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Jhajjar-Bahadurgarh News: गांव गुभाना में शहीद मंगल पांडे को किया नमन
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-फोटो 58 : शहीद मंगल पांडे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करते ग्रामीण। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। ग्रामीणों ने गांव गुभाना स्थित लोकहित पुस्तकालय में शहीद मंगल पांडे की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने बताया कि कि मंगल पांडे का जन्म भारत के उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव के ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे था। ब्राह्मण होने के कारण मंगल पांडे सन 1849 में 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 34वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। मंगल पांडे एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान में 1984 में एक डाक टिकट जारी किया गया तथा मंगल पांडे द्वारा गाय की चर्बी मिले कारतूस को मुंह से काटने से मना कर दिया था, इस कारण उन्हें गिरफ्तार कर 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। इस मौके पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, जय भगवान प्रधान, पहलवान रामकुमार, सतबीर कौशिक, योगेश, दीपक व फूल कुमार सहित समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया
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बहादुरगढ़। ग्रामीणों ने गांव गुभाना स्थित लोकहित पुस्तकालय में शहीद मंगल पांडे की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने बताया कि कि मंगल पांडे का जन्म भारत के उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव के ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे था। ब्राह्मण होने के कारण मंगल पांडे सन 1849 में 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 34वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। मंगल पांडे एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान में 1984 में एक डाक टिकट जारी किया गया तथा मंगल पांडे द्वारा गाय की चर्बी मिले कारतूस को मुंह से काटने से मना कर दिया था, इस कारण उन्हें गिरफ्तार कर 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। इस मौके पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, जय भगवान प्रधान, पहलवान रामकुमार, सतबीर कौशिक, योगेश, दीपक व फूल कुमार सहित समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया
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