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जलघर गंदगी से अटे, शहरवासी गंदा पानी पीने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो, झज्जर।
Updated Thu, 27 Aug 2015 11:49 PM IST
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झज्जर। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शहर के जलघरों में सफाई नहीं हो रही है। जलघरों में हालात बदतर हैं। लोगों को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। उधर, लोगों का कहना है कि गंदगी इतनी ज्यादा होती है कि पीना तो दूर की बात, पानी इस्तेमाल करने का भी मन नहीं करता है।
गर्मी का मौसम होने के चलते पानी की खपत भी बहुत ज्यादा है। इसी कारण पानी अच्छे से फिल्टर नहीं होता है। बिना फिल्टर किए घरों में सप्लाई कर दिया जाता है। इसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग अपने उपभोक्ताओं से प्रतिमाह पानी का बिल लेता है।
जिन्होंने मीटर नहीं लगवा रखे हैं, उनसे तो दो गुना बिल लिया जाता है। मगर बिल लेने के बावजूद शहर में साफ पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। अगर इसका कारण ढूंढा जाए तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ही लापरवाही सामने आती है। पुरानी तहसील रोड स्थित जलघर से शहर की एक बड़ी आबादी को पानी सप्लाई किया जाता है, मगर जलघरों की सफाई समय पर नहीं की जाती है। इसके कारण जलघरों में नीचे गाद जम गई है। पानी में जंगली घास उग आई है। इतना ही नहीं पानी में पॉलीथिन, बोतलें व अन्य गंदगी भी पड़ी है।
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सभी जलघरों का है बुरा हाल
ऐसा नहीं है कि केवल पुरानी तहसील रोड स्थित जलघरों में गंदगी है। शहर के लगभग सभी जलघरों की हालत ऐसी ही है। शहर में चार जलघर सांपला रोड, पुरानी तहसील रोड, रहणिया कॉलोनी व गुड़गांव रोड के हालात एक जैसे हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के पास सफाई के लिए बजट की कमी नहीं है, मगर लापरवाही के चलते ही ऐसा नहीं किया जाता है। कई बार अधिकारी सिर्फ कागजों में ही डिग्गियों की सफाई करा देते हैं। उस कारण भी गंदगी ज्यादा बढ़ जाती है।
बीमार होने का रहता है खतरा: डॉक्टर
सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गुलशन बताते हैं कि गंदा पानी शरीर के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक है। इससे उल्टी, दस्त हो सकते हैं। लीवर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पानी साफ नहीं होने से स्किन में एलर्जी भी हो सकती है। अगर शरीर की पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो जाए तो समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। अगर कहीं पर गंदे पानी की सफाई आ रही है तो उसे उबाल कर ठंडा करके पीना चाहिए।
सीताराम गेट पर गंदे पानी की सप्लाई
शहर के सीताराम गेट पर गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। महिला संतोष, सोहना, बिमला व रजनी ने बताया कि घराें में गंदा पानी आने के कारण वह प्रयोग करने लायक नहीं रहता है। न तो उसे पिया जा सकता है तथा न ही नहाने में प्रयोग किया जा सकता है। कई बार तो बहुत ज्यादा बदबूदार पानी आता है। ऐसे में कपड़े धोने लायक भी पानी नहीं होता है। लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत वे विभाग के अधिकारियों से कर चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जलघरों की सफाई नियमित रूप से कराई जाती है। अगर फिर भी किसी जलघर में गंदगी जमा हो गई है तो उसे साफ करा दिया जाएगा। गंदे पानी की सप्लाई की कहीं से शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सतीश राठी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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गर्मी का मौसम होने के चलते पानी की खपत भी बहुत ज्यादा है। इसी कारण पानी अच्छे से फिल्टर नहीं होता है। बिना फिल्टर किए घरों में सप्लाई कर दिया जाता है। इसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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जनस्वास्थ्य विभाग अपने उपभोक्ताओं से प्रतिमाह पानी का बिल लेता है।
जिन्होंने मीटर नहीं लगवा रखे हैं, उनसे तो दो गुना बिल लिया जाता है। मगर बिल लेने के बावजूद शहर में साफ पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। अगर इसका कारण ढूंढा जाए तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ही लापरवाही सामने आती है। पुरानी तहसील रोड स्थित जलघर से शहर की एक बड़ी आबादी को पानी सप्लाई किया जाता है, मगर जलघरों की सफाई समय पर नहीं की जाती है। इसके कारण जलघरों में नीचे गाद जम गई है। पानी में जंगली घास उग आई है। इतना ही नहीं पानी में पॉलीथिन, बोतलें व अन्य गंदगी भी पड़ी है।
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सभी जलघरों का है बुरा हाल
ऐसा नहीं है कि केवल पुरानी तहसील रोड स्थित जलघरों में गंदगी है। शहर के लगभग सभी जलघरों की हालत ऐसी ही है। शहर में चार जलघर सांपला रोड, पुरानी तहसील रोड, रहणिया कॉलोनी व गुड़गांव रोड के हालात एक जैसे हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के पास सफाई के लिए बजट की कमी नहीं है, मगर लापरवाही के चलते ही ऐसा नहीं किया जाता है। कई बार अधिकारी सिर्फ कागजों में ही डिग्गियों की सफाई करा देते हैं। उस कारण भी गंदगी ज्यादा बढ़ जाती है।
बीमार होने का रहता है खतरा: डॉक्टर
सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गुलशन बताते हैं कि गंदा पानी शरीर के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक है। इससे उल्टी, दस्त हो सकते हैं। लीवर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पानी साफ नहीं होने से स्किन में एलर्जी भी हो सकती है। अगर शरीर की पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो जाए तो समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। अगर कहीं पर गंदे पानी की सफाई आ रही है तो उसे उबाल कर ठंडा करके पीना चाहिए।
सीताराम गेट पर गंदे पानी की सप्लाई
शहर के सीताराम गेट पर गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। महिला संतोष, सोहना, बिमला व रजनी ने बताया कि घराें में गंदा पानी आने के कारण वह प्रयोग करने लायक नहीं रहता है। न तो उसे पिया जा सकता है तथा न ही नहाने में प्रयोग किया जा सकता है। कई बार तो बहुत ज्यादा बदबूदार पानी आता है। ऐसे में कपड़े धोने लायक भी पानी नहीं होता है। लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत वे विभाग के अधिकारियों से कर चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जलघरों की सफाई नियमित रूप से कराई जाती है। अगर फिर भी किसी जलघर में गंदगी जमा हो गई है तो उसे साफ करा दिया जाएगा। गंदे पानी की सप्लाई की कहीं से शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सतीश राठी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।