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एएसआई को राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से दी विदाई

Wed, 19 Jul 2017 12:33 AM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:33 AM IST
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एएसआई को राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से दी विदाई

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अमर उजाला ब्यूरो।
तीन दिन पहले नूरन खेड़ा गांव के पास नहर में कार के गिर जाने से हुए दर्दनाक हादसे में मृतक पुलिस के एएसआई धर्मवीर सैनी (55) का अंतिम संस्कार सोमवार देर शाम पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इसमें शहर के हजारों नागरिकों ने शामिल होकर नम आंखों से विदाई दी। पुलिस के जवानों ने मातमी धुन के बीच हथियारों से भी सलामी दी गई। वहीं एएसआई धर्मबीर सैनी की तीनों बेटियों ने चिता को मुखाग्नि दी।
गोहाना मेें पोस्टमार्टम के बाद एएसआई धर्मबीर का शव अर्बन एस्टेट स्थित उनके भाई बलबीर सैनी के निवास पर लाया गया। वहां से तीनों बेटियों के कंधे से शव यात्रा शुरू हुई। श्मशान घाट में शहर थाना प्रभारी सज्जन सिंह पुलिस कर्मचारियों की टुकड़ी के साथ पहले से ही मौजूद थे। डीएसपी सिटी कप्तान सिंह के नेतृत्व में पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने अंतिम संस्कार से पहले मातमी धुन के साथ कई राउंड फायर कर अपने साथी को सलामी दी। तीनों बेटियों ज्योति, भारती और दिव्या ने संयुक्त तौर पर मुखग्नि दी। इस दौरान राजनैतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं, वकील, अधिकारी और अनेक लोग मौजूद रहे। इनमें हरियाणा लोक सेवा आयोग के सदस्य जयभगवान गोयल, नारायणगढ़ के डीएसपी राजबीर सैनी, नगर परिषद के पूर्व प्रधान अभय सिंह आर्य, हरियाणा लोकतंत्र बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कर्मवीर सैनी, नगर परिषद के पूर्व प्रधान एवं पार्षद विनोद आसरी, पार्षद हरेंद्र काला, इंडस शिक्षण संस्थाओं के निदेशक सुभाष श्योराण, सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जगतसिंह सैनी, पूर्व विधायक रामफल कुंडू, डॉ. कृष्ण मिड्ढा, पार्षद नरेश सैनी, पार्षद हरीश अरोड़ा, पूर्व पार्षद सुरेश सैनी, जिला पार्षद विनोद सैनी, भाजपा के जिला उपप्रधान डॉ. राज सैनी सहित अन्य मौजूद रहे।
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बेटियों ने दिया शव को कंधा, गमगीन हुआ माहौल

जींद।
एएसआई धमबीर सैनी की बेटियों ने पिता के शव को कंधा देना पड़ा। बेटियों के अरमान होते हैं कि पिता उनकी डोली सजाएं। एएसआई धर्मबीर भी अपनी बेटियों की डोली सजाने के सपने बुन रहे थे, लेकिन शायद किस्मत को यह मंजूर नहीं था। जवान बेटियों के कंधे पर जब शव यात्रा शुरू हुई तो कोई अपने आंसू नहीं रोक पाया। गौरतलब है कि एएसआई धर्मबीर की एक बेटी ज्योति शादीशुदा है, जबकि बेटी दिव्या (21) और भारती (24) साल की हैं। जब तीनों बेटियों ने पिता की चिता को मुखग्नि दी तो हर किसी की आंखें नम हो गई।
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हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे धर्मबीर
एएसआई धर्मबीर स्कूल और कालेज समय से ही हॉकी के अच्छे खिलाड़ी रहे। जिला और राज्य स्तर पर उनकी अपनी अलग ही पहचान थी। उसके साथी रहे नगर पार्षद विनोद आसरी ने बताया कि कॉलेज के समय में वह टीम का उत्कृष्ट खिलाड़ी रहा थे। क्रिकेट में भी उसकी अच्छी पकड़ रही। नौकरी में आने के बाद मिलनसार स्वभाव से उसने शहर में अपनी अलग ही पहचान बनाई थी।
एएसआई को राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से दी विदाई
अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़, बेटियों ने दी मुखाग्नि
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