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कमरे में पांच दिन से कैद महिला को छुड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर
Updated Sat, 13 Jun 2015 01:33 AM IST
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जिले के आखिरी छोर पर बसे गांव नवादा में एक महिला को उसी के पति व सास ने पिछले पांच दिन से छत पर बने कमरे में कैद किया हुआ था।
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इसकी सूचना मिलने पर महिला संरक्षण अधिकारी माधवी लोहचब पुलिस सुरक्षा साथ लेकर वहां पहुंची तथा महिला को कैद से आजाद कराया तथा उसके मायके भिजवाया।
महिला संरक्षण अधिकारी ने बताया कि गांव नवादा निवासी सतीश की शादी 13 साल पहले सुमन से हुई थी। शादी के बाद उसे दहेज के लिए परेशान किया जाता था। मगर धीरे-धीरे समय गुजरता चला गया।
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उसे दो बेटे हो गए। मगर उसके बाद भी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता। दूसरी बार डिलीवरी के दौरान उसके स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखा गया तथा उसे खाना दिए जाने में भारी लापरवाही की गई।
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इसके कारण वह टीबी की चपेट में आकर बीमार हो गई। इस दौरान कई बार उसका पति व ससुराल के लोगों के साथ झगड़ा भी हुआ, जिसके चलते वह मायके आ गई थी।
मगर मायके के आर्थिक हालात कमजोर होने के चलते उसे वापस फिर वहीं जाना पड़ा। लगभग एक सप्ताह पहले सुमन को उसकी सास व पति ने मकान की छत पर बने कमरे में बंद कर दिया तथा उसे खाना व पानी भी नहीं दिया जा रहा था।
इसकी सूचना महिला संरक्षण अधिकारी माधवी लोहचब को मिली तो वे साल्हावास पुलिस टीम के साथ सतीश के घर पहुंची तथा ऊपर चौबारे से सुमन को रिहा कराया। उसके बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया तथा पीजीआई में उसका उपचार शुरू करा दिया गया।
मौका मिलते ही बेटे देते थे खाना
माधवी लोहचब ने बताया कि सुमन को कैद किए जाने के बाद जब भी उसके दोनों बेटों में से किसी को मौका मिलता तो वे तुरंत ऊपर जाकर अपनी मां को खाना खिला देते थे। साथ ही नीचे आते ही बर्तनों को धो कर व पोंछ कर वापस रख देते थे, ताकि किसी को इस बारे में पता न चल सके।
महिला संरक्षण अधिकारी द्वारा डिमांड किए जाने पर हमनें पुलिस सुरक्षा भेज दी गई थी। हमारे पास जो भी शिकायत या डिमांड आती है, उस पर कार्रवाई की जाती है तथा सुरक्षा दी जाती है। -अशोक दहिया, थाना प्रभारी, साल्हावास