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Jhajjar-Bahadurgarh News: आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से सफेद दाग का इलाज संभव
Sun, 17 Dec 2023 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 17 Dec 2023 11:22 PM IST
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सामान्य अस्पताल परिसर में स्थित पंचकर्म में मरीज की जांच करते हुए चिकित्सक ।
झज्जर। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से सफेद दाग का इलाज संभव है। नए मरीजों में सफेद दाग पर नियंत्रण औषधियों से पाया जा सकता है जबकि पुराने मरीजों का इलाज पंचकर्म से किया जाता है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से मरीज ठीक हो रहे हैं। यह जानकारी सामान्य अस्पताल में आयुर्वेद विभाग की पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. ज्योति ने दी।
उन्होंने बताया कि विरुद्ध आहार विहार, खान-पान से सफेद दाग होता है। इससे हमारी शारीरिक संरचना एवं असंतुलित हो जाती है। इस रोग में कफ दोष दूषित होकर शरीर की मेद धातु दूषित करके रोग का उत्पाद करते हैं। शुरुआती दिनों में सफेद शरीर पर छोटे-छोटे सफेद चकत्ते पड़ते हैं जो फैलते जाते हैं। सफेद दाग (विटलिगो) मुंह, कलाई, घुटने, सिर पर दिखाई देती है। सफेद दाग होना अनुवांशिक बीमारी नहीं है। यह कभी भी किसी को खान-पान व्यवहार असंतुलित होने से हो सकती है।
उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में नए मरीज को दवाई देकर जल्द ही ठीक कर दिया जाता है लेकिन पुराने मरीज के सफेद दाग का इलाज पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से किया जाता है। इसमें मरीज के सफेद दाग पर लेप लगाना, विभिन्न प्रकार के तेल लगाकर, काढ़ा व क्वाथ देकर किया जाता है। रोगी को योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही लेनी चाहिए।
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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति प्राचीन पद्धति है इस चिकित्सा पद्धति से असाध्य रोगों को ठीक किया जा रहा है। लाखों खर्च करने के बाद मरीज आयुर्वेद चिकित्सा अपनाकर बीमारी से छुटकारा पा रहे हैं।-डॉ. इंद्रजीत रोहिल्ला, जिला आयुष अधिकारी, झज्जर।
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उन्होंने बताया कि विरुद्ध आहार विहार, खान-पान से सफेद दाग होता है। इससे हमारी शारीरिक संरचना एवं असंतुलित हो जाती है। इस रोग में कफ दोष दूषित होकर शरीर की मेद धातु दूषित करके रोग का उत्पाद करते हैं। शुरुआती दिनों में सफेद शरीर पर छोटे-छोटे सफेद चकत्ते पड़ते हैं जो फैलते जाते हैं। सफेद दाग (विटलिगो) मुंह, कलाई, घुटने, सिर पर दिखाई देती है। सफेद दाग होना अनुवांशिक बीमारी नहीं है। यह कभी भी किसी को खान-पान व्यवहार असंतुलित होने से हो सकती है।
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उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में नए मरीज को दवाई देकर जल्द ही ठीक कर दिया जाता है लेकिन पुराने मरीज के सफेद दाग का इलाज पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से किया जाता है। इसमें मरीज के सफेद दाग पर लेप लगाना, विभिन्न प्रकार के तेल लगाकर, काढ़ा व क्वाथ देकर किया जाता है। रोगी को योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही लेनी चाहिए।
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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति प्राचीन पद्धति है इस चिकित्सा पद्धति से असाध्य रोगों को ठीक किया जा रहा है। लाखों खर्च करने के बाद मरीज आयुर्वेद चिकित्सा अपनाकर बीमारी से छुटकारा पा रहे हैं।-डॉ. इंद्रजीत रोहिल्ला, जिला आयुष अधिकारी, झज्जर।