{"_id":"623a2eff1cb1413e4967a276","slug":"water-filled-in-the-fields-due-to-babra-minor-overflow-jhjhar-news-rtk64177863","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबरा माइनर ओवरफ्लो होने से खेतों में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबरा माइनर ओवरफ्लो होने से खेतों में भरा पानी
विज्ञापन
झज्जर। शहर के नजदीक से गुजरने वाली बाबरा माइनर मंगलवार की सुबह अचानक ओवरफ्लो हो गई। माइनर में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने और ग्वालीसन रोड पर पुल के अंदर पानी के साथ बहकर आई झाड़ियां व पेड़ों की टहनियां फंसने से पुल रुक गया, जिससे नहर टूटने का खतरा बन गया।
जैसे ही सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसका पता चला तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से जेसीबी बुलाकर पुल के अंदर से फंसी पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों को बाहर निकलवाया और नहर की पटरी के ऊपर दोनों तरफ मिट्टी डालकर पानी को रोकना शुरू किया। हालांकि माइनर के साथ लगते खेतों में पानी भर गया और किसान भी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के साथ फसलों को बचाने के लिए राहत कार्य में जुटे रहे।
शाम 3:00 बजे तक नहर में पानी का स्तर कम नहीं हो पाया था, जबकि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने झज्जर डिस्ट्रीब्यूटरी से निकलने वाली माइनर पर कार्यरत कर्मचारियों को सूचित कर दिया था। शाम को एक बार थोड़ा सा पानी कम हो पाया था। नहर ओवरफ्लो होने के कारण टूटने का भय बना हुआ है। अगर नहर में जलस्तर कम नहीं हुआ तो यह टूट सकती है और किसानों की फसल खराब हो सकती है।
विज्ञापन
वर्जन
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात कर नहर में पानी के डिस्चार्ज को कम करवाया जाएगा, ताकि नहर को ओवरफ्लो होने से बचाया जा सके। चंडीगढ़ में एक बैठक होने के कारण इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई थी।
- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर
विज्ञापन
जैसे ही सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसका पता चला तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से जेसीबी बुलाकर पुल के अंदर से फंसी पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों को बाहर निकलवाया और नहर की पटरी के ऊपर दोनों तरफ मिट्टी डालकर पानी को रोकना शुरू किया। हालांकि माइनर के साथ लगते खेतों में पानी भर गया और किसान भी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के साथ फसलों को बचाने के लिए राहत कार्य में जुटे रहे।
विज्ञापन
शाम 3:00 बजे तक नहर में पानी का स्तर कम नहीं हो पाया था, जबकि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने झज्जर डिस्ट्रीब्यूटरी से निकलने वाली माइनर पर कार्यरत कर्मचारियों को सूचित कर दिया था। शाम को एक बार थोड़ा सा पानी कम हो पाया था। नहर ओवरफ्लो होने के कारण टूटने का भय बना हुआ है। अगर नहर में जलस्तर कम नहीं हुआ तो यह टूट सकती है और किसानों की फसल खराब हो सकती है।
विज्ञापन
वर्जन
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात कर नहर में पानी के डिस्चार्ज को कम करवाया जाएगा, ताकि नहर को ओवरफ्लो होने से बचाया जा सके। चंडीगढ़ में एक बैठक होने के कारण इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई थी।
- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर