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विश्व मधुमेह दिवस : आठ फीसदी आबादी मधुमेह की दहलीज पर, 42 फीसदी युवा

Thu, 14 Nov 2024 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 14 Nov 2024 02:45 AM IST
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World Diabetes Day: Eight percent population on the threshold of diabetes, 42 percent youth
बहादुरगढ़। शहर की आठ फीसदी आबादी मधुमेह (शुगर) की दहलीज पर है। इसमें 42 फीसदी युवा हैं, अधिकांश का वजन बढ़ा हुआ है। इनमें उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा भी तीन गुना अधिक है। खान-पान में सुधार नहीं हुआ, वजन नहीं घटा तो अगले 10 साल में आधे लोग मरीज बन जाएंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि शुगर का असर शरीर के अंगों जैसे दिल और किडनी पर अधिक देखने को मिलता है। खानपान पर कंट्रोल नहीं किया जाए तो रक्त में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। बेहतर दिनचर्या, व्यायाम और संयमित खानपान से इसे नियंत्रित कर सकते हैं, नहीं तो इंसुलिन और अन्य दवाएं लेनी पड़ती हैं। डॉ सुंदरम बोले कि वजन नहीं घट रहा तो घूमना बेकार है।
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मधुमेह की बीमारी बिगड़ी दिनचर्या और गलत खान-पान का नतीजा है। जब हमारे शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस हो जाता है, पैंक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन करना कम कर देता है या फिर बंद कर देता है, तब हमारे रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है। अगर इस स्तर को नियंत्रित नहीं किया जाए तो इंसान शुगर का मरीज बन जाता है।
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डायबिटीज का उपचार क्या है

फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज का कोई स्थायी उपचार नहीं है। इसलिए व्यक्ति को पूरी जिंदगी टाइप-1 डायबिटीज का मरीज बनकर रहना पड़ता है। ऐसे लोगों को इंसुलिन लेना पड़ता है। जिसकी मदद से वे अपनी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज के लक्षणों से बिना किसी दवा के प्रतिदिन एक्सरसाइज, संंतुलित भोजन, समय पर नाश्ता और वजन को नियंत्रित करके छुटकारा पाया जा सकता है।





ये हैं लक्षण

-वजन कम होना, पेशाब बार-बार आना।

-घाव होने पर जल्द ठीक नहीं होना।

-भूख-प्यास अधिक लगना, मुंह सूखना।

-पीड़ित का हाथ-पैर सुन्न महसूस होना, चींटी काटने जैसा प्रतीत होना।



रोगी ये खाए

-साबूत फल खाएं, जूस, शीतलपेय पीने से बचें।

-सभी तरह की दालें, छोले और राजमा खा सकते हैं।



- खेलें, साइकिल चलाएं।

-45 मिनट तेज गति से चलें, योग-व्यायाम करें।

-पानी ज्यादा पीएं। विटामिन डी की कमी ना होने दें।

-स्मोकिंग और अल्कोहल लेने से परहेज करें।



-फोटो 62 : डॉ. सुंदरम, फिजिशियन नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़।



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