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लड़का होने की दवाई देने के आरोप में 13 हजार रुपये सहित दो गिरफ्तार
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपियों के कब्जे से बरामद किए ओजार।
- फोटो : Jhjhar
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झज्जर। गर्भवती महिलाओं को लड़का होने की दवाई देने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो युवकों को प्रलोभन ग्राहक के माध्यम से दिए गए 15 हजार रुपये में से 13 हजार रुपये सहित काबू किया है। आरोपियों के पास से विभाग की टीम ने औजार व दवाइयां बरामद की हैं। वहीं पुलिस ने पुराना बस स्टैंड के पास उनके क्लीनिक को भी सील कर दिया है। युवकों पर आरोप है कि उनसे शर्तिया लड़का होने की दवाई देने एवज में मोटी रकम वसूलते थे। ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश झज्जर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय पर किया है।
जानकारी के अनुसार जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शहरी क्षेत्र में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो गर्भवती महिलाओं को शर्तिया लड़का होने की दवाई देता है और इसकी एवज में मोटी रकम वसूलता है। इसी सूचना पर विभाग की टीम सक्रिय हुई और उसने सूचना के आधार पर मिले एक मोबाइल फोन नंबर पर जब संपर्क किया तो फोन पर ही दूसरी तरफ से युवक ने अपना नाम नरेश पुत्र मुख्त्यार सिंह निवासी महराना बताया। नरेश ने बताया कि उसका झज्जर बस स्टैंड के पास ही एक क्लीनिक है। विभाग की टीम ने एक प्रलोभन ग्राहक महिला को तैयार किया और उसने नरेश से फोन पर संपर्क कर लड़का पैदा होने की दवाई व उसकी एवज में दिए जाने वाले पैसों के बारे मेें पूछा। नरेश ने प्रलोभन ग्राहक को बताया कि उसका एक परिचित है और वह उसे अपने क्लीनिक में ही बुलाकर लड़का होने की दवाई दिलवा देगा। बदले मेें उसे 15 हजार रुपये देने होंगे। समय होने के बाद प्रलोभन ग्राहक पुराना बस स्टैंड पर पहुंची और उसी दौरान नरेश की एक कार आकर रुकी। थोड़ी ही देर में एक अन्य कार भी वहां पर पहुंची। उसमें भी एक व्यक्ति बैठा हुआ था। दोनों ने प्रलोभन ग्राहक से संपर्क किया और दवाई के बदले में उससे 15 हजार रुपये ले लिए इशारा मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पुलिस के साथ पहुंच गई और नरेश व दूसरे व्यक्ति को भी काबू कर उसके पास से 10 हजार बरामद कर लिए। इस व्यक्ति ने अपना नाम संजीव पुत्र लालाचंद निवासी पर्वतीय कॉलोनी फरीदाबाद बताया और कहा कि हाल में वह पड़ोस के गांव रामपुरा में रहता। दूसरे आरोपी नरेश के पास से भी टीम को तीन हजार रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी के क्लीनिक को सील कर दिया है। वहीं उनकी दोनों कारें व उसमें से बरामद हुई दवाइयां व औजार भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये रहे टीम में शामिल
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गठित की गई टीम में पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. ममता, डॉ. सुनीता देवी एमओ माछरौली, अजय कुमार, अनिल कुमार, प्रदीप कुमार को शामिल किया गया था। यह टीम 19 जून से इस मामले पर नजर बनाए हुए थी। टीम ने बुधवार की सुबह दोनों आरोपियों को काबू करने में सफलता पाई है।
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सिविल सर्जन को मिली सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गर्भवती महिलाओं को शर्तिया लड़का होने की दवाई देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। काफी दवाइयां, औजार आदि भी बरामद किए हैं। क्लीनिक को सील कर आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है।
- डॉ. ममता, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।
आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- नरसिंह, थाना प्रभारी, झज्जर।
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जानकारी के अनुसार जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शहरी क्षेत्र में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो गर्भवती महिलाओं को शर्तिया लड़का होने की दवाई देता है और इसकी एवज में मोटी रकम वसूलता है। इसी सूचना पर विभाग की टीम सक्रिय हुई और उसने सूचना के आधार पर मिले एक मोबाइल फोन नंबर पर जब संपर्क किया तो फोन पर ही दूसरी तरफ से युवक ने अपना नाम नरेश पुत्र मुख्त्यार सिंह निवासी महराना बताया। नरेश ने बताया कि उसका झज्जर बस स्टैंड के पास ही एक क्लीनिक है। विभाग की टीम ने एक प्रलोभन ग्राहक महिला को तैयार किया और उसने नरेश से फोन पर संपर्क कर लड़का पैदा होने की दवाई व उसकी एवज में दिए जाने वाले पैसों के बारे मेें पूछा। नरेश ने प्रलोभन ग्राहक को बताया कि उसका एक परिचित है और वह उसे अपने क्लीनिक में ही बुलाकर लड़का होने की दवाई दिलवा देगा। बदले मेें उसे 15 हजार रुपये देने होंगे। समय होने के बाद प्रलोभन ग्राहक पुराना बस स्टैंड पर पहुंची और उसी दौरान नरेश की एक कार आकर रुकी। थोड़ी ही देर में एक अन्य कार भी वहां पर पहुंची। उसमें भी एक व्यक्ति बैठा हुआ था। दोनों ने प्रलोभन ग्राहक से संपर्क किया और दवाई के बदले में उससे 15 हजार रुपये ले लिए इशारा मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पुलिस के साथ पहुंच गई और नरेश व दूसरे व्यक्ति को भी काबू कर उसके पास से 10 हजार बरामद कर लिए। इस व्यक्ति ने अपना नाम संजीव पुत्र लालाचंद निवासी पर्वतीय कॉलोनी फरीदाबाद बताया और कहा कि हाल में वह पड़ोस के गांव रामपुरा में रहता। दूसरे आरोपी नरेश के पास से भी टीम को तीन हजार रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी के क्लीनिक को सील कर दिया है। वहीं उनकी दोनों कारें व उसमें से बरामद हुई दवाइयां व औजार भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ये रहे टीम में शामिल
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गठित की गई टीम में पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. ममता, डॉ. सुनीता देवी एमओ माछरौली, अजय कुमार, अनिल कुमार, प्रदीप कुमार को शामिल किया गया था। यह टीम 19 जून से इस मामले पर नजर बनाए हुए थी। टीम ने बुधवार की सुबह दोनों आरोपियों को काबू करने में सफलता पाई है।
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सिविल सर्जन को मिली सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गर्भवती महिलाओं को शर्तिया लड़का होने की दवाई देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। काफी दवाइयां, औजार आदि भी बरामद किए हैं। क्लीनिक को सील कर आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है।
- डॉ. ममता, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।
आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- नरसिंह, थाना प्रभारी, झज्जर।