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एसपी कार्यालय में एलईडी पर मारपीट का वीडियो दिखाया तो लौट गए ग्रामीण
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मातनहेल गांव में बिजली चोरी पकड़ने गई विद्युत निगम की टीम के साथ मारपीट करने के मामले को लेकर ग्रामीण एसपी से मिले। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। करने व मामले को झूठा बताया, लेकिन एसपी कार्यालय में टीम की तरफ से बनाई गई वीडियो दिखाई तो ग्रामीणों के सामने सच्चाई आ गई। सच्चाई सामने आने पर आरोपियों को पुलिस के हवाले का आश्वासन भी दिया।
विद्युत निगम के अधिकारियों ने मातनहेल के ग्रामीणों के खिलाफ बिजली चोरी पकड़ने गई टीम के साथ मारपीट करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज कराया था। दो महिला सहित चार नामजद और अन्य अज्ञात बताए गए थे। केस दर्ज होने के बाद ग्रामीणों में खलबली मची है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को
अपना पक्ष रखने के लिए गांव के गणमान्य लोगों के साथ कुछ ग्रामीण पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम से मिले और अपना पक्ष रखा।
आरोप लगाया कि उन्हें गलत मामले में फंसाया गया है। इस पर पुलिस ने मौके पर बनाई गई वीडियो को एसपी कार्यालय में लगी एलईडी पर चलाकर दिखा दिया गया। ये देखकर ग्रामीण भी हक्के बक्के रह गए। सच्चाई सामने आने के बाद गणमान्य लोगों ने पुलिस से खेद जताया। उन्होंने एसपी से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के साथ खुद ही आरोपियों को पुलिस के हवाले करने का भरोसा दिया और लौट गए।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 4 अप्रैल को बिजली चोरी को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। जिसमें बिजली निगम व पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम को गांव मातनहेल के एक घर में बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया था। मौके पर मौजूद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में बिजली निगम के कर्मचारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार व छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए थे। परंतु जो टीम मौके पर गई थी उसकी ओर से मौके पर वीडियोग्राफी भी की गई थी। वीडियो क्लिप में सारी चीजें क्लियर हो गई थी कि घटना में बिजली निगम के कर्मचारी के खिलाफ जो आरोप लगाए गए थे, वह बिल्कुल निराधार हैं। वीडियो क्लिप में साफ दिखाई दे रहा है कि घर का जो मालिक है वह बिजली की चोरी कर रहा था और वह तार को हटा रहा है और घर में ही मौजूद है।
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विद्युत निगम के अधिकारियों ने मातनहेल के ग्रामीणों के खिलाफ बिजली चोरी पकड़ने गई टीम के साथ मारपीट करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज कराया था। दो महिला सहित चार नामजद और अन्य अज्ञात बताए गए थे। केस दर्ज होने के बाद ग्रामीणों में खलबली मची है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को
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अपना पक्ष रखने के लिए गांव के गणमान्य लोगों के साथ कुछ ग्रामीण पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम से मिले और अपना पक्ष रखा।
आरोप लगाया कि उन्हें गलत मामले में फंसाया गया है। इस पर पुलिस ने मौके पर बनाई गई वीडियो को एसपी कार्यालय में लगी एलईडी पर चलाकर दिखा दिया गया। ये देखकर ग्रामीण भी हक्के बक्के रह गए। सच्चाई सामने आने के बाद गणमान्य लोगों ने पुलिस से खेद जताया। उन्होंने एसपी से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के साथ खुद ही आरोपियों को पुलिस के हवाले करने का भरोसा दिया और लौट गए।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 4 अप्रैल को बिजली चोरी को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। जिसमें बिजली निगम व पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम को गांव मातनहेल के एक घर में बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया था। मौके पर मौजूद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में बिजली निगम के कर्मचारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार व छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए थे। परंतु जो टीम मौके पर गई थी उसकी ओर से मौके पर वीडियोग्राफी भी की गई थी। वीडियो क्लिप में सारी चीजें क्लियर हो गई थी कि घटना में बिजली निगम के कर्मचारी के खिलाफ जो आरोप लगाए गए थे, वह बिल्कुल निराधार हैं। वीडियो क्लिप में साफ दिखाई दे रहा है कि घर का जो मालिक है वह बिजली की चोरी कर रहा था और वह तार को हटा रहा है और घर में ही मौजूद है।