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Jhajjar-Bahadurgarh News: आज होगा आमलकी एकादशी पर्व, विधिवत पूजा अर्चना से मनेगी एकादशी
Mon, 10 Mar 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:40 AM IST
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बादली। फाल्गुन माह की एकादशी 10 मार्च को मनाई जाएगी। एकादशी को लेकर मंदिरों में तैयारियों शुरू हो गई है। आमलकी एकादशी शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष के 11वें दिन मनाई जाती है, जिस दिन व्रत करना पावन माना जाता है।
हिंदु धर्म में एकादशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। आमलकी एकादशी पर भक्त कठोर उपवास रखते हैं और विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। विष्णु पुराण के अनुसार, इस तिथि पर चावल खाने से घर में दरिद्रता आती है। पंडित अमितचार्य कौशिक के अनुसार प्रचलित पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि जगत जननी के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपने शरीर का त्याग कर दिया था और उनके अंश पृथ्वी में समा गए और बाद में उसी स्थान पर चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए, जब महर्षि मेधा का अंश धरती में समाया था। उस दिन एकादशी तिथि थी। हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 09 मार्च को रात 07 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 10 मार्च को सुबह 07 बजकर 44 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए 10 मार्च को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
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हिंदु धर्म में एकादशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। आमलकी एकादशी पर भक्त कठोर उपवास रखते हैं और विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। विष्णु पुराण के अनुसार, इस तिथि पर चावल खाने से घर में दरिद्रता आती है। पंडित अमितचार्य कौशिक के अनुसार प्रचलित पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि जगत जननी के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपने शरीर का त्याग कर दिया था और उनके अंश पृथ्वी में समा गए और बाद में उसी स्थान पर चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए, जब महर्षि मेधा का अंश धरती में समाया था। उस दिन एकादशी तिथि थी। हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 09 मार्च को रात 07 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 10 मार्च को सुबह 07 बजकर 44 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए 10 मार्च को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
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