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Jhajjar-Bahadurgarh News: इस बार सावन ने खूब भिगोया, 27 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
Sat, 05 Oct 2024 05:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 05 Oct 2024 05:37 AM IST
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झज्जर। इस बार सावन की शुरुआत में ज्यादा बारिश न होने के कारण फसलें सूखने लगी थीं, लेकिन जैसे-जैसे सावन आगे बढ़ा तो जिले की जनता को भिगो गया, लेकिन अक्तूबर की शुरुआत में दिन का तापमान एक बार फिर से बढ़ने लगा है। पिछले तीन दिन से अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री तक है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री तक चल रहा है।
इस बार पूरे सावन में 27 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार झज्जर में मानसून सीजन एक जून से 30 सितंबर तक रहा। इस दौरान मानसून बारिश कुल 482.4 मिलीमीटर हुई, जबकि इस दौरान जिला झज्जर में सामान्य बारिश 380.5 मिलीमीटर होती है, जो 27 प्रतिशत अधिक है। इसका असर फसलों पर भी देखने को मिला।
अधिक बारिश की वजह से धान की फसल को काफी लाभ मिला है। इस बार जिले में एक लाख 53 हजार 125 एकड़ में धान की रोपाई की गई थी। इसी प्रकार से इस बार बाजरा एक लाख 20 हजार एकड़ में बोई गई है, लेकिन सितंबर के अंतिम दिनों में हुई बारिश के चलते बाजरा और कपास की फसल को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद कृषि विभाग को इस बार उत्पादन भी बेहतर होने की उम्मीद है।
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इंसेट
सितंबर में 76 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
इस बार सितंबर में भी जमकर बारिश हुई है। खास तौर पर झज्जर और साल्हावास क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। झज्जर में सितंबर में सामान्य बारिश लगभग 69.4 मिलीमीटर दर्ज की जाती है, लेकिन इस बार सितंबर में 121.9 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है, जो 76 प्रतिशत ज्यादा है।
साल्हावास के कई गांवों में जमा हो गया था पानी
इस बार सितंबर में ज्यादा बारिश होने की वजह से साल्हावास के कई गांवों में पानी जमा हो गया था। गोरिया सहित आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए थे। कई दिनों तक पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। किसानों की फसल भी डूबने से खराब हो गई थी। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की थी।
वर्जन
सितंबर में झज्जर में सामान्य से अधिक बारिश हुई। अक्तूबर में एक बार फिर से दिन का तापमान बढ़ रहा है।-डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
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इस बार पूरे सावन में 27 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार झज्जर में मानसून सीजन एक जून से 30 सितंबर तक रहा। इस दौरान मानसून बारिश कुल 482.4 मिलीमीटर हुई, जबकि इस दौरान जिला झज्जर में सामान्य बारिश 380.5 मिलीमीटर होती है, जो 27 प्रतिशत अधिक है। इसका असर फसलों पर भी देखने को मिला।
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अधिक बारिश की वजह से धान की फसल को काफी लाभ मिला है। इस बार जिले में एक लाख 53 हजार 125 एकड़ में धान की रोपाई की गई थी। इसी प्रकार से इस बार बाजरा एक लाख 20 हजार एकड़ में बोई गई है, लेकिन सितंबर के अंतिम दिनों में हुई बारिश के चलते बाजरा और कपास की फसल को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद कृषि विभाग को इस बार उत्पादन भी बेहतर होने की उम्मीद है।
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सितंबर में 76 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
इस बार सितंबर में भी जमकर बारिश हुई है। खास तौर पर झज्जर और साल्हावास क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। झज्जर में सितंबर में सामान्य बारिश लगभग 69.4 मिलीमीटर दर्ज की जाती है, लेकिन इस बार सितंबर में 121.9 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है, जो 76 प्रतिशत ज्यादा है।
साल्हावास के कई गांवों में जमा हो गया था पानी
इस बार सितंबर में ज्यादा बारिश होने की वजह से साल्हावास के कई गांवों में पानी जमा हो गया था। गोरिया सहित आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए थे। कई दिनों तक पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। किसानों की फसल भी डूबने से खराब हो गई थी। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की थी।
वर्जन
सितंबर में झज्जर में सामान्य से अधिक बारिश हुई। अक्तूबर में एक बार फिर से दिन का तापमान बढ़ रहा है।-डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ