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तीन विस के 18 गांवों को सिंचाई के लिए टेल तक मिलेगा पानी
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दुल्हेड़ा माईनर
- फोटो : Jhjhar
किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए दुल्हेड़ा माइनर के जीर्णोद्घार का कार्य शुरू करवाया गया है। इस कार्य पर 45 करोड़, 82 लाख, 18 हजार रुपये की राशि खर्च हो रही है। इससे बेरी, बादली, बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 18 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पूरा पानी मिलेगा। सीसी की लाइनिंग होने से दुल्हेड़ा माइनर में पूरी क्षमता यानी 450 क्यूसेक पानी टेल तक पहुंचेगा। दुल्हेड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी के जीर्णोद्धार का कार्य अंतिम चरण में है और अगस्त में कार्य पूरा हो जाएगा। सीसी की लाइनिंग की जा रही है इससे पानी की बर्बादी रुकेगी और टेल तक पूरा पानी पहुंचेगा। दुल्हेड़ा माइनर से रोहद, मांडौठी, खरहर, मातन, खरमान, छुड़ानी, बुपनिया, दुल्हेड़ा, डाबौदा, खेड़का गुजर, गोयला कलां, कबलाना, खेड़ी जट्ट, बादली, मुनीमपुर, बामड़ौला, कुकड़ौला, दरियापुर और लगरपुर गांवों के खेतों तक सिंचाई का नहरी पानी पूरी क्षमता से पहुंचेगा।
अधिकांश डिस्ट्रीब्यूटरी का हो चुका है जीर्णोद्घार
दशकों से जिले भर में खस्ताहाल पड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी और माइनर के जीर्णोद्धार कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। जिले के क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था में सुधार के लिए प्रोजेक्ट साल्हावास पंप हाउस पर 143 करोड़ रुपये, जेएनएल नहर के सुधार पर 12 करोड़ रुपये, दुल्हेड़ा माइनर के अलावा लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से रईया माइनर, साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से कासनी माइनर का जीर्णोद्घार किया गया है।
ड्रेन नंबर आठ का भी हो चुका सुधार
एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से ड्रेन नंबर आठ पर बैंक पंप सेट और लगभग पांच करोड़ रुपये गुरुग्राम एसटीपी प्रोजेक्ट पर खर्च की गई है। इससे बाढ़सा, मुंडाखेड़ा, मुबारिकपुर, याकूबपुर, फतेहपुरी, इस्माइलपुर, सौंधी गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। अमादलपुर और सुबाना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सोलर ऊर्जा आधारित लघु सिंचाई योजना शुरू करवाई गई है।
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दो दशक बाद हुई मांग पूरी : जयपाल
खेड़का गुजर के किसान जयपाल देशवाल ने कहा कि 1995 की बाढ़ से दुल्हेड़ा माइनर खस्ताहाल हो गई थी। दुल्हेड़ा माइनर का पानी दुल्हेड़ा से आगे नहीं पहुंच पाता था। प्रभावित किसानों ने 1995 से लगातार माइनर को पक्का करने की मांग सरकारों से की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सभी हां भरते गए लेकिन काम किसी ने नहीं करवाया। बादली विधानसभा क्षेत्र के सात गांव टेल पर हैं। इन गांवों के लोगों ने कृषि मंत्री धनखड़ को अपनी समस्या बताई तो उन्होंने हामी भरी और बजट मंजूर करवाते हुए कार्य भी शुरू करवा दिया है।
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क्षेत्र की खस्ताहाल हो चुकी माइनरों की वजह से टेल तक पानी पहुंचाना जटिल समस्या थी। एक-एक करके जिले की अधिकांश माइनरों का जीर्णोद्घार सीसी के माध्यम से करवाया गया है। अब जितना पानी पीछे से आएगा, उतना टेल तक जरूर पहुंचेगा।
ओपी धनखड़, कृषि एवं कल्याण मंत्री, हरियाणा सरकार।
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अधिकांश डिस्ट्रीब्यूटरी का हो चुका है जीर्णोद्घार
दशकों से जिले भर में खस्ताहाल पड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी और माइनर के जीर्णोद्धार कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। जिले के क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था में सुधार के लिए प्रोजेक्ट साल्हावास पंप हाउस पर 143 करोड़ रुपये, जेएनएल नहर के सुधार पर 12 करोड़ रुपये, दुल्हेड़ा माइनर के अलावा लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से रईया माइनर, साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से कासनी माइनर का जीर्णोद्घार किया गया है।
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ड्रेन नंबर आठ का भी हो चुका सुधार
एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से ड्रेन नंबर आठ पर बैंक पंप सेट और लगभग पांच करोड़ रुपये गुरुग्राम एसटीपी प्रोजेक्ट पर खर्च की गई है। इससे बाढ़सा, मुंडाखेड़ा, मुबारिकपुर, याकूबपुर, फतेहपुरी, इस्माइलपुर, सौंधी गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। अमादलपुर और सुबाना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सोलर ऊर्जा आधारित लघु सिंचाई योजना शुरू करवाई गई है।
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दो दशक बाद हुई मांग पूरी : जयपाल
खेड़का गुजर के किसान जयपाल देशवाल ने कहा कि 1995 की बाढ़ से दुल्हेड़ा माइनर खस्ताहाल हो गई थी। दुल्हेड़ा माइनर का पानी दुल्हेड़ा से आगे नहीं पहुंच पाता था। प्रभावित किसानों ने 1995 से लगातार माइनर को पक्का करने की मांग सरकारों से की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सभी हां भरते गए लेकिन काम किसी ने नहीं करवाया। बादली विधानसभा क्षेत्र के सात गांव टेल पर हैं। इन गांवों के लोगों ने कृषि मंत्री धनखड़ को अपनी समस्या बताई तो उन्होंने हामी भरी और बजट मंजूर करवाते हुए कार्य भी शुरू करवा दिया है।
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क्षेत्र की खस्ताहाल हो चुकी माइनरों की वजह से टेल तक पानी पहुंचाना जटिल समस्या थी। एक-एक करके जिले की अधिकांश माइनरों का जीर्णोद्घार सीसी के माध्यम से करवाया गया है। अब जितना पानी पीछे से आएगा, उतना टेल तक जरूर पहुंचेगा।
ओपी धनखड़, कृषि एवं कल्याण मंत्री, हरियाणा सरकार।