{"_id":"6499e7f40020b76d880e1aa4","slug":"wrestlers-came-on-the-right-path-when-people-did-not-support-them-rakesh-koch-jhjhar-news-c-200-1-bgh1001-784-2023-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों का साथ नहीं मिला तो सही रास्ते पर आए पहलवान : राकेश कोच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों का साथ नहीं मिला तो सही रास्ते पर आए पहलवान : राकेश कोच
Tue, 27 Jun 2023 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 27 Jun 2023 01:03 AM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। हरियाणा कुश्ती संघ के सचिव राकेश कोच ने पहलवान साक्षी, बजरंग व विनेश फोगाट द्वारा सड़कों पर आंदोलन खत्म करने के मामले में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनकारी पहलवानों को जनता का साथ मिलना बंद हो गया तो अब ये कोर्ट में लड़ने की बात कर रहे हैं। इसकी वजह कुछ भी हो लेकिन अब ये पहलवान उचित रास्ते पर आ गए हैं।
राकेश कोच ने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह हमेशा देश में कुश्ती को ऊंचा उठाने के लिए काम करते हैं। कुछ पहलवान गलत आरोपों के साथ सड़कों पर उतरे थे। अब वे सही बात समझ गए। पहलवानों ने आंदोलन न करने की घोषणा करके सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बृजभूषण और वह खुद पहले से ही कह रहे हैं कि यदि पहलवानों के पास पुख्ता सुबूत हैं तो उन्हें अदालत में लड़ना चाहिए। अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
राकेश कोच ने कहा कि पहलवान राजनीतिक के शिकार हो गए, इसलिए कई दिन तक अव्यवस्था फैली रही। अब केवल एक ट्रायल देने के पहलवानों की इच्छा से यह साफ हो गया है कि आंदोलन के पीछे इनका क्या मकसद था। चुनिंदा पहलवानों को ट्रायल की छूट देने से खुद पहलवानों में ही आंतरिक कलह हो गया है। अब आंदोलनकारी रहे पहलवानों को किसी का साथ मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी कारण ये पहलवान आंदोलन से पीछे हट गए हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ के जल्द होने वाले चुनाव के बारे में राकेश कोच ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र महासंघ के सदस्य हैं, इसलिए वे चुनाव लड़ने के अधिकारी भी हैं। बृजभूषण कहेंगे तो उनको हरियाणा का साथ भी मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राकेश कोच ने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह हमेशा देश में कुश्ती को ऊंचा उठाने के लिए काम करते हैं। कुछ पहलवान गलत आरोपों के साथ सड़कों पर उतरे थे। अब वे सही बात समझ गए। पहलवानों ने आंदोलन न करने की घोषणा करके सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बृजभूषण और वह खुद पहले से ही कह रहे हैं कि यदि पहलवानों के पास पुख्ता सुबूत हैं तो उन्हें अदालत में लड़ना चाहिए। अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
विज्ञापन
राकेश कोच ने कहा कि पहलवान राजनीतिक के शिकार हो गए, इसलिए कई दिन तक अव्यवस्था फैली रही। अब केवल एक ट्रायल देने के पहलवानों की इच्छा से यह साफ हो गया है कि आंदोलन के पीछे इनका क्या मकसद था। चुनिंदा पहलवानों को ट्रायल की छूट देने से खुद पहलवानों में ही आंतरिक कलह हो गया है। अब आंदोलनकारी रहे पहलवानों को किसी का साथ मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी कारण ये पहलवान आंदोलन से पीछे हट गए हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ के जल्द होने वाले चुनाव के बारे में राकेश कोच ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र महासंघ के सदस्य हैं, इसलिए वे चुनाव लड़ने के अधिकारी भी हैं। बृजभूषण कहेंगे तो उनको हरियाणा का साथ भी मिलेगा।
विज्ञापन