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अगले महीने मिलेगी अस्पताल के नए भवन की सौगात
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सात साल के बाद जिले के लोगों को आखिरकार नए अस्पताल की सौगात अगले महीने मिल जाएगी। इसके लिए प्रशासन जोरों से तैयारी कर रहा है। अधिकारियों की मानें तो अस्पताल में सिर्फ फायर सेफ्टी उपकरण लगना बाकी है। इसके बाद नए भवन में शिफ्ट किया जा सकेगा। दरअसल, फिलहाल जिला स्तर पर 100 बेड का अस्पताल है। यहां स्वीकृत चिकित्सकों के पद भी इसी अनुरूप हैं। फिलहाल नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 44 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 200 बेड के अस्पताल के शुरू होने पर इनकी संख्या 55 हो जाएगी। हालांकि अस्पताल चिकित्सकों की कमी झेल रहा है। ऐसे में अस्पताल के नए भवन के शुरू होने से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद हैं।
10 साल का सफर
जिला अस्पताल को 100 बेड से 200 बेड करने की घोषणा 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने की थी। इसके बाद 2013 मेें इस पर काम शुरू हुआ। यह काम 2015 में हो जाना चाहिए था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद सीएम मनोहर लाल खट़्टर ने जींद विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान इसके लिए राशि की घोषणा की और फिलहाल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल के नए भवन में अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए गए हैं। यही कारण है कि अस्पताल के नए भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद यहां सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
यह मिलेंगी सुविधाएं
नए भवन में चिकित्सकों के अलावा मरीजों के लिए भी काफी सुविधाएं होंगी। अस्पताल के एक ब्लॉक में 14 ओपीडी कक्ष हैं। इसके अलावा चिकित्सकों और स्टाफ के लिए भी सुविधाएं हैं। बी ब्लॉक में आठ वार्ड और दो नर्सिंग कक्षों के अलावा अन्य सुविधाएं भी हैं। बी ब्लॉक में ही चार ऑपरेशन थियेटर होंगे, जबकि पुराने भवन में महज दो ऑपरेशन थियेटर हैं।
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गायनी वार्ड की सुधरेगी हालात
सबसे अधिक परेशानी फिलहाल गायनी वार्ड में आ रही है। कई बार अधिक डिलीवरी आने से एक-एक बेड पर दो-दो जच्चा रखने रहते हैं। नया भवन शुरू होने के बाद यहां काफी सुविधाएं मिल सकेंगी।
एमआरआई की दरकार
फिलहाल अस्पताल में एमआरआई मशीन की भी दरकार है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, लेकिन पुराने भवन में इसके लिए सही जगह नहीं होने के कारण यह परियोजना लटकी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार नया भवन प्रयोग में आने के बाद एमआरआई मशीन भी लग सकती है।
अगले महीने में शुरू होगा भवन
अस्पताल का भवन बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ फायर सेफ्टी उपकरण लगने बाकी है। इसका काम तेजी से चल रहा है। अगस्त में अस्पताल का नया भवन शुरू कर दिया जाएगा। -अमित खत्री, डीसी।
अगले महीने मिलेगी अस्पताल के नए भवन की सौगात
मरीजों को मिलेंगी सुविधाएं, अस्पताल में सिर्फ फायर सेफ्टी उपकरणों की दरकार
सात साल के बाद जिले के लोगों को आखिरकार नए अस्पताल की सौगात अगले महीने मिल जाएगी। इसके लिए प्रशासन जोरों से तैयारी कर रहा है। अधिकारियों की मानें तो अस्पताल में सिर्फ फायर सेफ्टी उपकरण लगना बाकी है। इसके बाद नए भवन में शिफ्ट किया जा सकेगा। दरअसल, फिलहाल जिला स्तर पर 100 बेड का अस्पताल है। यहां स्वीकृत चिकित्सकों के पद भी इसी अनुरूप हैं। फिलहाल नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 44 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 200 बेड के अस्पताल के शुरू होने पर इनकी संख्या 55 हो जाएगी। हालांकि अस्पताल चिकित्सकों की कमी झेल रहा है। ऐसे में अस्पताल के नए भवन के शुरू होने से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद हैं।
10 साल का सफर
जिला अस्पताल को 100 बेड से 200 बेड करने की घोषणा 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने की थी। इसके बाद 2013 मेें इस पर काम शुरू हुआ। यह काम 2015 में हो जाना चाहिए था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद सीएम मनोहर लाल खट़्टर ने जींद विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान इसके लिए राशि की घोषणा की और फिलहाल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल के नए भवन में अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए गए हैं। यही कारण है कि अस्पताल के नए भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद यहां सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
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यह मिलेंगी सुविधाएं
नए भवन में चिकित्सकों के अलावा मरीजों के लिए भी काफी सुविधाएं होंगी। अस्पताल के एक ब्लॉक में 14 ओपीडी कक्ष हैं। इसके अलावा चिकित्सकों और स्टाफ के लिए भी सुविधाएं हैं। बी ब्लॉक में आठ वार्ड और दो नर्सिंग कक्षों के अलावा अन्य सुविधाएं भी हैं। बी ब्लॉक में ही चार ऑपरेशन थियेटर होंगे, जबकि पुराने भवन में महज दो ऑपरेशन थियेटर हैं।
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गायनी वार्ड की सुधरेगी हालात
सबसे अधिक परेशानी फिलहाल गायनी वार्ड में आ रही है। कई बार अधिक डिलीवरी आने से एक-एक बेड पर दो-दो जच्चा रखने रहते हैं। नया भवन शुरू होने के बाद यहां काफी सुविधाएं मिल सकेंगी।
एमआरआई की दरकार
फिलहाल अस्पताल में एमआरआई मशीन की भी दरकार है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, लेकिन पुराने भवन में इसके लिए सही जगह नहीं होने के कारण यह परियोजना लटकी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार नया भवन प्रयोग में आने के बाद एमआरआई मशीन भी लग सकती है।
अगले महीने में शुरू होगा भवन
अस्पताल का भवन बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ फायर सेफ्टी उपकरण लगने बाकी है। इसका काम तेजी से चल रहा है। अगस्त में अस्पताल का नया भवन शुरू कर दिया जाएगा। -अमित खत्री, डीसी।
अगले महीने मिलेगी अस्पताल के नए भवन की सौगात
मरीजों को मिलेंगी सुविधाएं, अस्पताल में सिर्फ फायर सेफ्टी उपकरणों की दरकार