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Jhajjar-Bahadurgarh News: बारिश में महंगी हुईं सब्जियां, बिगड़ने लगा रसोई का बजट
Sun, 07 Jul 2024 06:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 07 Jul 2024 06:28 AM IST
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मंडी में दुकान पर सजी सब्जियां।
बहादुरगढ़। बारिश के चलते सब्जियां काफी महंगी हो गई हैं। हरी सब्जियों के दाम भी सातवें आसमान पर हैं। घीया, तोरई 60 से 80 रुपये प्रति किलो है। टमाटर 80 पार हो गया है। फूल गोभी 140 और अदरक 320 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। माना जा रहा है बारिश में सब्जियों की फसल को हुए नुकसान और मंडियों में आवक कम होने की वजह से तेजी को बढ़ावा मिला है।
बहादुरगढ़ की सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। हरी मिर्च 150 रुपये तो अदरक भी 320 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। भिंडी, अरवी, तोरई, बैंगन 60 रुपये किलो पर पहुंच गए हैं। घीया भी 80 रुपये किलो बिक रही है। अधिकतम हरी सब्जियां आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई हैं। कुछ सब्जियां क्षेत्र के हिसाब से भी महंगी हैं।
नई बस्ती निवासी महिला सुनीता का कहना है कि पहले वह प्रतिदिन मंडी में सब्जी लेने के लिए जाती थी, लेकिन अब सब्जियां महंगी होने के कारण उन्होंने वहां जाना छोड़ दिया है बल्कि दालें बनानी शुरू कर दी हैं। अग्रवाल कॉलोनी निवासी महिला पिंकी कहती हैं कि टमाटर ज्यादा महंगे होने के कारण उन्होंने वे सब्जी बनानी शुरू कर दी हैं जिनमें टमाटर नहीं डाले जाते। मॉडल टाउन निवासी महिला राखी ने कहा कि सब्जी महंगी होने से रसोई का बजट बढ़ गया है। परिवार में छह लोग हो तो रोजाना एक किलो सब्जी खरीदनी पड़ती है। महंगी सब्जी के कारण सब्जी खरीदने में कटौती करनी पड़ रही है। सब्जी के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, हरी सब्जियों पर इतने दाम तो नहीं बढ़ने चाहिए।
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बारिश की वजह से बढ़ी कीमतें : आढ़ती
झज्जर रोड पर स्थित सब्जी मंडी के आढ़ती प्रदीप दलाल का कहना है कि बरसात के कारण सब्जियों के भाव में तेजी आई है। मंडी में लोकल टमाटर की आवक बंद हो गई है और हिमाचल और बंगलूरू से टमाटार की आवक हो रही है। हिमाचल प्रदेश के सोलन, शिमला, सुंदरनगर से टमाटर मंडी में पहुंच रहा है। प्याज की आवक राजस्थान और महाराष्ट्र से शुरू हो गई है, इसी वजह है कि सब्जियां महंगी होने लगी है। यदि पहाड़ों पर आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो टमाटर की कीमत और बढ़ सकती है।
अधिकारी बोले- कालाबाजारी हुई तो रोकने का प्रयास करेंगे
सब्जियों के भाव पर नियंत्रण को लेकर सरकार का कृषि विपणन मंडल और खाद्य आपूर्ति विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं मानते। मार्केट कमेटी सचिव अंजू दलाल का कहना है कि सब्जियों पर नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी मार्केटिंग बोर्ड की नहीं है। बोर्ड का काम मंडी में व्यवस्था बनाए रखना है। यदि कोई सामान की कालाबाजारी करता है तो कमेटी रोकने का प्रयास किया जाएगा। उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार का कहना है कि उनके विभाग का काम दामों में उतार-चढ़ाव को देखने का नहीं है।
सब्जी
फुटकर में रेट( प्रति किलो)
थोक में रेट ( प्रति किलो)
टमाटर
70-80 रुपये
50-60 रुपये
प्याज
45-50 रुपये
35-40 रुपये
बैंगन
55-60 रुपये
40-45 रुपये
पत्ता गोभी 70 रुपये
45-50 रुपये
बड़ा आलू
30 रुपये
20-25 रुपये
फूल गोभी
140 रुपये
80-100 रुपये
घीया
80 रुपये
50-60 रुपये
शिमला मिर्च
140 रुपये
80-100 रुपये
हरी मिर्च
150 रुपये
100-120 रुपये
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बहादुरगढ़ की सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। हरी मिर्च 150 रुपये तो अदरक भी 320 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। भिंडी, अरवी, तोरई, बैंगन 60 रुपये किलो पर पहुंच गए हैं। घीया भी 80 रुपये किलो बिक रही है। अधिकतम हरी सब्जियां आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई हैं। कुछ सब्जियां क्षेत्र के हिसाब से भी महंगी हैं।
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नई बस्ती निवासी महिला सुनीता का कहना है कि पहले वह प्रतिदिन मंडी में सब्जी लेने के लिए जाती थी, लेकिन अब सब्जियां महंगी होने के कारण उन्होंने वहां जाना छोड़ दिया है बल्कि दालें बनानी शुरू कर दी हैं। अग्रवाल कॉलोनी निवासी महिला पिंकी कहती हैं कि टमाटर ज्यादा महंगे होने के कारण उन्होंने वे सब्जी बनानी शुरू कर दी हैं जिनमें टमाटर नहीं डाले जाते। मॉडल टाउन निवासी महिला राखी ने कहा कि सब्जी महंगी होने से रसोई का बजट बढ़ गया है। परिवार में छह लोग हो तो रोजाना एक किलो सब्जी खरीदनी पड़ती है। महंगी सब्जी के कारण सब्जी खरीदने में कटौती करनी पड़ रही है। सब्जी के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, हरी सब्जियों पर इतने दाम तो नहीं बढ़ने चाहिए।
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बारिश की वजह से बढ़ी कीमतें : आढ़ती
झज्जर रोड पर स्थित सब्जी मंडी के आढ़ती प्रदीप दलाल का कहना है कि बरसात के कारण सब्जियों के भाव में तेजी आई है। मंडी में लोकल टमाटर की आवक बंद हो गई है और हिमाचल और बंगलूरू से टमाटार की आवक हो रही है। हिमाचल प्रदेश के सोलन, शिमला, सुंदरनगर से टमाटर मंडी में पहुंच रहा है। प्याज की आवक राजस्थान और महाराष्ट्र से शुरू हो गई है, इसी वजह है कि सब्जियां महंगी होने लगी है। यदि पहाड़ों पर आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो टमाटर की कीमत और बढ़ सकती है।
अधिकारी बोले- कालाबाजारी हुई तो रोकने का प्रयास करेंगे
सब्जियों के भाव पर नियंत्रण को लेकर सरकार का कृषि विपणन मंडल और खाद्य आपूर्ति विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं मानते। मार्केट कमेटी सचिव अंजू दलाल का कहना है कि सब्जियों पर नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी मार्केटिंग बोर्ड की नहीं है। बोर्ड का काम मंडी में व्यवस्था बनाए रखना है। यदि कोई सामान की कालाबाजारी करता है तो कमेटी रोकने का प्रयास किया जाएगा। उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार का कहना है कि उनके विभाग का काम दामों में उतार-चढ़ाव को देखने का नहीं है।
सब्जी
फुटकर में रेट( प्रति किलो)
थोक में रेट ( प्रति किलो)
टमाटर
70-80 रुपये
50-60 रुपये
प्याज
45-50 रुपये
35-40 रुपये
बैंगन
55-60 रुपये
40-45 रुपये
पत्ता गोभी 70 रुपये
45-50 रुपये
बड़ा आलू
30 रुपये
20-25 रुपये
फूल गोभी
140 रुपये
80-100 रुपये
घीया
80 रुपये
50-60 रुपये
शिमला मिर्च
140 रुपये
80-100 रुपये
हरी मिर्च
150 रुपये
100-120 रुपये
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