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टैक्स माफ करवाने के लिए कई गांवों के ग्रामीण टोल पर पहुंचे

Fri, 18 Sep 2020 01:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 01:27 AM IST
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Villagers of many villages reached toll to get tax forgiven.
टोल को लेकर बैठक में ग्रामीणों से बातचीत करते अधिकारी। - फोटो : Jhjhar
बेरी। झज्जर-रोहतक नेशनल हाइवे पर स्थित टोल पर डीघल के साथ लगाते करीब आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण और टोल कर्मचारियों के साथ आए दिन होने वाले झगड़े को लेकर डीघल गांव की गोशाला में पंचायत का आयोजन किया गया। डीघल, शेरिया, बरहाना, गांगटान, दिमाना, मदाना, छोछी सहित आसपास गांवों के ग्रामीण टोल फ्री करवाने के लिए डीघल गोशाला में पंचायत की। पंचायत करने के बाद ग्रामीण एकत्रित होकर डीघल टोल पर पहुंचे। उन्होंने टोल अधिकारियों से कहा कि डीघल टोल के साथ लगाते गांवों का टोल फ्री होना चाहिए। लेकिन अधिकारियों का कहना था कि कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार वाहनों पर फास्टैग और एसडीएम का प्रमाणित पत्र जरूरी है। लेकिन ग्रामीण इस बात को लेकर मान नहीं रहे थे। टोल अधिकारियों ने ग्रामीणों को निर्धारित प्रक्रिया अपनाने के लिए डेढ़ माह का समय दिया है, जिसे ग्रामीणों ने मान लिया।
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टोल पर हंगामा होने की सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार रमेशचंद्र, डीएसपी नरेश कुमार, डीघल चौकी प्रभारी सुरेंद्र, केईपीएल परियोजना प्रबंधक सुनील कुमार, स्काईलार्क प्रोजेक्ट मैनेजर नरेश डागर, टोल मैनेजर प्रमोद, मैनेजर नितेश, मैनेजर सूबेदार मेजर रविंद्र ने टोल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि डीघल फ्लाईओवर का निर्माण करवाया जाए। वहीं टोल अधिकारियों का कहना था कि इसकी शिकायत टोल उच्चाधिकारियों के पास भेज दी हैं। काफी संख्या में टोल पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि की लोकल में आईडी दिखाकर वाहन को न रोका जाए। लेकिन अधिकारियों का दो टूक जवाब यहीं था कि बिना फास्टैग व एसडीएम का प्रमाणित पत्र के बिना वाहन टोल से नहीं जाएगा।
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टोल अधिकारियों ने दिया डेढ़ माह का समय
टोल अधिकारियों ने कहा लोकल गांव वाले अपनी गाड़ी पर फास्टैग लगाए और एसडीएम द्वारा प्रमाणित पत्र टोल पर जमा करवा दें। इसके बाद आपका निशुल्क पास बना दिया जाएगा। जिस पर ग्रामीणों ने टोल अधिकारियों से पास बनवाने के लिए एक माह का समय लिया। टोल अधिकारियों ने 1 माह की जगह डेढ़ महीने का समय दिया गया है और सभी को तब तक लोकल आईडी पर छोड़ने के लिए कहा गया। जोकि ओरिजिनल आईडी यूजर के पास होना चाहिए। अगर आईडी किसी और के पास मिली या आईडी का मिस यूज होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- एक दिन पहले लोकल आईडी को लेकर टोल कर्मचारी के साथ हुआ झगड़ा
बता दें कि बुधवार को लोकल आईडी दिखाने को लेकर टोल कर्मचारी ओर वाहन चालक के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा होने की शिकायत टोल प्रबंधक नितेश मलिक ने डीघल चौकी में दर्ज करवाई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद वीरवार को ग्रामीण एकत्रित होकर टोल पर पहुंच गए।

गत दिवस को वाहन चालक के साथ फास्टैग को लेेकर टोल कर्मचारी के साथ झगड़ा हुआ था। जिसकी शिकायत टोल अधिकारियों द्वारा डीघल चौकी में दर्ज करवाई गई थी। डीघल के साथ लगते गांवों के ग्रामीण टोल फ्री करवाने के लिए आए थे। जिस पर ग्रामीणों को बताया गया कि लोकल गांव वाले अपनी गाड़ी पर फास्टैग लगाए और एसडीएम द्वारा प्रमाणित पत्र टोल पर जमा करवा दें। जिसके बाद आपका निशुल्क पास बना दिया जाएगा।
- नितेश मलिक, टोल प्लाजा, मैनेजर डीघल।
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