फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने मनाया बलिदान दिवस, आरक्षण के लिए समाज की एकता पर जोर

जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने मनाया बलिदान दिवस, आरक्षण के लिए समाज की एकता पर जोर

Mon, 19 Feb 2018 12:17 AM IST
Updated Mon, 19 Feb 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने मनाया बलिदान दिवस, आरक्षण के लिए समाज की एकता पर जोर
जींद/उचान
विज्ञापन

खटकड़ गांव के पास खेतों में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा जाट बलिदान दिवस मनाया गया। दिल्ली से समिति महासचिव निशा चौधरी ने मुख्य वक्ता के तौर पर हिस्सा लिया। अध्यक्षता जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र जागलान ने की। इसमें जिले भर से लोग पहुंचे। लोगों को 11 फरवरी को हुए दिल्ली में समिति की सरकार के साथ बैठक में समझौते में मानी गई मांगों की जानकारी दी गई।
निशा चौधरी ने कहा कि आज पूरे देश में जाट बलिदान दिवस जिला स्तर पर मनाया जा रहा है। आरक्षण को लेकर समाज के लोगों ने अपनी जान दी हैं, उनको श्रद्धांजलि देकर याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने भी छत्तीस बिरादरी पर अत्याचार किए हैं। उसी के नक्शेकदम पर ये सरकार चल रही है। सरकार से लड़ाई लड़ना इतना आसान होता तो हमारा संघर्ष इतना लंबा नहीं चलता। अगर हमने जीत हासिल करनी है तो लोकतांत्रिक तरीके से एक होकर लड़ाई लड़नी होगी। जिसका उदाहरण हमने 15 फरवरी को अमित शाह के जींद रैली में आने पर दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को हमने बिना जान गवाएं लड़ना है। जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे। जब मकसद बड़े होते है तो लड़ाई भी बड़ी होती है। आज हम छोटी-छोटी लड़ाइयों में आपस में बंट रहे है। हमें आपसी मतभेद भूलाकर कौम के लिए एक होना पड़ेगा। आरक्षण की लड़ाई जब तक लड़नी है जब तक हमें आरक्षण नहीं मिल जाता।
विज्ञापन

कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि 15 फरवरी को न्याय यात्रा निकालने का ऐलान समिति द्वारा किया था। इस यात्रा के ऐलान को देख कर सरकार झुक गई थी। हमारी बातों को मानने के लिए दिल्ली में मिटिंग बुला कर हमारी मांगों को सरकार ने मान लिया। अब इन मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करें। सरकार ने अगर इस बार मांगों को पूरा नहीं तो आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए हम तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सरकार अंग्रेजों वाली नीतियां अपना रही है फूट डालो राज करो। फरवरी 2016 में जो जाट आरक्षण आंदोलन चला था उसको फेल करने के लिए अपने आदमी आंदोलन में तोड़फोड़ करने के लिए छोड़ दिए। ऐसे लोगों ने लूटपाट, आगजनी घटना की लेकिन बदनाम जाट को किया। सरकार की इस नीति को समझो, छत्तीस बिरादरी का भाईचारा बनाओ ताकि सरकार अपनी इस तरह की नीति में कामयाब न हो सकें। इस मौके पर समिति की महिला जिला प्रधान सुनीता मान, कमला जुलानी, कविता देवी, बिजेंद्र संधु, रणबीर श्योकंद, वेदप्रकाश बरसोला, अजमेर वकील, जगमहेंद्र जुलानी, सत्यवान ईक्कस, रामकरण दलाल, राजेंद्र शास्त्री, सूरजमल खटकड़, शमशेर, धर्मबीर मलिक, लीलू, मनीष, राजीव, सतबीर मौजूद रहे।


एकजुट होकर लड़े समाज
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और जिला पार्षद सतु ढांडा ने कहा कि समाज को एक जुट होकर आरक्षण व अन्य मांगों के लिए लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार से मांगें मनवाने के लिए एकता सबसे जरूरी है। ढांडा ने कहा कि जब तक समाज एक जुट नहीं होगा, सरकार इसी प्रकार टालती रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed