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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक महिला विशेषज्ञ के सहारे सिविल अस्पताल में चल रहा काम
Sun, 11 May 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 11 May 2025 01:39 AM IST
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10jjrp05- सिविल अस्पताल में उपचार करवाने के लिए पहुंची महिला मरीज। संवाद
झज्जर। सिविल अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की कमी है। फिलहाल एक ही नियमित महिला रोग विशेषज्ञ सिविल अस्पताल में कार्यरत है। इनके भरोसे पूरा विभाग चल रहा है।
अस्पताल में पहले दो महिला रोग विशेषज्ञ कार्यरत थी, जिसमें से एनएचएम के तहत कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ मेटरनिटी लीव पर हैं। अब एक विशेषज्ञ चिकित्सक के सहारे काम चल रहा है। इनको ओपीडी के अलावा डिलीवरी भी करवानी होती है। खास तौर पर दिक्कत तब आती है, जब सिजेरियन होना होता है। ऐसे में मरीज को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 डिलीवरी होती है। इसमें अधिकतर नार्मल होती है, लेकिन ज्यादा समस्या होने पर ही महिला को रेफर करना पड़ता है।
महिला मेडिकल ऑफिसर के सहारे नार्मल डिलीवरी
लेबर रूम में महिला मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की हुई है। नार्मल डिलीवरी इन्हीं के सहारे करवाई जाती है। सिजेरियन या विशेष स्थिति में ही विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाया जाता है।
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सिविल अस्पताल में फिलहाल एक ही महिला विशेषज्ञ चिकित्सक है। एक मेटरनिटी लीव पर हैं। इसके लिए मुख्यालय को अवगत करवाया जा चुका है।
- डॉ. नरेश दहिया, एमएस, सिविल अस्पताल, झज्जर
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अस्पताल में पहले दो महिला रोग विशेषज्ञ कार्यरत थी, जिसमें से एनएचएम के तहत कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ मेटरनिटी लीव पर हैं। अब एक विशेषज्ञ चिकित्सक के सहारे काम चल रहा है। इनको ओपीडी के अलावा डिलीवरी भी करवानी होती है। खास तौर पर दिक्कत तब आती है, जब सिजेरियन होना होता है। ऐसे में मरीज को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 डिलीवरी होती है। इसमें अधिकतर नार्मल होती है, लेकिन ज्यादा समस्या होने पर ही महिला को रेफर करना पड़ता है।
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महिला मेडिकल ऑफिसर के सहारे नार्मल डिलीवरी
लेबर रूम में महिला मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की हुई है। नार्मल डिलीवरी इन्हीं के सहारे करवाई जाती है। सिजेरियन या विशेष स्थिति में ही विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाया जाता है।
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सिविल अस्पताल में फिलहाल एक ही महिला विशेषज्ञ चिकित्सक है। एक मेटरनिटी लीव पर हैं। इसके लिए मुख्यालय को अवगत करवाया जा चुका है।
- डॉ. नरेश दहिया, एमएस, सिविल अस्पताल, झज्जर