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Jhajjar-Bahadurgarh News: कनाडा भेजने के नाम पर महिला को 21 लाख की चपत लगाई
Thu, 24 Oct 2024 04:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 24 Oct 2024 04:07 AM IST
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बहादुरगढ़। विदेश भेजने के नाम पर शातिरों ने एक महिला को 21 लाख रुपए की चपत लगा दी। शातिर ने इंस्टाग्राम पर महिला से संपर्क किया। महिला जब कनाडा उच्चायोग में गई तो उसे इस वारदात का पता चला। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात बहादुरगढ़ निवासी गुरप्रीत के साथ हुई।
पुलिस को दी शिकायत में गुरप्रीत ने बताया कि जून माह में वह मोबाइल चला रही थी। इसी दौरान उसने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट देखी। फिर पोस्ट डालने वाले अंजान शख्स से संपर्क हुआ। उस शख्स ने वीजा पर विदेश भेजने के संबंध में बातचीत की और एक इनोवेशन स्ट्रीम पायलट प्रोग्राम के बारे में बताया। इस प्रोग्राम के तहत बिना एलएमआईए के वर्क परमिट पर कनाडा भेजने का वादा किया। उन्होंने इस प्रोग्राम और कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई तो कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने नंबर आदान प्रदान किए। बातचीत आगे बढ़ी तो उस शख्स ने वीजा और परमिट के लिए आवश्यक दस्तावेज तथा फीस का प्रफोर्मा भेजा। उसने अपनी तमाम जानकारी देते हुए आवेदन पत्र जमा करा दिया। आवेदन के लिए साढ़े 27 हजार रुपये फीस मांगी गई। इसके बाद मेडिकल इंश्योरेंस के करीब डेढ़ लाख रुपये मंगवाए। कुछ दिन बाद इंश्योरेंस पुष्टिकरण की मेल प्राप्त हुई। इसके बाद मुझसे नौकरी अनुबंध के लिए एक लाख 80 हजार मांगे गए। 9 अगस्त को प्रशासनिक सहायक पद के लिए रोजगार प्रस्ताव जारी किया गया। फिर उससे आवास मकान के लिए सात लाख 61 हजार और 18 अगस्त को कनाडा बॉर्डर सर्विस के करीब चार लाख और 4 सितंबर को कनाडा सरकारी खाते के सहित अन्य कारणों से रुपये मंगवाए गए। गत 9 सितंबर को वह भारत में स्थित कनाडा उच्चायोग में गई तो पता चला कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है। शातिरों ने कनाडा भेजने के नाम पर उससे 21 लाख आठ हजार 109 रुपये की चपत लगा दी है। फिर उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। अब साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में गुरप्रीत ने बताया कि जून माह में वह मोबाइल चला रही थी। इसी दौरान उसने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट देखी। फिर पोस्ट डालने वाले अंजान शख्स से संपर्क हुआ। उस शख्स ने वीजा पर विदेश भेजने के संबंध में बातचीत की और एक इनोवेशन स्ट्रीम पायलट प्रोग्राम के बारे में बताया। इस प्रोग्राम के तहत बिना एलएमआईए के वर्क परमिट पर कनाडा भेजने का वादा किया। उन्होंने इस प्रोग्राम और कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई तो कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने नंबर आदान प्रदान किए। बातचीत आगे बढ़ी तो उस शख्स ने वीजा और परमिट के लिए आवश्यक दस्तावेज तथा फीस का प्रफोर्मा भेजा। उसने अपनी तमाम जानकारी देते हुए आवेदन पत्र जमा करा दिया। आवेदन के लिए साढ़े 27 हजार रुपये फीस मांगी गई। इसके बाद मेडिकल इंश्योरेंस के करीब डेढ़ लाख रुपये मंगवाए। कुछ दिन बाद इंश्योरेंस पुष्टिकरण की मेल प्राप्त हुई। इसके बाद मुझसे नौकरी अनुबंध के लिए एक लाख 80 हजार मांगे गए। 9 अगस्त को प्रशासनिक सहायक पद के लिए रोजगार प्रस्ताव जारी किया गया। फिर उससे आवास मकान के लिए सात लाख 61 हजार और 18 अगस्त को कनाडा बॉर्डर सर्विस के करीब चार लाख और 4 सितंबर को कनाडा सरकारी खाते के सहित अन्य कारणों से रुपये मंगवाए गए। गत 9 सितंबर को वह भारत में स्थित कनाडा उच्चायोग में गई तो पता चला कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है। शातिरों ने कनाडा भेजने के नाम पर उससे 21 लाख आठ हजार 109 रुपये की चपत लगा दी है। फिर उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। अब साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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