांव सिवाहा के वर्तमान सरपंच वेदपाल पिछले कई वर्षों से पिल्लुखेड़ा मंडी में रहते हैं। सुबह वेदपाल भिड़ताना गांव गए हुए थे। परिजनों ने फोन पर उनको सूचना दी कि उनकी बेटी 16 वर्षीय अंजलि ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। भिड़ताना गांव से वापस घर पहुंचे वेदपाल ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो अंदर उनकी बेटी खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस को दिए बयान में वेदपाल ने कहा कि उनकी बेटी का शनिवार को ही 11वीं कक्षा का परिणाम आया था। इसमें अंजलि को 92 प्रतिशत अंक मिले थे जबकि दसवीं कक्षा में उसके लगभग 95 प्रतिशत से अधिक अंक थे। परिणाम सुनने के बाद जब अंजलि घर आई तो वह कुछ परेशान थी। इसके बाद सुबह आठ बजे के लगभग उसने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर को अपनी कनपटी पर रखकर गोली चला दी। इसमें अंजलि की मौके पर ही मौत हो गई। पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी समरजीत सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने खून के सैंपल तथा रिवाल्वर को कब्जे में लेकर जांच की। इसके बाद सफीदों के डीएसपी सुनील कुमार भी मौके पर पहुंचे।
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पिल्लूखेड़ा के इंडस स्कूल में पढ़ती थी अंजलि
अंजलि पिल्लूखेड़ा स्थित इंडस स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। वह तीन वर्ष से इसी स्कूल में पढ़ रही थी। स्कूल प्राचार्य पवन गुप्ता ने कहा कि अंजलि इंटेलीजेंट थी। उसने इकोनॉमिक्स के साथ मैथ लिया था, और 11वीं कक्षा में उसने 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अंजलि ने आत्महत्या क्यों की, यह बात समझ से परे है। वह बहुत ही मेहनती लड़की थी। इंडस स्कूल से पहले अंजलि पिल्लूखेड़ा के ही सनराइज स्कूल में पढ़ती थी।
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सरपंच ने ली थी आढ़त में दुकान
गांव सिवाहा के सरपंच वेदपाल पहले प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। प्रॉपर्टी में मंदी आने के बाद उन्होंने पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में आढ़त की दुकान की थी। इस दुकान का पिछले रविवार को ही मुुहूर्त हुआ था।
न्यायाधीश बनना चाहती थी अंजलि
अंजलि के पिता वेदपाल ने कहा कि उनके चार बच्चे हैं। इनमें अंजलि सबसे बड़ी थी। उसके बाद दो बेटियां व एक बेटा है। अंजलि न्यायाधीश बनना चाहती थी। उन्होंने अंजलि को डॉक्टर बनाने की सोची थी लेकिन एक दिन अंजलि ने कहा कि वह न्यायाधीश बनकर आम लोगों को न्याय दिलाएगी। इसके बाद से वह उसके सपनों को पूरा करने में लग गए। समय-समय पर वेदपाल अंजलि के इस सपने को पूर करने के लिए विशेषज्ञों की राय लेते रहते और अंजलि को प्रोत्साहित करते रहते। अंजलि के नाना ने बताया कि उनकी बेटी आईएएस करने के बाद ट्रेनिंग पर है, जो कि गुरुग्राम में तैनात है। समय-समय पर उनकी बेटी भी अंजलि से बातचीत करती रहती है और गर्मी की छुट्टियों में अंजलि उनकी बेटी के पास जाकर उनसे इस विषय पर उनसे बातचीत करती रहती थी।
फिलहाल मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। जिस बाथरूम में अंजलि ने आत्महत्या की है, उसकी जांच की गई और पिस्तौल के कब्जे में लेकर उसकी भी जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
समरजीत, थाना प्रभारी पिल्लूखेड़ा।