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Jhajjar-Bahadurgarh News: तीन पीढ़ियों से देशसेवा...अब विशाल बने फ्लाइंग ऑफिसर
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16jjrp04- विशाल जाखड़ को सम्मानित करते हुए ग्रामीण। स्रोत-ग्रामीण
साल्हावास। धनिरवास निवासी नवनियुक्त फ्लाइंग ऑफिसर विशाल जाखड़ (25) के गांव लौटने पर मंगलवार को ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। डेढ़ साल पहले ही फ्लाइंग ऑफिसर बने विशाल ने 14 दिसंबर को प्रशिक्षण पूरा किया है। फ्लाइंग ऑफिसर बनने की खुशी में उनके सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया।
विशाल जाखड़ ने जबलपुर आर्मी स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की है। उन्होंने द्वारका दिल्ली से 12वीं की परीक्षा पास की और दिल्ली से ही उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है। वह अपने परिजनों से प्रेरित होकर ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनके परदादा जगराम जो अंग्रेजों के जमाने की कैनेडियन इन्फेंट्री सेना में कार्यरत रहे हैं।
दादा कर्ण सिंह आर्मी में रहे हैं। पिता अनिल जाखड़ ग्रेनेडियर्स में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। विशाल चौथी पीढ़ी के युवा हैं। उन्होंने दादा कैप्टन रण सिंह जाखड़ और कर्ण सिंह जाखड़ को प्ररेणास्रोत बताया है।
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परिजनों का सेना में योगदान
विशाल जाखड़ के ताऊ सूबेदार अशोक कुमार, सूबेदार अजीत सिंह, सुदेश जाखड़ (भारतीय नौसेना), आदेश कुमार (ईएमई) में रहें हैं। उनके ताऊ संजय राजस्थान में हवलदार के पद पर रहे जिन्होंने ऑन ड्यूटी अपनी शहादत दी है। चचेरे भाई विकास जाखड़ मेट्रो स्टेशन में कंट्रोलर है जबकि दूसरे चचेरे भाई प्रवेश ईपीएफओ में सेक्शन ऑफिसर हैं। उनके छोटे भाई विवेक जाखड़ रशिया से एमबीबीएस कर रहे हैं।
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विशाल जाखड़ ने जबलपुर आर्मी स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की है। उन्होंने द्वारका दिल्ली से 12वीं की परीक्षा पास की और दिल्ली से ही उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है। वह अपने परिजनों से प्रेरित होकर ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनके परदादा जगराम जो अंग्रेजों के जमाने की कैनेडियन इन्फेंट्री सेना में कार्यरत रहे हैं।
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दादा कर्ण सिंह आर्मी में रहे हैं। पिता अनिल जाखड़ ग्रेनेडियर्स में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। विशाल चौथी पीढ़ी के युवा हैं। उन्होंने दादा कैप्टन रण सिंह जाखड़ और कर्ण सिंह जाखड़ को प्ररेणास्रोत बताया है।
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परिजनों का सेना में योगदान
विशाल जाखड़ के ताऊ सूबेदार अशोक कुमार, सूबेदार अजीत सिंह, सुदेश जाखड़ (भारतीय नौसेना), आदेश कुमार (ईएमई) में रहें हैं। उनके ताऊ संजय राजस्थान में हवलदार के पद पर रहे जिन्होंने ऑन ड्यूटी अपनी शहादत दी है। चचेरे भाई विकास जाखड़ मेट्रो स्टेशन में कंट्रोलर है जबकि दूसरे चचेरे भाई प्रवेश ईपीएफओ में सेक्शन ऑफिसर हैं। उनके छोटे भाई विवेक जाखड़ रशिया से एमबीबीएस कर रहे हैं।