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उगराहां ने गेहूं के दाम में वृद्धि को किया खारिज
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बहादुरगढ़। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां और सचिव शिंगारा सिंह मान ने गेहूं के दामों में 40 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है लेकिन दूसरी ओर यह मामूली वृद्धि हुई है।
उगराहां ने कहा कि गेहूं की कीमतें डीजल की बढ़ी हुई कीमतों की लागत को भी कवर नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, फसलों की वास्तविक लागत की गणना की जानी चाहिए और सभी फसलों की कीमतें उचित लाभ पर तय की जानी चाहिए। केंद्र सरकार किसान संगठनों के साथ बैठक के दौरान एमएसपी की बात कर रही थी लेकिन दो या तीन राज्यों में केवल तीन फसलों की खरीद की जाती है। उन्होंने मांग की कि सभी फसलों के उचित लाभ पर कीमतें तय कर सभी राज्यों में सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी दी जाए।
कृषि कानूनों को निरस्त करने और कृषि उपजों की सरकारी खरीद की गारंटी देने वाला कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की भाकियू एकता द्वारा बुधवार को आयोजित सभा को युवाओं ने संभाला।
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राजविंदर सिंह राजू बठिंडा और युवराज सिंह घुदानी कलां ने सभा में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने सभी सियासी दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस संघर्ष से पहले सभी दल चुनाव के दौरान झूठे वादों और छोटे लालच देकर सत्ता हथिया लेते थे। लेकिन आज स्थिति पहले से अलग है। लोग जमीन बचाने के लंबे संघर्ष के कारण सच्चाई को समझने और जानने लगे हैं। लीला सिंह जेठुके, वीरेंद्र मनकी संगरूर, बलविंदर सिंह धनोला और क्रांतिकारी श्रम केंद्र उत्तराखंड के कैलाश ने भी सभा को संबोधित किया।
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उगराहां ने कहा कि गेहूं की कीमतें डीजल की बढ़ी हुई कीमतों की लागत को भी कवर नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, फसलों की वास्तविक लागत की गणना की जानी चाहिए और सभी फसलों की कीमतें उचित लाभ पर तय की जानी चाहिए। केंद्र सरकार किसान संगठनों के साथ बैठक के दौरान एमएसपी की बात कर रही थी लेकिन दो या तीन राज्यों में केवल तीन फसलों की खरीद की जाती है। उन्होंने मांग की कि सभी फसलों के उचित लाभ पर कीमतें तय कर सभी राज्यों में सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी दी जाए।
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कृषि कानूनों को निरस्त करने और कृषि उपजों की सरकारी खरीद की गारंटी देने वाला कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की भाकियू एकता द्वारा बुधवार को आयोजित सभा को युवाओं ने संभाला।
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राजविंदर सिंह राजू बठिंडा और युवराज सिंह घुदानी कलां ने सभा में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने सभी सियासी दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस संघर्ष से पहले सभी दल चुनाव के दौरान झूठे वादों और छोटे लालच देकर सत्ता हथिया लेते थे। लेकिन आज स्थिति पहले से अलग है। लोग जमीन बचाने के लंबे संघर्ष के कारण सच्चाई को समझने और जानने लगे हैं। लीला सिंह जेठुके, वीरेंद्र मनकी संगरूर, बलविंदर सिंह धनोला और क्रांतिकारी श्रम केंद्र उत्तराखंड के कैलाश ने भी सभा को संबोधित किया।