{"_id":"60eb58678ebc3e9e943e3a6a","slug":"three-accused-of-fetal-sex-investigation-gang-arrested-team-of-jhajjar-raided-in-delhi-jhjhar-news-rtk617214821","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रूण लिंग जांच गिरोह के तीन आरोपी काबू, झज्जर की टीम ने दिल्ली में मारा छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रूण लिंग जांच गिरोह के तीन आरोपी काबू, झज्जर की टीम ने दिल्ली में मारा छापा
विज्ञापन
झज्जर। स्वास्थ्य विभाग झज्जर की टीम ने दिल्ली के विकासपुरी में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात कराने वाले गिरोह के के तीन लोगों को काबू किया है। शनिवार को विभाग की टीम ने दिल्ली में छापा मारकर तीनों आरोपियों व उनके वाहनों को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपियों के कब्जे से टीम ने 37,700 रुपये भी बरामद किए हैं।
सिविल सर्जन झज्जर को शनिवार को सूचना मिली थी कि हरियाणा के आसपास अन्य राज्यों में एक भ्रूण लिंग जांच गिरोह सक्रिय है। इस पर सिविल सर्जन ने डॉ. ममता पंडित, नोडल अधिकारी पीएनडीटी, डॉ. संदीप एमओ पीएचसी दुजाना, डॉ. हेमंत सीएचसी बादली और अन्य लॉजिस्टिक स्टाफ की टीम गठित की। उन्होंने बताया कि यह जानकारी दिल्ली राज्य से संबंधित थी। दिल्ली के मायापुरी इलाके में अवैध लिंग जांच और गर्भपात करने की सूचना विभाग को मिली थी। विभाग की टीम ने गिरोह के सदस्यों से संपर्क साधा और टीम ने लिंग जांच कराने के लिए टीम ने 40,000 रुपये में दलाल के साथ समझौता किया। एक गर्भवती महिला ग्राहक के रूप में तैयार किया। डॉ. ममता ने बताया कि मायापुरी इलाके दिल्ली में आप का सहारा क्लिनिक की मालकिन डॉ. दिव्या सक्सेना ने गर्भवती महिला को 40 हजार रुपये नकद लेकर दिल्ली बुलाया। टीम ने 40 हजार रुपये के सूचीबद्ध नोट गर्भवती महिला को सौंपे। टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय झज्जर से माया पुरी में 10 बजे पहुंची, जहां दिव्या की सहायिका राधेश्याम की पत्नी मंजू आपके सहारा क्लीनिक मायापुरी में मिली और उसने गर्भवती महिला से 40 हजार रुपये लिए। उस दौरान दिव्या गुप्त मुखबिर से संपर्क में थी।
उन्होंने बताया कि महिला को दोपहर 2:30 बजे तक इंतजार करना होगा। विकासपुरी में एक लड़का आएगा, जो उसे लिंग जांच के लिए अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाएगा। दिल्ली के स्थानीय पीएनडीटी अधिकारियों को भी टीम ने सूचित किया और प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की। 2:30 बजे एक पीले रंग की स्कूटी आई और डिकॉय को विकासपुरी सीआर कैंप ले गई, जहां एक और युवक उनके साथ आया, जो गर्भवती महिला को विकासपुरी सी ब्लॉक अल्ट्रासाउंड करने के लिए ले गया। टीम गर्भवती महिला के वाहन का पीछा कर रही थी और सी ब्लॉक विकासपुरी स्थित चिन्मय परमार्थ लैब व अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंची। गर्भवती महिला ने उस क्लिनिक के अंदर प्रवेश किया और कोई फॉर्म एफ भी नहीं भरा गया। वहां पर डॉ. सोनिया नारंग क्लीनिक में मौजूद थीं। टीम बाहर गर्भवती महिला के इशारे का इंतजार कर रही थी। इशारा मिलने के बाद टीम ने क्लीनिक में प्रवेश किया और डॉ. सोनिया नारंग से अपना परिचय दिया। पूछताछ करने पर गर्भवती महिला ने कहा कि डॉ. सोनिया नारंग ने उसका यूएसजी किया और उसने कोई पैसा नहीं लिया और कहा कि बैंगनी रंग की शर्ट वाला लड़का भ्रूण के लिंग का खुलासा करेगा। पूछताछ करने पर डॉ. सोनिया नारंग ने कहा कि वह इस क्लीनिक की निदेशक है और उन्होंने कोई अल्ट्रासाउंड नहीं किया है। टीम ने दलाल मंजू, जमुना प्रसाद और हरप्रीत को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
टीम ने हर्षप्रीत के पास से 200 और मंजू के पास से 13000 और जमुना प्रसाद से 24500 रुपये की राशि बरामद की। टीम ने स्थानीय पीएनडीटी प्राधिकरण व कार्यपालक मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर केंद्र का निरीक्षण किया। टीम ने पीएनडीटी के डीवीआर व अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए। वहीं दिल्ली की टीम ने मशीनों को भी सील कर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और आरोपियों व उनके वाहनों को पुलिस को सौंप दिया गया। यह क्लीनिक डॉ. सुभाष नारंग के नाम पर पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर था। दिल्ली की टीम ने मामले की आगे की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है।
- डॉ. ममता, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।
विज्ञापन
सिविल सर्जन झज्जर को शनिवार को सूचना मिली थी कि हरियाणा के आसपास अन्य राज्यों में एक भ्रूण लिंग जांच गिरोह सक्रिय है। इस पर सिविल सर्जन ने डॉ. ममता पंडित, नोडल अधिकारी पीएनडीटी, डॉ. संदीप एमओ पीएचसी दुजाना, डॉ. हेमंत सीएचसी बादली और अन्य लॉजिस्टिक स्टाफ की टीम गठित की। उन्होंने बताया कि यह जानकारी दिल्ली राज्य से संबंधित थी। दिल्ली के मायापुरी इलाके में अवैध लिंग जांच और गर्भपात करने की सूचना विभाग को मिली थी। विभाग की टीम ने गिरोह के सदस्यों से संपर्क साधा और टीम ने लिंग जांच कराने के लिए टीम ने 40,000 रुपये में दलाल के साथ समझौता किया। एक गर्भवती महिला ग्राहक के रूप में तैयार किया। डॉ. ममता ने बताया कि मायापुरी इलाके दिल्ली में आप का सहारा क्लिनिक की मालकिन डॉ. दिव्या सक्सेना ने गर्भवती महिला को 40 हजार रुपये नकद लेकर दिल्ली बुलाया। टीम ने 40 हजार रुपये के सूचीबद्ध नोट गर्भवती महिला को सौंपे। टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय झज्जर से माया पुरी में 10 बजे पहुंची, जहां दिव्या की सहायिका राधेश्याम की पत्नी मंजू आपके सहारा क्लीनिक मायापुरी में मिली और उसने गर्भवती महिला से 40 हजार रुपये लिए। उस दौरान दिव्या गुप्त मुखबिर से संपर्क में थी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि महिला को दोपहर 2:30 बजे तक इंतजार करना होगा। विकासपुरी में एक लड़का आएगा, जो उसे लिंग जांच के लिए अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाएगा। दिल्ली के स्थानीय पीएनडीटी अधिकारियों को भी टीम ने सूचित किया और प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की। 2:30 बजे एक पीले रंग की स्कूटी आई और डिकॉय को विकासपुरी सीआर कैंप ले गई, जहां एक और युवक उनके साथ आया, जो गर्भवती महिला को विकासपुरी सी ब्लॉक अल्ट्रासाउंड करने के लिए ले गया। टीम गर्भवती महिला के वाहन का पीछा कर रही थी और सी ब्लॉक विकासपुरी स्थित चिन्मय परमार्थ लैब व अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंची। गर्भवती महिला ने उस क्लिनिक के अंदर प्रवेश किया और कोई फॉर्म एफ भी नहीं भरा गया। वहां पर डॉ. सोनिया नारंग क्लीनिक में मौजूद थीं। टीम बाहर गर्भवती महिला के इशारे का इंतजार कर रही थी। इशारा मिलने के बाद टीम ने क्लीनिक में प्रवेश किया और डॉ. सोनिया नारंग से अपना परिचय दिया। पूछताछ करने पर गर्भवती महिला ने कहा कि डॉ. सोनिया नारंग ने उसका यूएसजी किया और उसने कोई पैसा नहीं लिया और कहा कि बैंगनी रंग की शर्ट वाला लड़का भ्रूण के लिंग का खुलासा करेगा। पूछताछ करने पर डॉ. सोनिया नारंग ने कहा कि वह इस क्लीनिक की निदेशक है और उन्होंने कोई अल्ट्रासाउंड नहीं किया है। टीम ने दलाल मंजू, जमुना प्रसाद और हरप्रीत को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
टीम ने हर्षप्रीत के पास से 200 और मंजू के पास से 13000 और जमुना प्रसाद से 24500 रुपये की राशि बरामद की। टीम ने स्थानीय पीएनडीटी प्राधिकरण व कार्यपालक मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर केंद्र का निरीक्षण किया। टीम ने पीएनडीटी के डीवीआर व अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए। वहीं दिल्ली की टीम ने मशीनों को भी सील कर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और आरोपियों व उनके वाहनों को पुलिस को सौंप दिया गया। यह क्लीनिक डॉ. सुभाष नारंग के नाम पर पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर था। दिल्ली की टीम ने मामले की आगे की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है।
- डॉ. ममता, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।