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Jhajjar-Bahadurgarh News: श्रम कानूनों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने किया प्रदर्शन

Thu, 27 Nov 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 27 Nov 2025 02:31 AM IST
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Trade unions protest against labour laws
26jjrp03- ट्रेड यूनियन के आह्वान पर श्रम कानूनों के ​खिलाफ प्रतियां जलाते वि​भिन्न संगठनों के स
झज्जर। केंद्रीय ट्रेड यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर देश में चार लेबर कोड लागू करने के खिलाफ कर्मचारी संगठनों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद लघु सचिवालय के बाहर झज्जर-गुरुग्राम रोड पर लेबर कोड की प्रतियाें को आग के हवाले किया। इससे पहले पार्क में धरना प्रदर्शन किया गया, जिसकी अध्यक्षता दिलबाग दलाल, सुरेंद्र सिवाच, मुकेश ने जबकि संचालन किरण व शिवम ने की।
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प्रदर्शन के बाद नायब तहसीलदार अशोक कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वक्ताओं ने कहा कि चार लेबर कोड लाकर 29 श्रम कानून को खत्म कर दिया है। भाजपा सरकार ने यह फैसला देश और दुनिया के पूंजीपतियों के हित में लिया है। श्रम कानूनों में मजदूरों को जो मामूली राहत मिल जाती थी, 21 नवंबर से इन श्रम संहिता को लागू करके उनको भी समाप्त कर दिया है।
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श्रम संहिताएं लॉकडाउन के टाइम में धोखे से पास कराई गई थी। ट्रेड यूनियनों के बार-बार विरोध करने व आंदोलनों से सरकार इसे लागू करने से बच रही थी, लेकिन बिहार चुनाव के बाद 21 नवंबर से इसे लागू करने का निर्णय लिया है। इससे मजदूर वर्ग में आक्रोश है। सरकार सरकारी विभागों को कोड़ियों के भाव देश के पूंजीपतियों को बेचती जा रही है।
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आज पूंजीवाद खुद ही बाजार के संकट से चरमराया हुआ है, इसलिए पूंजीपति संकट का सारा बोझ श्रम कानून को संशोधन करके आम वर्कर पर डाल रहा है। नए श्रम कोड में ड्यूटी 12 घंटे की जा रही है। 300 से नीचे फैक्टरी में काम करने वाले वर्करों को मालिक जब चाहेगा, तब नौकरी से निकाल देगा। महिलाओं को भी रात में ड्यूटी करने का कानून बना दिया गया है जबकि वह दिन में भी सुरक्षित नहीं है।

फैक्टरी में ठेकेदार पर 20 वर्कर तक रजिस्ट्रेशन करने का नियम था, अब उसको 50 कर दिया है। इस अवसर पर किरण, प्रवेश, संदीप मारौत, मुकेश, दिलबाग दलाल, प्रवेश मातनहेल, जगबीर, सुरेंद्र, रमेश जाखड़, सुरेंद्र सिवाच, नरेश कुमार, अफलातून जाखड़ मौजूद रहे।
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