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बाबा प्रसाद गिरि मंदिर में शुरू हुआ तीन दिवसीय वार्षिकोत्सवगे पंखे
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झज्जर। बाबा प्रसाद गिरि महाराज के मंदिर में 49 वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। होली पर मंदिर परिसर में हवन यज्ञ व भंडारे के साथ सालाना उत्सव की शुरूआत होती है। जिसमें हजारों साधु, संत-महात्मा व बाबा के भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं। परंपरा के अनुसार बाबा की समाधि पर दुल्हेंडी के दिन पंखे भी चढ़ाए जाते हैं। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर में पूजा अर्चना के लिए भक्त आने लगेंगे। शनिवार को भंडारे के साथ साधुओं को दान दक्षिणा देकर विदा किया जाएगा।
श्री महंत परमानंद गिरि ने कहा कि बाबा प्रसाद गिरि महाराज की कृपा के कारण ही प्रतिवर्ष विराट संत-सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। बाबा प्रसाद गिरि महाराज की समाधि के प्रति लोगों की विशेष आस्था है। यही कारण है कि वार्षिकोत्सव में हरियाणा प्रदेश के अलावा भी अन्य राज्यों से श्रद्धालु आते हैं। संत सम्मेलन की सफलता के लिए वे सभी संत-महात्माओं, बाबा के भक्तों व कार सेवा कराने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हैं। झज्जर शहर के लिए बाबा प्रसाद गिरि महाराज का वार्षिकोत्सव किसी धार्मिक उत्सव से कम नहीं होता है। राम नाम की चर्चा के अलावा भजनों का रसपान भी श्रद्धालुओं को कराया जाता है। तीन दिन तक शहर में हजारों महात्माओं के दर्शन से लोग सुखद अहसास करते हैं।
बाबा प्रसाद गिरि सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में विशाल सत्संग समारोह का आयोजन किया जा रहा है। महंत परमानंद गिरि ने कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। क्योंकि पहली पूज्यनीय माता होती है जो नौ माह पीड़ा सहकर हमें जन्म देती है। उसके बाद नंबर आता है पिता का जो पैदा होते ही हमारे भरण पोषण की जिम्मेदारी उठाता है। अपनों से बड़ों का आदर करने से हमें जो आशीर्वाद मिलता है उसका जीवन में काफी लाभ होता है। इस दौरान ओमप्रकाश सोनी, रामनारायण निर्मोही, पंडित नरेंद्र, उपेंद्र कृष्ण शास्त्री के भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस मौके पर भजन संध्या का शुभारंभ श्रीमहंत परमानंद गिरि ने दीप जलाकर किया। देर रात तक चली भजन संध्या में श्रद्धालु भजनों का आनंद लेते रहे। पिछले वर्ष बाबा प्रसाद गिरि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से साढ़े तीन सौ से ज्यादा पंखे चढ़ाए गए थे।
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कूलर, एसी तक चढ़ाते हैं श्रद्धालु
जिन श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी होती हैं वे मंदिर में छत वाले पंखे, फर्राटा पंखे, कूलर, एसी तक चढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष पहुंचते हैं। ज्यादा संख्या में पंखे आने पर मंदिर प्रबंधन की ओर से पंखों को गरीब कन्याओं की शादियों, आश्रमों, गौशालाओं व अन्य धार्मिक स्थानों पर दे दिया जाता है। होली के पर्व पर बाबा प्रसाद गिरि महाराज के मंदिर में पंजाब, दिल्ली, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र आदि राज्यों से श्रद्धालु आते हैं।
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श्री महंत परमानंद गिरि ने कहा कि बाबा प्रसाद गिरि महाराज की कृपा के कारण ही प्रतिवर्ष विराट संत-सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। बाबा प्रसाद गिरि महाराज की समाधि के प्रति लोगों की विशेष आस्था है। यही कारण है कि वार्षिकोत्सव में हरियाणा प्रदेश के अलावा भी अन्य राज्यों से श्रद्धालु आते हैं। संत सम्मेलन की सफलता के लिए वे सभी संत-महात्माओं, बाबा के भक्तों व कार सेवा कराने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हैं। झज्जर शहर के लिए बाबा प्रसाद गिरि महाराज का वार्षिकोत्सव किसी धार्मिक उत्सव से कम नहीं होता है। राम नाम की चर्चा के अलावा भजनों का रसपान भी श्रद्धालुओं को कराया जाता है। तीन दिन तक शहर में हजारों महात्माओं के दर्शन से लोग सुखद अहसास करते हैं।
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बाबा प्रसाद गिरि सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में विशाल सत्संग समारोह का आयोजन किया जा रहा है। महंत परमानंद गिरि ने कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। क्योंकि पहली पूज्यनीय माता होती है जो नौ माह पीड़ा सहकर हमें जन्म देती है। उसके बाद नंबर आता है पिता का जो पैदा होते ही हमारे भरण पोषण की जिम्मेदारी उठाता है। अपनों से बड़ों का आदर करने से हमें जो आशीर्वाद मिलता है उसका जीवन में काफी लाभ होता है। इस दौरान ओमप्रकाश सोनी, रामनारायण निर्मोही, पंडित नरेंद्र, उपेंद्र कृष्ण शास्त्री के भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस मौके पर भजन संध्या का शुभारंभ श्रीमहंत परमानंद गिरि ने दीप जलाकर किया। देर रात तक चली भजन संध्या में श्रद्धालु भजनों का आनंद लेते रहे। पिछले वर्ष बाबा प्रसाद गिरि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से साढ़े तीन सौ से ज्यादा पंखे चढ़ाए गए थे।
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जिन श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी होती हैं वे मंदिर में छत वाले पंखे, फर्राटा पंखे, कूलर, एसी तक चढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष पहुंचते हैं। ज्यादा संख्या में पंखे आने पर मंदिर प्रबंधन की ओर से पंखों को गरीब कन्याओं की शादियों, आश्रमों, गौशालाओं व अन्य धार्मिक स्थानों पर दे दिया जाता है। होली के पर्व पर बाबा प्रसाद गिरि महाराज के मंदिर में पंजाब, दिल्ली, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र आदि राज्यों से श्रद्धालु आते हैं।