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बायो रिमेडिएशन चैनल में ट्रीट करके ड्रेन में डाला जाने वाला साफ पानी यमुना में पहुंचेगा
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Treated in the bio remediation channel, the clean water that enters the drain will reach the Yamuna.
- फोटो : Bahadurgarh
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को साफ करके अब ड्रेन में डाला जाएगा। इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के छोटूराम नगर में बायो रिमेडिएशन चैनल बनाया गया है। इससे ड्रेन में डाला जाने वाला साफ पानी दिल्ली में यमुना में पहुंचेगा। खास बात यह है कि इस चैनल में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की टीम द्वारा जैव पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद पानी और ज्यादा ट्रीट होने के बाद ही ड्रेन में जाएगा। इससे ड्रेन में गंदगी रुकेगी और आसपास का वातावरण भी खराब नहीं होगा।
वार्ड-10 के अंतर्गत आने वाले छोटूराम नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। इसमें गंदे पानी को उपचार के बाद ही ड्रेन में डाला जाएगा। छोटूराम नगर में बने इस चैनल की लंबाई 192 फुट और चौड़ाई 20 फुट है। जबकि इसकी गहराई साढ़े तीन फुट है। इसमें सीवरेज का पानी पहुंचेगा तो उसे ट्रीट करके ड्रेन में डाला जाएगा। इसके बाद यह पानी दिल्ली में यमुना में पहुंचेगा। पानी को और साफ करने के लिए भी जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मशक्कत की जा रही है। फिलहाल 30 बीओडी (जैविक ऑक्सीजन मांग) का पानी बहादुरगढ़ ड्रेन में जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही यहां पर जैव पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद 30 बीओडी से घटकर पानी 20 बीओडी पर आ जाएगा।
जैविक उपचार चैनल में लगाए जाएंगे पौधे
बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर में बन रहे जैविक उपचार चैनल (बायो रिमेडिएशन चैनल) में छोटे-छोटे पत्थर डाले जाएंगे और उसके बाद यहां पर जैव पौधे लगाए जाएंगे। इससे पानी की ट्रीट करने की क्षमता बढ़ जाएगी और काफी साफ पानी ड्रेन में पहुंचेगा।
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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की टीम लगाएगी पौधे
दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. अब्दुल हमीद की टीम द्वारा छोटूराम नगर में बने बायो रिमेडिएशन चैनल में जल्द ही जैव पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद पानी और ज्यादा साफ हो जाएगा।
ड्रेन के जरिये साफ पानी पहुंचेगा यमुना में : रोहिल्ला
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला ने बताया कि छोटूराम नगर में बने बायो रिमेडिएशन चैनल के जरिये सीवेज पानी को साफ करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल 30 बीओडी क्षमता का पानी ड्रेन में डाला जा रहा है। जैव पौधे लगने के बाद इसकी क्षमता काफी नीचे आ जाएगी और साफ पानी ड्रेन में डाला जाएगा।
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वार्ड-10 के अंतर्गत आने वाले छोटूराम नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। इसमें गंदे पानी को उपचार के बाद ही ड्रेन में डाला जाएगा। छोटूराम नगर में बने इस चैनल की लंबाई 192 फुट और चौड़ाई 20 फुट है। जबकि इसकी गहराई साढ़े तीन फुट है। इसमें सीवरेज का पानी पहुंचेगा तो उसे ट्रीट करके ड्रेन में डाला जाएगा। इसके बाद यह पानी दिल्ली में यमुना में पहुंचेगा। पानी को और साफ करने के लिए भी जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मशक्कत की जा रही है। फिलहाल 30 बीओडी (जैविक ऑक्सीजन मांग) का पानी बहादुरगढ़ ड्रेन में जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही यहां पर जैव पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद 30 बीओडी से घटकर पानी 20 बीओडी पर आ जाएगा।
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जैविक उपचार चैनल में लगाए जाएंगे पौधे
बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर में बन रहे जैविक उपचार चैनल (बायो रिमेडिएशन चैनल) में छोटे-छोटे पत्थर डाले जाएंगे और उसके बाद यहां पर जैव पौधे लगाए जाएंगे। इससे पानी की ट्रीट करने की क्षमता बढ़ जाएगी और काफी साफ पानी ड्रेन में पहुंचेगा।
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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की टीम लगाएगी पौधे
दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. अब्दुल हमीद की टीम द्वारा छोटूराम नगर में बने बायो रिमेडिएशन चैनल में जल्द ही जैव पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद पानी और ज्यादा साफ हो जाएगा।
ड्रेन के जरिये साफ पानी पहुंचेगा यमुना में : रोहिल्ला
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला ने बताया कि छोटूराम नगर में बने बायो रिमेडिएशन चैनल के जरिये सीवेज पानी को साफ करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल 30 बीओडी क्षमता का पानी ड्रेन में डाला जा रहा है। जैव पौधे लगने के बाद इसकी क्षमता काफी नीचे आ जाएगी और साफ पानी ड्रेन में डाला जाएगा।