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रेलवे कॉरिडोर को लेकर ग्रामीण हुए लामबंद
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तहसील कार्यालय में एकत्रित किसान तहसीलदार को समस्या से अवगत करवाते हुए। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
केएमपी के साथ प्रस्तावित रेलवे कारिडोर के निर्माण कार्य से पहले ही मुआवजा और ड्राइंग पर विरोध प्रकट करते हुए ग्रामीण लामबंद होने शुरू हो गए हैं। बुधवार को दर्जनों गांव के ग्रामीण उपमंडल कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से रेलवे कारिडोर की ड्राइंग जारी करने के साथ-साथ मुआवजा राशि सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है।
उपमंडल कार्यालय में होशियार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे बलबीर नंबरदार, रणबीर, सोमबीर, उमेद, मैनपाल, सुंदर, दलेल, होशियार, रिसाल सिंह लगरपुर, चंद्रभान, शैलेश मुंडाखेड़ा जयभगवान, वेद प्रकाश सहित विभिन्न गांवों के किसानों ने कहा कि रेलवे कारिडोर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, लेकिन उनको इसका नक्शा नहीं दिखाया जा रहा है, जोकि उनके साथ धोखा है। साथ ही किसानों को मुआवजा राशि की जानकारी भी संबंधित विभाग की ओर से नहीं दी जा रही है।
होशियार सिंह ने बताया कि रेलवे नोटिफिकेशन में मात्र दो स्टेशन दिखाए गए हैं, जबकि चार स्टेशन बनाए जाने का प्रचार किया जा रहा है। ऐसे में किसानों को भ्रमित करने की बजाय बादली तहसील के सभी गांवों में ड्राइंग दिखाने की मांग की है। किसानों ने तहसीलदार श्रीनिवास को बताया कि उन्हें ड्राइंग की सही जानकारी नहीं दी गई तो चीफ सेक्रेटरी के पास शिकायत करने के साथ उपमंडल स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर बादली, बुपनियां, गुभाना, देवरखाना, मुंडाखेड़ा, दरियापुर, बाढ़सा और माजरी सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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कलेक्टर रेट पर आपत्ति
इस्माईलपुर गांव की जमीन के कलेक्टर रेट 23 लाख 92 हजार रुपये हैं, जबकि उनके गांव की जमीन से सटी बादली की जमीन के कलेक्टर रेट 34 लाख 32 हजार रुपये प्रति एकड़ हैं। इसी तरह से मुंडाखेड़ा गांव की जमीन का कलेक्टर रेट 23 लाख 40 हजार रुपये है, जबकि लगरपुर, लोहट और देवरखाना गांव के 26 लाख रुपये हैं। किसानों ने आपत्ति प्रकट करते हुए बताया कि गांवों के कलेक्टर रेट में वर्षों से बढ़ोतरी नहीं की गई है।
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उपमंडल कार्यालय में होशियार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे बलबीर नंबरदार, रणबीर, सोमबीर, उमेद, मैनपाल, सुंदर, दलेल, होशियार, रिसाल सिंह लगरपुर, चंद्रभान, शैलेश मुंडाखेड़ा जयभगवान, वेद प्रकाश सहित विभिन्न गांवों के किसानों ने कहा कि रेलवे कारिडोर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, लेकिन उनको इसका नक्शा नहीं दिखाया जा रहा है, जोकि उनके साथ धोखा है। साथ ही किसानों को मुआवजा राशि की जानकारी भी संबंधित विभाग की ओर से नहीं दी जा रही है।
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होशियार सिंह ने बताया कि रेलवे नोटिफिकेशन में मात्र दो स्टेशन दिखाए गए हैं, जबकि चार स्टेशन बनाए जाने का प्रचार किया जा रहा है। ऐसे में किसानों को भ्रमित करने की बजाय बादली तहसील के सभी गांवों में ड्राइंग दिखाने की मांग की है। किसानों ने तहसीलदार श्रीनिवास को बताया कि उन्हें ड्राइंग की सही जानकारी नहीं दी गई तो चीफ सेक्रेटरी के पास शिकायत करने के साथ उपमंडल स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर बादली, बुपनियां, गुभाना, देवरखाना, मुंडाखेड़ा, दरियापुर, बाढ़सा और माजरी सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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कलेक्टर रेट पर आपत्ति
इस्माईलपुर गांव की जमीन के कलेक्टर रेट 23 लाख 92 हजार रुपये हैं, जबकि उनके गांव की जमीन से सटी बादली की जमीन के कलेक्टर रेट 34 लाख 32 हजार रुपये प्रति एकड़ हैं। इसी तरह से मुंडाखेड़ा गांव की जमीन का कलेक्टर रेट 23 लाख 40 हजार रुपये है, जबकि लगरपुर, लोहट और देवरखाना गांव के 26 लाख रुपये हैं। किसानों ने आपत्ति प्रकट करते हुए बताया कि गांवों के कलेक्टर रेट में वर्षों से बढ़ोतरी नहीं की गई है।